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गोकुल योजना के तहत 100 ग्रामों में होगा निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान
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आजमगढ़। शासन की ओर जनपद के 100 गांवों का चयन गोकुल योजना के तहत किया गया है। इन गांवों में पशु चिकित्सा विभाग की ओर से घर-घर जाकर 20 हजार गोवंश एवं महिषवंश का निशुल्क कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। इसका उद्देश्य अच्छे नस्ल के मवेशी तैयार करना और दुग्ध उत्पादन को बढावा देना है। देसी नस्ल की गायों और भैंसों में नि:शुल्क कृत्रिम गर्भाधान कार्य शुरू कर दिया गया है। अभी तक 1365 मवेशियों के कृत्रिम गर्भाधान हो चुके हैं।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभी कुछ दिन पूर्व ही इस योजना की मथुरा के गोकुल से राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत 50 फीसदी से कम कृत्रिम गर्भाधान वाले जनपदों का चयन किया गया है। जनपद के100 गांवों का भी चयन किया गया है। इस कार्य में पहले से तैनात पशुमित्र की सहायता भी ली जा रही है। विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ पशुमित्रों के जरिए चयनित गांवों में गाय और भैंस का कृत्रिम गर्भाधान नि:शुल्क कराया जाएगा। प्रत्येक पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान में पशुमित्रों को 50 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा। यदि गर्भाधान से बच्चा हुआ तो 100 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सीमेन की विशेषता होगी कि हरियाणा, थरपाकर, साहीवाल, मुर्रा आदि उच्च नस्ल की बछिया और पड़िया पैदा होगी। देसी गाय व भैंस में कृत्रिम गर्भाधान के जरिए ऐसा करके गांवों के पशु पालकों को आर्थिक रूप से समृद्धशाली बनाने की शासन की मंशा है। दूध का उत्पादन बढ़ाना है।
एक मवेशी का तीन बार हो सकता है गर्भाधान
आजमगढ़। सीवीओ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि यदि किसी मवेशी को पहली बात गर्भाधान के बाद गर्भ नहीं ठहराता तो तीन बार निशुल्क गर्भाधान किया जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से जिले में जहां पशु पालन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा। शासन की मंशा गोवंश और महिषवंश का जेनेटिक अपग्रेडेशन करने की है। दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों की अमदनी में भी बढ़ोत्तरी होगी।
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तीन सौ मिलेगा 1800 का वर्गीकृत सीमेन
आजमग। शासन की ओर से एक अन्य योजना के तहत पशुपालकों को वर्गीकृति सीमेन बी उपलब्ध कराया जाना है। सीवीओ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत 1800 की सीमेन किसानों को मात्र तीन सौ रुपये में मिलेगा। इस सीमेन की खासियत है कि इससे बछिया ही होती है।
204 किसानों ने लिए 371 गोवंश
आजमगढ़। निराश्रित गोवंश की समुचित देखभाल को लेकर जिलाधिकारी की ओर से छुट्टा गोवंश को किसानों को देने की योजना बनाई थी। योजना के तहत एक गोवंश पर उसके रखरखाव के लिए किसानों को 900 रुपये प्रतिमाह की भुगतान भी किया जाना था। योजना के बाद जनपद में 204 किसानों ने 371 गोवंश को गोद दिया है। इन किसानों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अभी कुछ दिन पूर्व ही इस योजना की मथुरा के गोकुल से राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना की शुरुआत की थी। योजना के तहत 50 फीसदी से कम कृत्रिम गर्भाधान वाले जनपदों का चयन किया गया है। जनपद के100 गांवों का भी चयन किया गया है। इस कार्य में पहले से तैनात पशुमित्र की सहायता भी ली जा रही है। विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ पशुमित्रों के जरिए चयनित गांवों में गाय और भैंस का कृत्रिम गर्भाधान नि:शुल्क कराया जाएगा। प्रत्येक पशुओं के कृत्रिम गर्भाधान में पशुमित्रों को 50 रुपये पारिश्रमिक दिया जाएगा। यदि गर्भाधान से बच्चा हुआ तो 100 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सीमेन की विशेषता होगी कि हरियाणा, थरपाकर, साहीवाल, मुर्रा आदि उच्च नस्ल की बछिया और पड़िया पैदा होगी। देसी गाय व भैंस में कृत्रिम गर्भाधान के जरिए ऐसा करके गांवों के पशु पालकों को आर्थिक रूप से समृद्धशाली बनाने की शासन की मंशा है। दूध का उत्पादन बढ़ाना है।
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एक मवेशी का तीन बार हो सकता है गर्भाधान
आजमगढ़। सीवीओ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि यदि किसी मवेशी को पहली बात गर्भाधान के बाद गर्भ नहीं ठहराता तो तीन बार निशुल्क गर्भाधान किया जाएगा। शासन की इस महत्वाकांक्षी योजना से जिले में जहां पशु पालन को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूध का उत्पादन भी बढ़ेगा। शासन की मंशा गोवंश और महिषवंश का जेनेटिक अपग्रेडेशन करने की है। दुग्ध उत्पादन बढ़ने से किसानों की अमदनी में भी बढ़ोत्तरी होगी।
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तीन सौ मिलेगा 1800 का वर्गीकृत सीमेन
आजमग। शासन की ओर से एक अन्य योजना के तहत पशुपालकों को वर्गीकृति सीमेन बी उपलब्ध कराया जाना है। सीवीओ डॉ. वीके सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत 1800 की सीमेन किसानों को मात्र तीन सौ रुपये में मिलेगा। इस सीमेन की खासियत है कि इससे बछिया ही होती है।
204 किसानों ने लिए 371 गोवंश
आजमगढ़। निराश्रित गोवंश की समुचित देखभाल को लेकर जिलाधिकारी की ओर से छुट्टा गोवंश को किसानों को देने की योजना बनाई थी। योजना के तहत एक गोवंश पर उसके रखरखाव के लिए किसानों को 900 रुपये प्रतिमाह की भुगतान भी किया जाना था। योजना के बाद जनपद में 204 किसानों ने 371 गोवंश को गोद दिया है। इन किसानों को पारिश्रमिक का भुगतान किया जा रहा है।