फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Three arrested for duping youths of Rs 10 billion in the name of recruitment in paramilitary forces

Azamgarh News: अर्द्ध सैनिक बल में भर्ती कराने के नाम पर युवाओं से 10 अरब की ठगी, तीन गिरफ्तार

Sat, 23 May 2026 01:34 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 23 May 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
Three arrested for duping youths of Rs 10 billion in the name of recruitment in paramilitary forces
रानी की सराय थाने की पुलिस की ओर से धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार आरोपी। - फोटो : 1
रानी की सराय। अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी निवास प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज तैयार कर ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच में पता चला है कि 10 हजार से अधिक लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक व्यक्ति से 10-10 लाख रुपये तक वसूलता था।
विज्ञापन

थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव ने 20 मई को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनको अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने के नाम पर विद्यासागर, राहुल कुमार, वीरेंद्र यादव, राकेश यादव, प्रदीप यादव और मुन्ना शर्मा ने मिलकर 10 लाख रुपये लिए थे। आरोप है कि इनका गिरोह युवाओं को अर्द्ध सैनिक बल में नौकरी दिलाने का लालच देकर उनसे धनराशि वसूलता था और भर्ती प्रक्रिया में उपयोग के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करता था। मामले में उक्त छह आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। शुक्रवार को पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर दिलौरी खेल मैदान के पास घेराबंदी कर राहुल कुमार, राकेश यादव और प्रदीप यादव को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये लेकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करते थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय भेज दिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने युवाओं से ठगी की गई और फर्जी दस्तावेज कहां-कहां इस्तेमाल किए गए। गिरफ्तार आरोपियों में रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोईलारी खुर्द गांव निवासी राहुल कुमार, गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर निवासी राकेश यादव और कोईलारी खुर्द गांव निवासी प्रदीप यादव शामिल हैं। पुलिस के अनुसार आरोपियों का पूर्व आपराधिक इतिहास भी सामने आया है।
विज्ञापन

देशभर में ठगी का फैलाया जाल-थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि गिरफ्तार आरोपियों के नेटवर्क का दायरा सिर्फ आजमगढ़ तक सीमित नहीं था। गिरोह ने आजमगढ़, गोंडा, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया समेत प्रदेश के कई जिलों के लोगों को ठगी का शिकार बनाया। पश्चिम बंगाल, बिहार, महाराष्ट्र और तमिलनाडु आदि राज्यों में भी गिरोह ने लोगों से धोखाधड़ी करने की जानकारी सामने आई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैंक खातों, लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों की जांच शुरू-थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जांच में पता चला है कि आरोपी अब तक 10 हजार से अधिक लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोप है कि गिरोह प्रत्येक व्यक्ति से 10-10 लाख रुपये तक वसूलता था। इनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब बैंक खातों, लेनदेन और फर्जी दस्तावेजों के नेटवर्क की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि मामले में करोड़ों रुपये के ठगी रैकेट का खुलासा हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article