फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Transparency Act came into force

अधिनियम लागू होने से आई पारदर्शिता

Wed, 28 Sep 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़ Updated Wed, 28 Sep 2016 12:02 AM IST
विज्ञापन
Transparency Act came into force
मंडलायुक्त सभागार में बैठक को संबोधित करते जावेद उस्मानी।
राज्य मुख्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी ने कहा कि सूचना का अधिकार नियमावली-2015 लागू होने से  शासकीय कार्य प्रणाली में पारदर्शिता आई है और व्यवस्था सुधरी है। वे मंगलवार को मंडलायुक्त सभागार में आयोजित जन सूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय प्राधिकारियों की मंडलीय प्रशिक्षण कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।  
विज्ञापन


   उन्होंने कहा कि कार्यशाला में जन सूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के कर्तव्य और अधिकारों की विस्तार से जानकारी दी जाएगी। कश्मीर को छोड़कर पूरे देश में यह अधिनियम प्रभावी है। जो भी व्यक्ति अपने कार्यहित में संबंधित जानकारी विभाग से प्राप्त करना चाहता है तो संबंधित जन सूचना अधिकारी रिपोर्ट उपलब्ध कराएंगे। इस अधिनियम के लागू होने से शासकीय कार्य प्रणाली में पारदर्शिता आई है। विभागों में जो प्रार्थना पत्र लंबित हैं उसका एकमात्र कारण यही है कि जन सूचना अधिकारियों में अज्ञानता थी, जिससे आवेदन पत्रों का निस्तारण नहीं हो पाता था।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि वर्ष 2015 में उप्र सूचना का अधिकार नियमावली बनाई गई है जिसमें आवेदन करने और आवेदन पत्रों के निस्तारण तक की संपूर्ण प्रक्रिया को बहुत ही बारीकी के साथ रेखांकित किया गया है। उन्होंने कहा कि जन सूचना अधिकारी का प्रथम दायित्व नागरिकों को समय से सूचना उपलब्ध कराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यदि अधिनियम व नियमावली के अनुसार देय सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराएंगे तो दंड के भागी होंगे। बिना तर्कसंगत कारणों से यदि आवेदन को निरस्त या अस्वीकृत किया जाता है या जानबूझ कर भ्रामक या अपूर्ण सूचना दी जाती है, या सूचना को नष्ट किया गया या सूचना देने में बाधा उत्पन्न की गयी हो तो धारा 20(1) के तहत 250 रुपये से 25 हजार रुपये तक दंड और धारा 20 (2) के तहत अनुशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। प्रथम अपीलीय की प्रक्रिया में जन सूचना अधिकारी के निर्णय से असंतुष्ट होने की दशा में आवेदक 30 दिनों के भीतर प्रारूप 13 पर प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है। उद्घाटन समारोह में राज्य सूचना आयुक्त पारसनाथ गुप्ता, मंडलायुक्त नीलम अहलावत, जिलाधिकारी सुहास एलवाई, अपर आयुक्त अनिल कुमार मिश्र, पीके श्रीवास्तव, डीडीसी ऋतु सुहास, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) शैलेंद्र सिंह आदि उपस्थित थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed