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Azamgarh News: बारिश और हवाओं से कई जगह गिरी धान की फसल
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09 शहर से सटे नीबी गांव में गिरी धान की फसल। संवाद
आजमगढ़। जिले का मौसम चार दिन से खराब है। तीन दिन से तो धूप ही नहीं निकल रही और रुक- रुक कर बारिश हो रही है। इससे फूलपुर, अहरौला, पवई, सगड़ी, पल्हना सहित कई क्षेत्रों में धान की फसल गिर गई है। कुछ किसानों की काटी गई फसल खेतों में भींग रही है। इससे किसानों का नुकसान होगा।
धान की फसल पक कर तैयार है उसकी कटाई, मड़ाई नहीं हो पा रही है। जो किसान धान की कटाई किए थे उनका धान खेतों में भींग रहा है। इससे किसान चिंचित हैं। वहीं अधिकतम एक डिग्री नीचे आया है। बृहस्पतिवार को दिन भर रुक रुक कर हल्की बारिश होती रही है। दिन हो या रात लोग सिहरन महसूस करने लगे हैं। चार दिनों में अधिकतम तापमान तीन और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया।
कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो अगर इसी तरह मौसम रहा तो किसानों का काफी नुकसान होगा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने शुक्रवार तक जिले में अच्छी बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मेजवां: बारिश से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसान सीताराम, फिरतू यादव, अफसर ने बताया कि खराब मौसम के चलते धान की कटाई और रबी फसल की बोआई ठप है। तेज बारिश होती है तो नुकसान होना तय है।
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कटी फसल के अंकुरित होने का खतरा
अंबारी। बारिश से खेतों में पककर तैयार धान की फसल खराब होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि जिन किसानों की धान की फसल तैयार थी वह कटाई भी शुरू कर दिए थे। खेत में काटकर रखी हुई धान की फसल के सड़ने की आशंका है। किसान विनोद कुमार, बलबीर सिंह, सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि यदि बारिश जारी रही तो धान की फसल को भारी नुकसान होगा। कई खेतों में धान की फसल गिर चुकी है। बारिश के कारण बालियों में नमी आने से धान का रंग काला पड़ सकता है और पकी हुई फसल दोबारा अंकुरित होने का खतरा है। किसानों ने कहा कि बारिश होने पर फसल गिर जाएगी और मशीन से कटाई मुश्किल हो जाएगी। संवाद
तारीख अधिकतम- न्यूनतम तापमान
24 अक्टूबर- 33- 22
25 अक्टूबर- 33- 21
26 अक्टूबर- 30- 21
27 अक्टूबर- 29- 22
28 अक्टूबर- 28- 21
29 अक्टूबर- 27- 20
30 अक्टूबर- 26- 20
अभी तक जिले में कहीं से भी फसल नुकसान की सूचना नहीं मिली है। ऐसे ही मौसम रहा तो धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा। वैसे ब्लॉकों के एडीओ कृषि को बराबर क्षेत्र में बने रहने और नुकसान की सूचना देने का निर्देश दिया गया है जिससे बीमित किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया जा सके। - आशीष कुमार, उप कृषि निदेशक
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धान की फसल पक कर तैयार है उसकी कटाई, मड़ाई नहीं हो पा रही है। जो किसान धान की कटाई किए थे उनका धान खेतों में भींग रहा है। इससे किसान चिंचित हैं। वहीं अधिकतम एक डिग्री नीचे आया है। बृहस्पतिवार को दिन भर रुक रुक कर हल्की बारिश होती रही है। दिन हो या रात लोग सिहरन महसूस करने लगे हैं। चार दिनों में अधिकतम तापमान तीन और न्यूनतम तापमान दो डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया।
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कृषि विभाग के अधिकारियों की माने तो अगर इसी तरह मौसम रहा तो किसानों का काफी नुकसान होगा। राज्य मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने शुक्रवार तक जिले में अच्छी बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई है। इससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। मेजवां: बारिश से किसानों को फसल नुकसान की चिंता सताने लगी है। किसान सीताराम, फिरतू यादव, अफसर ने बताया कि खराब मौसम के चलते धान की कटाई और रबी फसल की बोआई ठप है। तेज बारिश होती है तो नुकसान होना तय है।
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कटी फसल के अंकुरित होने का खतरा
अंबारी। बारिश से खेतों में पककर तैयार धान की फसल खराब होने की संभावना बढ़ गई है क्योंकि जिन किसानों की धान की फसल तैयार थी वह कटाई भी शुरू कर दिए थे। खेत में काटकर रखी हुई धान की फसल के सड़ने की आशंका है। किसान विनोद कुमार, बलबीर सिंह, सत्यप्रकाश यादव ने बताया कि यदि बारिश जारी रही तो धान की फसल को भारी नुकसान होगा। कई खेतों में धान की फसल गिर चुकी है। बारिश के कारण बालियों में नमी आने से धान का रंग काला पड़ सकता है और पकी हुई फसल दोबारा अंकुरित होने का खतरा है। किसानों ने कहा कि बारिश होने पर फसल गिर जाएगी और मशीन से कटाई मुश्किल हो जाएगी। संवाद
तारीख अधिकतम- न्यूनतम तापमान
24 अक्टूबर- 33- 22
25 अक्टूबर- 33- 21
26 अक्टूबर- 30- 21
27 अक्टूबर- 29- 22
28 अक्टूबर- 28- 21
29 अक्टूबर- 27- 20
30 अक्टूबर- 26- 20
अभी तक जिले में कहीं से भी फसल नुकसान की सूचना नहीं मिली है। ऐसे ही मौसम रहा तो धान की फसल को नुकसान पहुंचेगा। वैसे ब्लॉकों के एडीओ कृषि को बराबर क्षेत्र में बने रहने और नुकसान की सूचना देने का निर्देश दिया गया है जिससे बीमित किसानों को फसल बीमा का लाभ दिया जा सके। - आशीष कुमार, उप कृषि निदेशक