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पुरानी पेंशन के शिक्षक आंदोलित
ब्यूरो अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Thu, 30 Jul 2015 12:41 AM IST
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आजमगढ़। पुरानी पेंशन बहाली सहित 19 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश कर्मचारी-शिक्षक समन्वय समिति द्वारा बुुधवार को कलेक्ट्रेट स्थित रिक्शा स्टैंड पर धरना दिया गया। धरने बाद उन्होंने मांगों का ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा।
धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक गिरीश चतुर्वेदी ने कहा कि पुुरानी पेंशन बहाली, विनियमितिकरण, डीए मर्जर, चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति, गंभीर बीमारी में नि:शुल्क चिकित्सा सहित 19 सूत्रीय मांगों पर सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन के बाद वादाखिलाफी की जा रही है। जिससे प्रदेश के सभी कर्मचारी और शिक्षक आक्रोशित हैं। धरने की अध्यक्षता करते हुए वशिष्ठ सिंह ने कहा कि साम्राज्यवादी वैश्वीकरण, उदारीकरण नीतियों के तहत हमारी सरकारें विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के दबाव में संपूर्ण व्यवस्था को निजीकरण की ओर ले जा रही है। यदि इसका विरोध नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम इस देश की जनता को भोगना पड़ेगा। उ. प्र. मा. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह ने कहा कि संघर्ष के बल पर ही हम अपनी अर्जित उपलब्धियों की रक्षा कर सकते हैं। बोले पुरानी पेंशन बहाली इस देश का राष्ट्रीय मुद्दा है जो भी सरकारें इसकी अनदेखी करेंगी इस देश के शिक्षक कर्मचारी उन्हें माफ नहीं करेंगे। उ. प. प्रा. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपति यादव ने कहा कि पेंशन व्यवस्था खत्म कर सरकार ने शिक्षक कर्मचारियों से उनके बुढ़ापे की लाठी का सहारा भी छीन लिया है। मीडिया प्रभारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस देश में दोहरी व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। इस मौके पर दिवाकर तिवारी, रमाकांत सिंह, प्रभाकर राय, अमरजीत सिंह, रमेश शुक्ला, अनीता साइलेस, मुन्नू यादव, अनिल चतुर्वेदी, सीपी यादव, सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, ध्रुवमित्र शास्त्री आदि उपस्थित थे।
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धरने को संबोधित करते हुए कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के संयोजक गिरीश चतुर्वेदी ने कहा कि पुुरानी पेंशन बहाली, विनियमितिकरण, डीए मर्जर, चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति, गंभीर बीमारी में नि:शुल्क चिकित्सा सहित 19 सूत्रीय मांगों पर सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन के बाद वादाखिलाफी की जा रही है। जिससे प्रदेश के सभी कर्मचारी और शिक्षक आक्रोशित हैं। धरने की अध्यक्षता करते हुए वशिष्ठ सिंह ने कहा कि साम्राज्यवादी वैश्वीकरण, उदारीकरण नीतियों के तहत हमारी सरकारें विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष के दबाव में संपूर्ण व्यवस्था को निजीकरण की ओर ले जा रही है। यदि इसका विरोध नहीं हुआ तो इसके गंभीर परिणाम इस देश की जनता को भोगना पड़ेगा। उ. प्र. मा. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष रामबिहारी सिंह ने कहा कि संघर्ष के बल पर ही हम अपनी अर्जित उपलब्धियों की रक्षा कर सकते हैं। बोले पुरानी पेंशन बहाली इस देश का राष्ट्रीय मुद्दा है जो भी सरकारें इसकी अनदेखी करेंगी इस देश के शिक्षक कर्मचारी उन्हें माफ नहीं करेंगे। उ. प. प्रा. शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष श्रीपति यादव ने कहा कि पेंशन व्यवस्था खत्म कर सरकार ने शिक्षक कर्मचारियों से उनके बुढ़ापे की लाठी का सहारा भी छीन लिया है। मीडिया प्रभारी मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस देश में दोहरी व्यवस्था नहीं चलने दी जाएगी। इस मौके पर दिवाकर तिवारी, रमाकांत सिंह, प्रभाकर राय, अमरजीत सिंह, रमेश शुक्ला, अनीता साइलेस, मुन्नू यादव, अनिल चतुर्वेदी, सीपी यादव, सुरेंद्र लाल श्रीवास्तव, ध्रुवमित्र शास्त्री आदि उपस्थित थे।
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