{"_id":"68584ab2b33facf2fb08aad8","slug":"traffic-police-on-leave-on-sunday-intersections-handed-over-to-home-guards-azamgarh-news-c-258-1-svns1002-133321-2025-06-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Azamgarh News: संडे को ट्रैफिक पुलिस की छुट्टी होमगार्ड के हवाले चौराहे-तिराहे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Azamgarh News: संडे को ट्रैफिक पुलिस की छुट्टी होमगार्ड के हवाले चौराहे-तिराहे
विज्ञापन
आजमगढ़। रविवार को ट्रैफिक पुलिस अघोषित रूप से छुट्टी मनाने लगी है। शायद इसीलिए ज्यादातर प्रमुख चौराहे होमगार्ड के हवाले हो जाते हैं।
रविवार को हमारी टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो यह तथ्य सामने आया। नतीजतन, बाइक और वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे। बिना हेलमेट व तीन सवारी और ओवरलोड वाहनों का बोलबाला रहा, लेकिन कोई रोक-टोक करने वाला नजर नहीं आया।
सुबह से लेकर शाम तक शहर के मुख्य चौराहों जैसे सिविल लाइन, कलेक्ट्री चौराहा, तहसील तिराहा, रेलवे स्टेशन रोड सहित कई जगहों पर यातायात पुलिसकर्मी नहीं दिखे। केवल होमगार्ड ड्यूटी पर तैनात रहे, लेकिन उनके पास कार्रवाई का अधिकार न होने से वे केवल मूकदर्शक बने रहे।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादातर संडे को ट्रैफिक पुलिस तिराहे और चौराहों पर नहीं दिखाई पड़ती है। इससे नियमों का पालन कराने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाती है। बिना हेलमेट के तीन सवारी दो पहिया वाहन पर चलते दिखाई दिए। नियम तोड़ने में महिलाएं भी आगे दिखीं।
विज्ञापन
शहर के रैदोपुर, सिविल लाइन, रोडवेज तिराहा व बवाली मोड़ समेत अन्य स्थानों पर एक जैसी ही स्थिति देखी गई। शहरवासियों ने सवाल उठाए हैं कि क्या ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ कार्यदिवसों में ही जरूरी है। पुलिस की गैरमौजूदगी लापरवाही है।
विज्ञापन
रविवार को हमारी टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो यह तथ्य सामने आया। नतीजतन, बाइक और वाहन चालक नियमों की धज्जियां उड़ाते दिखे। बिना हेलमेट व तीन सवारी और ओवरलोड वाहनों का बोलबाला रहा, लेकिन कोई रोक-टोक करने वाला नजर नहीं आया।
सुबह से लेकर शाम तक शहर के मुख्य चौराहों जैसे सिविल लाइन, कलेक्ट्री चौराहा, तहसील तिराहा, रेलवे स्टेशन रोड सहित कई जगहों पर यातायात पुलिसकर्मी नहीं दिखे। केवल होमगार्ड ड्यूटी पर तैनात रहे, लेकिन उनके पास कार्रवाई का अधिकार न होने से वे केवल मूकदर्शक बने रहे।
विज्ञापन
स्थानीय लोगों का कहना है कि ज्यादातर संडे को ट्रैफिक पुलिस तिराहे और चौराहों पर नहीं दिखाई पड़ती है। इससे नियमों का पालन कराने वाला कोई नहीं होता। ऐसे में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो जाती है। बिना हेलमेट के तीन सवारी दो पहिया वाहन पर चलते दिखाई दिए। नियम तोड़ने में महिलाएं भी आगे दिखीं।
विज्ञापन
शहर के रैदोपुर, सिविल लाइन, रोडवेज तिराहा व बवाली मोड़ समेत अन्य स्थानों पर एक जैसी ही स्थिति देखी गई। शहरवासियों ने सवाल उठाए हैं कि क्या ट्रैफिक नियमों का पालन सिर्फ कार्यदिवसों में ही जरूरी है। पुलिस की गैरमौजूदगी लापरवाही है।