ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021: आजमगढ़ में भाजपा के दो प्रत्याशियों समेत नौ ने छोड़ा मैदान, 22 ब्लॉकों के लिए अब कुल 49 की दावेदारी
यूपी ब्लॉक प्रमुख चुनाव 2021: आजमगढ़ में 22 ब्लॉक प्रमुख के पदों के लिए कुल 58 लोगों ने नामांकन किया था। वहीं अब नाम वापसी के बाद कुल 49 प्रत्याशी मैदान में रह गए है। पांच पदों पर निर्विरोध निर्वाचन तय है।
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आजमगढ़ जिले में ब्लॉक प्रमुख चुनाव को लेकर जोड़तोड़ की राजनीति चरम पर पहुंच चुकी है। जिले में कुल 22 ब्लॉकों के प्रमुख चुनाव के लिए 58 लोगों ने पर्चे दाखिल किए थे। इसमें शुक्रवार को भाजपा के दो उम्मीदवारों से समेत नौ लोगों ने पर्चे वापस ले लिए। नाम वापसी के बाद अब 49 प्रत्याशी मैदान में रह गए है जबकि पांच ब्लाकों में निर्विरोध निर्वाचन हो गया। अब 17 ब्लाकों ही चुनाव की नौबत रह गई है।
बृहस्पतिवार को सभी ब्लॉक मुख्यालयों पर नामांकन हुआ था। भाजपा ने 18 और सपा ने 16 प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। वहीं कुल 24 निर्दल प्रत्याशियों ने भी दावेदारी की है। शुक्रवार को अजमतगढ़ ब्लॉक से भाजपा के मनीष मिश्रा व मिर्जापुर ब्लॉक से भाजपा की ही गीता जायसवाल ने अपना नाम वापस ले लिया।
इसके अलावा मिर्जापुर से ही निर्दल प्रत्याशी रीता व नाजिया ने नाम वापस लिया है। मार्टीनगंज से आशा, मेंहनगर से सुनीता, पल्हनी से कौशिल्या व कोयलसा से इंदू ने दावेदारी छोड़ दी। सभी निर्दल चुनाव लड़ रहे थे। इन नौ प्रत्याशियों के नाम वापसी के बाद कुल 49 प्रत्याशी मैदान में रह गए है।
ज्यादातर सीटों पर सपा व भाजपा के बीच सीधा मुकाबला होगा। पांच सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन हो गया है, जिसमें लालगंज से सपा की अमलादेवी, फूलपुर से सपा की अर्चना यादव, तरवां से भाजपा के मतानु राम, ठेकमा ने निर्दल दुर्गावती देवी व अजमतगढ़ से निर्दल अलका मिश्रा शामिल हैं।
प्रत्याशी पर प्रस्तावक के अपहरण का मुकदमा
पवई ब्लॉक में प्रमुख पद पर नामांकन के दौरान काफी ड्रामा हुआ और अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। पूर्व विधायक श्याम बहादुर यादव ने आरोप लगाया कि सपा प्रत्याशी को नामांकन करने से रोकने से विफल होने पर सपा के प्रस्ताव पर ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सत्ताधारी दल के इशारे पर काम कर रही है और एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया और प्रत्याशी की पत्नी व बेटी को थाने पर बैठा रखा है।
समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व विधायक ने कहा कि पवई के ब्लाक प्रमुख पद पर विधायक अरुण कांत यादव के छोटे भाई वरुण कांत यादव को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। बृहस्पतिवार को उन्होंने इस बात का पूरा प्रयास किया कि सपा प्रत्याशी नामांकन न कर सके। प्रत्याशी व प्रस्तावकों पर हमला किया गया।
इसमें प्रत्याशी ओंकार यादव का सिर फट गया। किसी तरह ओंकार यादव ने पर्चा दाखिल कर दिया तो अब उन पर अपने ही प्रस्तावक के अपहरण का मुकदमा दर्ज करके पुलिस उत्पीड़न करने में लगी है। जिस बीडीसी के अपहरण का आरोप लगाया जा रहा है वह प्रत्याशी के साथ है। प्रत्याशी की तरफ से भी थाने में तहरीर दी गई है लेकिन अब तक उस पर मुकदमा नहीं दर्ज किया गया। आरोप लगाया कि सीओ फूलपुर के निर्देशन में सारी रात प्रत्याशी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी गई। सीओ जितेंद्र कुमार ने दबिश की जानकारी से इंकार किया है।