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जाम के नाम रहा गुरुवार
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 05 Feb 2015 11:52 PM IST
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सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आगमन पर जहां जिला प्रशासन कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए एड़ीचोटी का जोर लगाए हुए है,
वहीं गुरुवार की सुबह विभिन्न मांगों को लेकर तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लोगों ने सड़क जाम कर दिया। आजमगढ़-वाराणसी, खरिहानी-चिरैयाकोट और जीयनपुर-अमिला मुख्य मार्ग जाम होने से यातायात बुरी तरह चरमरा गया। जाम नपे प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
बोंगरिया में तरवां थाने के खुटहन गांव निवासी दवा विक्रेता लालजी प्रजापति की दो दिन पूर्व मंगलवार की रात मेहनगर थाने के टोडरपुर गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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घटना के संबंध में तीन नामजद और तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। नाराज गांव के लोगों ने परिवार वालों के साथ गुरुवार की सुबह रासेपुर तिराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
एसओ तरवां प्रदीप चौधरी, एसओ मेहनगर विनोद सोनकर और मेहनाजपुर लल्लू सिंह ने करीब एक घंटे बाद आठ बजे समाप्त कराया।
उधर, देवगांव कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर नेवादा गांव के प्रधान सुभग्गा मौर्या के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई।
इससे नाराज परिवार के लोग और ग्रामीण गुरुवार की सुबह सड़क पर उतर आए। उन्होंने रेतवां चंद्रभानपुर के पास आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
इसमें वाराणसी की तरफ से आ रहे मिर्जापुर एसपी और एएसपी ट्राफिक वाराणसी भी फंस गए। कोतवाल देवगांव ओपी सिंह के दो दिन के भीतर अपहृत प्रधान को ढूंढ निकालने के आश्वासन सुबह दस बजे से लगा जाम करीब दो घंटे बाद समाप्त हुआ।
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वहीं गुरुवार की सुबह विभिन्न मांगों को लेकर तीन अलग-अलग थाना क्षेत्रों में लोगों ने सड़क जाम कर दिया। आजमगढ़-वाराणसी, खरिहानी-चिरैयाकोट और जीयनपुर-अमिला मुख्य मार्ग जाम होने से यातायात बुरी तरह चरमरा गया। जाम नपे प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी।
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बोंगरिया में तरवां थाने के खुटहन गांव निवासी दवा विक्रेता लालजी प्रजापति की दो दिन पूर्व मंगलवार की रात मेहनगर थाने के टोडरपुर गांव में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
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घटना के संबंध में तीन नामजद और तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई। नाराज गांव के लोगों ने परिवार वालों के साथ गुरुवार की सुबह रासेपुर तिराहे पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया।
एसओ तरवां प्रदीप चौधरी, एसओ मेहनगर विनोद सोनकर और मेहनाजपुर लल्लू सिंह ने करीब एक घंटे बाद आठ बजे समाप्त कराया।
उधर, देवगांव कोतवाली क्षेत्र के नरायनपुर नेवादा गांव के प्रधान सुभग्गा मौर्या के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस उसका पता नहीं लगा पाई।
इससे नाराज परिवार के लोग और ग्रामीण गुरुवार की सुबह सड़क पर उतर आए। उन्होंने रेतवां चंद्रभानपुर के पास आजमगढ़-वाराणसी मुख्य मार्ग जाम कर दिया।
इसमें वाराणसी की तरफ से आ रहे मिर्जापुर एसपी और एएसपी ट्राफिक वाराणसी भी फंस गए। कोतवाल देवगांव ओपी सिंह के दो दिन के भीतर अपहृत प्रधान को ढूंढ निकालने के आश्वासन सुबह दस बजे से लगा जाम करीब दो घंटे बाद समाप्त हुआ।