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विजय ने जीतकर बचाई दुर्गा यादव की साख

Mon, 03 May 2021 11:10 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 03 May 2021 11:10 PM IST
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Vijay saved Durga Yadav's credibility by winning
आजमगढ़। पंचायत चुनाव मैदान में उतरे पूर्व मंत्री दुर्गा यादव के बेटे विजय यादव ने मंत्री की प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब रहे जबकी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अपनी पुत्रवधु को जीत दिलाने में नाकाम रहे।
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पंचायत चुनाव में जिला पंचायत सदस्य पद के लिए काफी खींचतान देखने को मिली। जिला पंचायत अध्यक्ष की गरिमामयी कुर्सी के लिए हर राजनीतिक दल सक्रिय नजर आया। जिसका परिणाम रहा कि कई दिग्गज भी मैदान में उतर आए। उनके द्वारा अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए पूरी कोशिश की गई। मतगणना की समाप्ति के बाद कई दिग्गज अपनी प्रतिष्ठा बचाने में कामयाब रहे लेकिन कई दिग्गज अपनी प्रत्याशी को जीत दिलाने में नाकाम रहे। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अपनी पुत्रवधू को जीत दिलाने में नाकाम रहे रहे लेकिन पूर्वमंत्री दुर्गा प्रसाद यादव अपने पुत्र को सेठवल सीट से जीत दिलाने में जरूर कामयाब रहे।
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना का कार्य पूरा हो चुका है। अब पार्टियां समर्थित प्रत्याशियों में से जीते प्रत्याशियों की सूची तैयार करने में जुट गए हैं। भाजपा ने जब पंचायत चुनाव में पूरे दमखम से उतरने का ऐलान किया तो सारी पार्टियां भी मैदान में उतर आई। सपा, बसपा, कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों ने भी जिला पंचायत सदस्य पद के लिए पार्टी द्वारा समर्थित उम्मीदवारों की सूची जारी की। इसका मुख्य उद्देश्य जिला पंचायत अध्यक्ष की गरिमामयी कुर्सी पर कब्जा जमाना था। इस कुर्सी को ध्यान में रखते हुए पार्टियों ने अपने प्रत्याशियों की घोषणा की। एक दो ऐसे मजबूत उम्मीदवार मैदान में उतारे जो इस कुर्सी के मजबूती से दावा कर सकें। बीजेपी ने इसके लिए नंदना सीट से शंकर साव और टहर किशुनदेवपुर सीट से संजय निषाद को मैदान में उतारा था। इन दोनों में शंकर साव चुनाव हारकर मैदान से बाहर हो चुके हैं। लेकिन संजय निषाद ने जीत हासिल की है। इस जीत से उन्होंने अपने पिता विधानसभा चुनाव लड़ चुके कन्हैया निषाद की प्रतिष्ठा को बचाया है। लेकिन भाजपा के ही दिग्गज नेेताओं में शुमार विनोद राय ने अपनी पुत्रवधू ज्योति राय को मैदान में उतारा था। जीत के लिए उन्होंने एंड़ी चोटी का जोर लगाया लेकिन जीत नहीं दिला सके। वहीं अगर सपा की बात करें तो पूर्व मंत्री और सदर विधायक दुर्गा प्रसाद की सेठवल सीट पर प्रतिष्ठा दांव पर लगी थी। इस सीट पर उनके पुत्र पूर्व ब्लाक प्रमुख विजय यादव चुनाव मैदान में थे। लेकिन पूर्व मंत्री ने अपने पुत्र जीत दिलाकर इस सीट से अपनी प्रतिष्ठा को बचा लिया। वहीं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मीरा यादव की ऊसुर कुढ़वा से चुनाव मैदान में थी। इस सीट पर उनके साथ ही सपा के निवर्तमान जिलाध्यक्ष हवलदार यादव की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई थी। लेकिन एक बार फिर उन्होंने इस सीट से जीत हासिल की है।
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