{"_id":"606609c68ebc3ec44635babb","slug":"three-life-imprisonment-for-kidnapping-a-child-and-asking-for-ransom-azamgarh-news-vns582900316","type":"story","status":"publish","title_hn":"बालक के अपहरण और फिरौती मांगने में तीन को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बालक के अपहरण और फिरौती मांगने में तीन को उम्रकैद
विज्ञापन
आजमगढ़। फिरौती की मांग को लेकर पांच वर्षीय बालक के अपहरण किए जाने के मामले में तीन आरोपियों को अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। सजा अपर सत्र न्यायाधीश रवीश कुमार अत्री कोर्ट नंबर तीन की अदालत ने सुनाई।
घटना कंधरापुर थाना क्षेत्र के महराजपुर गांव की है। महराजपुर गांव निवासी नन्हकू यादव ने 22 अगस्त 2013 को स्थानीय थाने में मिरिया गांव निवासी मान सिंह पुत्र लाल चंद यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि आरोपित का मेरे घर पहले से आना-जाना था। घटना के एक दिन शाम पांच बजे वह मेरे घर आया और मैगापुर बनकट गांव निवासी मेरे पांच वर्षीय नाती मनीष उर्फ शिवांक पुत्र चंद्रशेखर यादव को बिस्कुट और टाफी खिलाने के बहाने अनवरगंज बाजार ले जाने लगा। नन्हकू यादव की बेटी अंजू ने ले जाने से मना किया तो कहा कि अभी टाफी खिलाकर ले आता हूं, लेकिन वह बच्चे को लेकर लौटा नहीं। बाद में फिरौती के रूप में 60 हजार रुपये की मांग की। धमकी भी दी कि यदि पुलिस को इसकी सूचना दी गई तो बच्चे से हाथ धोना पड़ जाएगा। मामले में पुलिस ने आरोपी मान सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु की। मान सिंह की गिरफ्तारी के बाद बच्चे को रोडवेज के पास स्थित लॉज से बरामद कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य जिला सुल्तानपुर थाना-कुड़वार के पूरे उदयरामपुर निवासी रामनेवल मौर्य पुत्र दशरथ और उसकी पत्नी अनीता मौर्य का नाम प्रकाश में लाते हुए तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा और प्राइवेट कौसिंल रामनयन पांडेय ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को पेश कर तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
घटना कंधरापुर थाना क्षेत्र के महराजपुर गांव की है। महराजपुर गांव निवासी नन्हकू यादव ने 22 अगस्त 2013 को स्थानीय थाने में मिरिया गांव निवासी मान सिंह पुत्र लाल चंद यादव के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि आरोपित का मेरे घर पहले से आना-जाना था। घटना के एक दिन शाम पांच बजे वह मेरे घर आया और मैगापुर बनकट गांव निवासी मेरे पांच वर्षीय नाती मनीष उर्फ शिवांक पुत्र चंद्रशेखर यादव को बिस्कुट और टाफी खिलाने के बहाने अनवरगंज बाजार ले जाने लगा। नन्हकू यादव की बेटी अंजू ने ले जाने से मना किया तो कहा कि अभी टाफी खिलाकर ले आता हूं, लेकिन वह बच्चे को लेकर लौटा नहीं। बाद में फिरौती के रूप में 60 हजार रुपये की मांग की। धमकी भी दी कि यदि पुलिस को इसकी सूचना दी गई तो बच्चे से हाथ धोना पड़ जाएगा। मामले में पुलिस ने आरोपी मान सिंह के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरु की। मान सिंह की गिरफ्तारी के बाद बच्चे को रोडवेज के पास स्थित लॉज से बरामद कर लिया। साथ ही उसकी निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य जिला सुल्तानपुर थाना-कुड़वार के पूरे उदयरामपुर निवासी रामनेवल मौर्य पुत्र दशरथ और उसकी पत्नी अनीता मौर्य का नाम प्रकाश में लाते हुए तीनों आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
मुकदमे के परीक्षण के दौरान अभियोजन पक्ष की तरफ से पैरवी कर रहे सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा और प्राइवेट कौसिंल रामनयन पांडेय ने वादी समेत कुल आठ गवाहों को पेश कर तर्कों को रखा। अदालत ने उभय पक्षों के तर्कों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी पाया और उक्त सजा का निर्धारण किया।
विज्ञापन