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Azamgarh News: असम, त्रिपुरा, कर्नाटक का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाकर एसएससी भर्ती में लगाते थे सेंध

Sun, 24 May 2026 01:21 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 01:21 AM IST
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They used to breach SSC recruitment by making fake residence certificates of Assam, Tripura and Karnataka.
रानी की सराय। थाना क्षेत्र की पुलिस ने एसएससी (जीडी) भर्ती प्रक्रिया में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अभ्यर्थियों को अर्धसैनिक बलों में नौकरी दिलाने का झांसा देने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य सरगना समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
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थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि यह गिरोह असम, अरुणाचल प्रदेश, त्रिपुरा, कर्नाटक समेत कई राज्यों के फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और वोटर आईडी तैयार करता था। आरोपी घर बैठे ही फर्जी मोहर और हस्ताक्षर से असम का निवास प्रमाण पत्र बनाकर एसएससी जीडी भर्ती प्रक्रिया में सेंध लगाते थे। इसके एवज में प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये तक वसूले जाते थे।
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रानी की सराय थाना क्षेत्र के अंधौरी गांव निवासी पंकज यादव ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें अर्धसैनिक बल में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया और इसके बदले 10 लाख रुपये लिए। इसके बाद आरोपियों ने घर बैठे फर्जी मोहर और हस्ताक्षर के जरिए असम का निवास प्रमाण पत्र तैयार किया। इसके बाद वर्ष 2021 में उन्हें अर्धसैनिक बल में जॉइनिंग लेटर मिला। वर्ष 2022 में उन्होंने तमिलनाडु में 11 माह तक प्रशिक्षण प्राप्त किया और बाद में महाराष्ट्र में उनकी पोस्टिंग हुई, जहां करीब एक वर्ष तक नौकरी भी की और वेतन भी मिला। हालांकि दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान असम का निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर उन्हें नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया।
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मां के गहने बेचकर और कर्ज लेकर जुटाए थे पैसे-पंकज यादव ने बताया कि नौकरी की उम्मीद में उन्होंने अपनी मां के गहने बेच दिए और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर 10 लाख रुपये की व्यवस्था की थी। नौकरी के दौरान उन्हें करीब 30 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय भी मिला, लेकिन सत्यापन में फर्जीवाड़ा उजागर होने के बाद सबकुछ खत्म हो गया। बताया कि एसएससी जीडी भर्ती में राज्यवार कट-ऑफ प्रणाली लागू होती है। उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान जैसे राज्यों में प्रतिस्पर्धा अधिक होने से कट-ऑफ 135 से 145 अंकों तक पहुंच जाती है, जबकि असम और पूर्वोत्तर राज्यों में कम प्रतिस्पर्धा के चलते कट-ऑफ 65 से 75 अंकों के बीच रहती है। इसी अंतर का फायदा उठाकर गिरोह फर्जी निवास प्रमाण पत्र तैयार करता था।

तीन गिरफ्तार, मुख्य सरगना फरार-थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोईलारी खुर्द निवासी राहुल कुमार और प्रदीप यादव तथा गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा मुहिउद्दीनपुर निवासी राकेश यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है। जबकि मुख्य आरोपी विद्यासागर, वीरेंद्र यादव और बलिया जनपद निवासी मुन्ना शर्मा की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने टीमों को निर्देश दिया है कि गिरोह के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।
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