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वीडियो क्लिप ने खोल दी लेखपाल की पोल
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Sat, 25 Nov 2017 11:09 PM IST
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आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील क्षेत्र के चिकसावां गांव निवासी बाबूराम पुत्र जयश्री और बरली पुत्र अर्जुन ने शनिवार को जिलाधिकारी से गुहार लगाई। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल और कानूनगो पर पट्टे की भूमि पर नाम दर्ज कराने में घूस मांगने का आरोप लगाया। साथ ही लेखपाल द्वारा घूस की रकम मांगने की वीडियो भी दिखाई।
इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम मार्टीनगंज को लेखपाल को निलंबित करने का आदेश देते हुए उक्त प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार सदर को जांच अधिकारी नामित किया।
दोनों ने जिलाधिकारी को बताया कि दो जुलाई 1984 को उन्हें कृषि भूमि का आवंटन हुआ। उक्त आवंटन के विरुद्घ आवंटन मंसूखी वाद कुछ लोगों द्वारा दाखिल किया गया था। 28 सितंबर 2009 को मंसूखी वाद अपर जिलाधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया और आवंटन को बहाल रखा गया।
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दोबारा विरोधियों ने दूसरा मंसूखी वाद दाखिल किया। जिसमें जिलाधिकारी के यहां से कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश हो गया। जिसके विरुद्घ हम आवंटी आयुक्त के यहां निगरानी वाद दाखिल किए।
चूंकि एक बार मंसूखी वाद दाखिल होने के बाद दुबारा नहीं दाखिल हो सकता। इसलिए अपर आयुक्त ने 18 सितंबर 2017 को जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया। उक्त आवंटन खतौनी में दर्ज नहीं होने उसे दर्ज कराने के लिए लेखपाल अच्छेलाल के पास गए तो उनके द्वारा 35 हजार रुपये की मांग की गई।
वहीं कानूनगो द्वारा एक लाख 40 हजार रुपये मांगे गए। इस दौरान उन्होंने घूस मांगते लेखपाल की वीडियो क्लिप भी दिखाई। इस पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एसडीएम मार्टीनगंज को लेखपाल अच्छेलाल को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही इस मामले की जांच नायब तहसीलदार सदर अखिलेश कुमार को सौंपी।
मामले की शिकायत मिली है। शिकायकर्ता की ओर से विडियो क्लिप भी दिखाई गई है। लेखपाल के सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मामले की जांच नायब तहसीलदार सदर को सौंपी गई है।
चंद्रभूषण सिंह, एसपी
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इस पर जिलाधिकारी ने एसडीएम मार्टीनगंज को लेखपाल को निलंबित करने का आदेश देते हुए उक्त प्रकरण की जांच के लिए नायब तहसीलदार सदर को जांच अधिकारी नामित किया।
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दोनों ने जिलाधिकारी को बताया कि दो जुलाई 1984 को उन्हें कृषि भूमि का आवंटन हुआ। उक्त आवंटन के विरुद्घ आवंटन मंसूखी वाद कुछ लोगों द्वारा दाखिल किया गया था। 28 सितंबर 2009 को मंसूखी वाद अपर जिलाधिकारी द्वारा निरस्त कर दिया गया और आवंटन को बहाल रखा गया।
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दोबारा विरोधियों ने दूसरा मंसूखी वाद दाखिल किया। जिसमें जिलाधिकारी के यहां से कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश हो गया। जिसके विरुद्घ हम आवंटी आयुक्त के यहां निगरानी वाद दाखिल किए।
चूंकि एक बार मंसूखी वाद दाखिल होने के बाद दुबारा नहीं दाखिल हो सकता। इसलिए अपर आयुक्त ने 18 सितंबर 2017 को जिलाधिकारी के आदेश को निरस्त कर दिया। उक्त आवंटन खतौनी में दर्ज नहीं होने उसे दर्ज कराने के लिए लेखपाल अच्छेलाल के पास गए तो उनके द्वारा 35 हजार रुपये की मांग की गई।
वहीं कानूनगो द्वारा एक लाख 40 हजार रुपये मांगे गए। इस दौरान उन्होंने घूस मांगते लेखपाल की वीडियो क्लिप भी दिखाई। इस पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एसडीएम मार्टीनगंज को लेखपाल अच्छेलाल को निलंबित करने का आदेश दिया। साथ ही इस मामले की जांच नायब तहसीलदार सदर अखिलेश कुमार को सौंपी।
मामले की शिकायत मिली है। शिकायकर्ता की ओर से विडियो क्लिप भी दिखाई गई है। लेखपाल के सस्पेंड करने के आदेश दिए गए हैं। साथ ही मामले की जांच नायब तहसीलदार सदर को सौंपी गई है।
चंद्रभूषण सिंह, एसपी