{"_id":"6228f1330f6f7055074c4211","slug":"two-gangster-accused-were-imprisoned-for-five-years-azamgarh-news-vns642473142","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैंगेस्टर के दो आरोपियों को पांच-पांच वर्ष की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैंगेस्टर के दो आरोपियों को पांच-पांच वर्ष की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विशेष न्यायाधीश गैंगेस्टर कोर्ट रामानंद की अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद दो आरोपियों को दोषी पाते हुए पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाकर दंडित किया। साथ ही प्रत्येक को पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। जब कि इस मामले का एक अन्य आरोपी अरविंद सरोज के नाबालिंग होने के कारण उसकी पत्रावली अलग कर दी गई।
मुकदमे के अनुसार सरायमीर थाना प्रभारी तेजबहादुर सिंह पांच अगस्त 2014 को अपने क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। तभी उनको सूचना मिली कि इस थाना क्षेत्र के नंदाव (टिकरिया) निवासी अरविंद सरोज पुत्र राम बचन, मुकेश सरोज पुत्र छोटे लाल और दुर्गेश सरोज पुत्र सरजू गैंग बनाकर लड़कियों के साथ छेडख़ानी और संगठित अपराध करते है। इन तीनों आरोपियों ने 28 मई 2014 को एक नाबालिंग लड़की साथ सामुहिक दुष्कर्म किया था। गैंगेस्टर के इस मामले में पुलिस ने जांच कर तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विनय मिश्रा और अभियोजन अधिकारी संजय कुमार द्विवेदी ने इस मुकदमे के वादी तेजबहादुर सिंह सहित कुल पांच गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद आरोपी मुकेश सरोज, दुर्गेश सरोज को दोषी पाया और पांच-पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का साधारण अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
मुकदमे के अनुसार सरायमीर थाना प्रभारी तेजबहादुर सिंह पांच अगस्त 2014 को अपने क्षेत्र में भ्रमण कर रहे थे। तभी उनको सूचना मिली कि इस थाना क्षेत्र के नंदाव (टिकरिया) निवासी अरविंद सरोज पुत्र राम बचन, मुकेश सरोज पुत्र छोटे लाल और दुर्गेश सरोज पुत्र सरजू गैंग बनाकर लड़कियों के साथ छेडख़ानी और संगठित अपराध करते है। इन तीनों आरोपियों ने 28 मई 2014 को एक नाबालिंग लड़की साथ सामुहिक दुष्कर्म किया था। गैंगेस्टर के इस मामले में पुलिस ने जांच कर तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से इस मुकदमे की पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता विनय मिश्रा और अभियोजन अधिकारी संजय कुमार द्विवेदी ने इस मुकदमे के वादी तेजबहादुर सिंह सहित कुल पांच गवाहों को अदालत में पेश किया और तर्को को रखा। अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष के तर्को को सुनने के बाद आरोपी मुकेश सरोज, दुर्गेश सरोज को दोषी पाया और पांच-पांच वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही पांच-पांच हजार का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड की धनराशि जमा न करने पर आरोपियों को छह-छह माह का साधारण अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन