यूपी चुनाव 2022: क्या आजमगढ़ का नाम बदलकर हो जाएगा आर्यमगढ़? शिवपाल यादव बोले- भाजपा नाम बदलने में माहिर
विधानसभा चुनाव से पूर्व पूर्वांचल के दौरे पर पहुंचे प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने रविवार को आजमगढ़ में भाजपा पर हमला बोला।
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यूपी के आजमगढ़ में शनिवार को राज्य विश्वविद्यालय की आधारशिला रखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह शिक्षण संस्थान सही मायने में जिले को आर्यमगढ़ में बदल देगा। उनके इस बयान के बाद ये चर्चा चली कि सीएम योगी ने आजमगढ़ का नाम बदलने का संकेत दिया है।
वहीं इस मामले पर प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल यादव ने रविवार को कहा कि जहां तक आजमगढ़ का नाम आर्यमगढ़ रखने की बात है तो भाजपा नाम बदलने में माहिर है। काम तो उन्हें करना नहीं है, बस नाम बदलना है। जनता समझ चुकी है। विधानसभा चुनाव में जनता इसका जवाब जरूर देगी।
उन्होंने कहा कि आजमगढ़ राज्य विश्वविद्यालय का नामकरण महाराजा सुहेलदेव के नाम पर करना भाजपा का चुनावी स्टंट है। भाजपा ने राजभर समाज और पासी समाज का वोट लेने के लिए ऐसा किया है। वह रेलवे स्टेशन क्षेत्र स्थित पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हर्षवर्धन अग्रवाल के आवास पर मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
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सपा से विलय पर शिवपाल ने रखी शर्त
प्रसपा प्रमुख ने गठबंधन के सवाल पर कहा कि अखिलेश यादव से बात हुई है। यदि अपनों को सम्मान मिला तो सपा में पार्टी का विलय कर विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ लड़ेंगे और जीत हासिल कर बहुमत की सरकार भी बनाएंगे। हालांकि उन्होंने कहा कि विलय तभी होगा, जब उनकी शर्तों को स्वीकार किया जाएगा।
प्रसपा प्रमुख शिवपाल यादव को अटेवा ने सौंपा ज्ञापन
पुरानी पेंशन बहाली के लिए संघर्षरत संगठन अटेवा का एक प्रतिनिधि मंडल रविवार को जिला मुख्यालय पहुंचे प्रसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव से मिला, इस दौरान उन्हें मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। प्रसपा प्रमुख को सौंपे गए ज्ञापन में जिला सहसंयोजक व ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ जिलाध्यक्ष सीपी यादव ने बताया कि एक अप्रैल 2004 के बाद नियुक्त शिक्षकों कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था समाप्त कर दी गई है।
इसके लिए पूरे देश का शिक्षक, कर्मचारी, अधिकारी वर्ग संघर्ष कर रहा है और आंदोलित है। प्रसपा को पत्रक देकर विस चुनाव में जारी होने वाले घोषणा पत्र में पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे को शामिल करने तथा अपने पार्टी के मंचों तथा मीडिया के प्लेटफार्म से पुरानी पेंशन बहाली की बात रखने की मांग की गई है। जिसको शामिल करने का प्रसपा अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है।