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जलस्तर घटने के बाद भी नहीं कम हो रही दुश्वारियां

Sat, 08 Aug 2020 11:06 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Aug 2020 11:06 PM IST
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The woes are not decreasing even after the water level decreases
सगड़ी के बेलहिया के बाढ़ पीड़ित लोग अपने सामानों को सुरक्षित स्थान पर ले जाते। - फोटो : AZAMGARH
लाटघाट। सगड़ी तहसील के देवरांचल से होकर गुजरने वाली घाघरा नदी के जलस्तर में घटोत्तरी का क्रम निरंतर शुरू हो गया है। जलस्तर घटने के बाद भी लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। गांव का आवागमन पूरी तरह से बाधित है। गांवों में जंगली जानवरों से आने से उनका आतंक फैला हुआ है। विषैले जंतु लोगों के भय का कारण बने हुए हैं।
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सदेवगंज, कुड़ही, बढ़ियाचक, नौबरार, अजगरा, देवारा खास राजा, बांका बूढ़नपटटी, चक्की सहित आज भी 80 गाव बाढ़ के पानी से पूर्ण रूप से प्रभावित है। आवागमन बाधित है। गांव में जंगली जानवरों का आतंक बना है। सर्प बिच्छू जंगली सूअर आदि से लोग बेहाल है। आपदा राहत पैकेट बंधे पर दी जा रही है। विस्थापितों को दी जा रही है। लेकिन गांव में फंसे लोग आज भी राहत से वंचित हैं। लोगों को एक दूसरे के घर जाकर पशुओं का चारा, खाने को अनाज, रहने को छत आदि की व्यवस्था कर रहे हैं। घरों में पानी घुसा होने से लोग परेशान हुए है। बाढ़ राहत चौकी के कर्मचारी आज भी कम दिखाई देते हैं। बाढ़ चौकी पर अधिकारी हाजिरी बना कर चले जाते हैं । गांव में कभी नहीं जाते जिससे उनकी समस्याओं को समझें। बाढ़ के पानी से घिरे गांवों के ग्रामीणों को इस बात का दर्द सता रहा है कि अब तक मुसीबत की इस घड़ी में कोई भी अधिकारी उनके पास सुधि लेने नहीं पहुंचा कि वह किस हाल में अपना जीवन बिता रहे हैँ। चारों ओर पानी होने के कारण जंगली पशु भी भागकर गांवों में पहुंच रहे है। उनके द्वारा लोगों पर हमला किया जा रहा है। वहीं विषैले जंतुओं के काटने का डर भी लोगों का सता रहा है। लेकिन लोग एक दूसरे के सहारे जीवन यापन कर रहे हैं। देवारा खास राजा गांव के प्रधान प्रतिनिधि पलटन यादव, बांका प्रधान कुशहर निषाद, अजगरा प्रधान, बेलहिया प्रधान राजमन यादव, रोशन, बिजली आदि लोगों का मानना कि सरकार आपदा क्षेत्र घोषित करें और आवश्यक वस्तु उपलब्ध कराए। किसानों को उचित मुआवजा मिले। बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र घोषित होने के बाद ही उचित मुआवजा मिलेगा।
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