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Azamgarh News: स्टाॅक भरपूर है, पर समितियों से गायब है यूरिया
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आजमगढ़। धान की रोपाई के समय किसान डीएपी के लिए परेशान थे, अब यूरिया के लिए परेशान हैं। हालांकि विभाग का दावा है कि यूरिया स्टॉक में भरपूर है। जबकि समितियों पर यूरिया गायब है। जिसके कारण किसान बाजारों से ऊंचे दामों पर यूरिया खरीद कर धान के खेत में छिड़काव कर रहे हैं।
जिले में 250 साधन सहकारी समितियां हैं लेकिन वर्तमान समय में 162 समितियां ही सक्रिय हैं। यहां से किसानों को खरीफ और रबी सीजन में उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। खरीफ सीजन में अक्टूबर तक किसानों को तीन हजार एमटी डीएपी और 11 हजार एमटी यूरिया वितरण का लक्ष्य दिया गया है। धान की रोपाई के समय डीएपी के लिए समितियों का चक्कर काट रहे थे वहीं, अब यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।
अधिकांश समितियों से यूरिया नदारद है। वहीं सहकारिता विभाग सामान्य में तीन हजार व प्री पोजिशनिंग में दो हजार एमटी यूरिया और सामान्य में डीएपी 1500 व प्री पोजिशनिंग में 2500 एमटी डीएपी होने की बात कर रहा है। खरीफ सीजन में अक्टूबर तक 11 हजार एमटी यूरिया और तीन हजार एमटी डीएपी वितरण का लक्ष्य है। लेकिन देखा जाय तो अब तक चार हजार एमटी यूरिया और दो हजार एमटी यूरिया ही समितियों के माध्यम से किसानों को वितरित हो पाई है। समितियों पर यूरिया जहां 266.50 रुपये में मिल जाती है वहीं, बाजार में किसानों से एक बोरी यूरिया के लिए 320 से 330 तक लिए जा रहे हैं। कृषि विभाग ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करने से बच रहा है।
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इन समितियों पर उपलब्ध नहीं है यूरिया
मेंहनगर: क्षेत्र में 14 समितियां हैं। इनमें से साधन सहकारी समिति मेंहनगर, शेखूदासपुर, विशुनपुर रघुनाथपुर, बछवल, लौदह इमादपुर, दामा, मनबीरपुर, रेंडा, कम्हरिया आदि केंद्र पर उपलब्ध नहीं है। डीहा समस्तीपुर, मानपुर, नंई, करनेंहुवां और क्रय-विक्रय केंद्र मेंहनगर में यूरिया होने की बात कही गई है। प्रभारी एडीओ को-ऑपरेटिव ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि यूरिया खाद के लिए जिले पर मीटिंग चल रही है। जल्द ही यूरिया आ जाएगी। निजामाबाद: कस्बे की क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड और क्रय विक्रय सहकारी समिति यूरिया, डीएपी उपलब्ध नहीं है। साधन सहकारी समिति भीरा पर भी यूरिया नहीं है। अंबारी: इसी प्रकार साधन सहकारी समिति अंबारी शाह पर यूरिया नहीं है। क्षेत्र के किसान जयप्रकाश, चंद्रिका, रामधनी, उधव, रविंद्र ने बताया कि जब जरूरत पड़ती है तो यूरिया, डीएपी नहीं मिलती है।
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जिले में 250 साधन सहकारी समितियां हैं लेकिन वर्तमान समय में 162 समितियां ही सक्रिय हैं। यहां से किसानों को खरीफ और रबी सीजन में उर्वरक उपलब्ध कराया जाता है। खरीफ सीजन में अक्टूबर तक किसानों को तीन हजार एमटी डीएपी और 11 हजार एमटी यूरिया वितरण का लक्ष्य दिया गया है। धान की रोपाई के समय डीएपी के लिए समितियों का चक्कर काट रहे थे वहीं, अब यूरिया के लिए समितियों का चक्कर लगा रहे हैं।
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अधिकांश समितियों से यूरिया नदारद है। वहीं सहकारिता विभाग सामान्य में तीन हजार व प्री पोजिशनिंग में दो हजार एमटी यूरिया और सामान्य में डीएपी 1500 व प्री पोजिशनिंग में 2500 एमटी डीएपी होने की बात कर रहा है। खरीफ सीजन में अक्टूबर तक 11 हजार एमटी यूरिया और तीन हजार एमटी डीएपी वितरण का लक्ष्य है। लेकिन देखा जाय तो अब तक चार हजार एमटी यूरिया और दो हजार एमटी यूरिया ही समितियों के माध्यम से किसानों को वितरित हो पाई है। समितियों पर यूरिया जहां 266.50 रुपये में मिल जाती है वहीं, बाजार में किसानों से एक बोरी यूरिया के लिए 320 से 330 तक लिए जा रहे हैं। कृषि विभाग ऐसे दुकानदारों पर कार्रवाई करने से बच रहा है।
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इन समितियों पर उपलब्ध नहीं है यूरिया
मेंहनगर: क्षेत्र में 14 समितियां हैं। इनमें से साधन सहकारी समिति मेंहनगर, शेखूदासपुर, विशुनपुर रघुनाथपुर, बछवल, लौदह इमादपुर, दामा, मनबीरपुर, रेंडा, कम्हरिया आदि केंद्र पर उपलब्ध नहीं है। डीहा समस्तीपुर, मानपुर, नंई, करनेंहुवां और क्रय-विक्रय केंद्र मेंहनगर में यूरिया होने की बात कही गई है। प्रभारी एडीओ को-ऑपरेटिव ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि यूरिया खाद के लिए जिले पर मीटिंग चल रही है। जल्द ही यूरिया आ जाएगी। निजामाबाद: कस्बे की क्षेत्रीय सहकारी समिति लिमिटेड और क्रय विक्रय सहकारी समिति यूरिया, डीएपी उपलब्ध नहीं है। साधन सहकारी समिति भीरा पर भी यूरिया नहीं है। अंबारी: इसी प्रकार साधन सहकारी समिति अंबारी शाह पर यूरिया नहीं है। क्षेत्र के किसान जयप्रकाश, चंद्रिका, रामधनी, उधव, रविंद्र ने बताया कि जब जरूरत पड़ती है तो यूरिया, डीएपी नहीं मिलती है।