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Azamgarh News: आवासीय बैनामों की रजिस्ट्री को दाखिल-खारिज के लिए तहसील में नहीं भेज रहा निबंधन विभाग

Mon, 26 May 2025 12:26 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 26 May 2025 12:26 AM IST
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The registration department is not sending the registry of residential deeds to the tehsil for mutation
चक्रपानपुर। सरकार जहां वर्षों से चले आ रहे जमीन के विवादों को समाप्त करने के लिए प्रयासरत हैं। वहीं, निबंधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही नए विवादों को जन्म दे रही है। आवासीय बैनामों (6 बिस्वा से कम) की रजिस्ट्री को निबंधन विभाग दाखिल-खारिज के लिए तहसील में नहीं भेज रहा, जिससे खरीदार के नाम खतौनी में स्थानांतरण नहीं हो पा रहा है।
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बताते चलें कि जनवरी से छह बिस्वा से कम के बैनामे का दाखिल खारिज नहीं हो रहा है। राजस्व परिषद से जारी निर्देशों का हवाला देकर रजिस्ट्री विभाग आवासीय बैनामों के अभिलेख दाखिल खारिज के लिए तहसील में नहीं भेज रहा है। इसके कारण विक्रेता का नाम ही बिक्री की गई जमीन पर चलता आ रहा है। इसके चलते विक्रेता का नाम खतौनी से नहीं हटता, जिससे कुछ विक्रेता लालच में आकर उसी जमीन को दोबारा दूसरे खरीदार को भी बेच दे रहे हैं। इससे खरीदार कानूनी पचड़े में फंस रहे हैं और नए जमीन के विवाद पैदा हो रहे हैं। यह स्थिति सरकार के जमीन के विवाद समाप्त करने के प्रयासों पर पानी फेर रही है। चार महीनों में ऐसे 1000 लोग हैं जो अपनी खरीदी गई जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए परेशान हैं।
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केस एक
जनवरी में सदर तहसील के टेउखर गांव निवासी राधेश्याम ने अपनी जमीन का बैनामा सुमन पत्नी राजू निवासी जमदहां के नाम पर किया। इस बैनामे को हुए लगभग चार माह का समय बीत गए, अभी तक तहसील में कागजात न भेजे जाने के कारण उनका दाखिल खारिज नहीं हो सका है।
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केस दो
सदर तहसील के टेउखर गांव निवासी राधेश्याम ने अपनी जमीन का बैनामा फरवरी में सुमन पत्नी राजू साकिम जमदहा के पक्ष में किया। लगभग तीन माह होने को आए अभी तक उनके अभिलेख को दाखिल खारिज के लिए तहसील नहीं भेजा है। इसके कारण वह तहसील और रजिस्ट्री कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं।
केस तीन
मार्च में सदर तहसील के गौरडीह आयमा गांव निवासी अबु जैद खान, मेराज खान और सलीम खान ने अपनी जमीन का बैनामा सरायसादी गांव निवासी विंध्यवासिनी मिश्रा के पक्ष में कर दिया। लगभग डेढ़ से दो महीने का समय बीत गया। अब तक उनकी बैनामा शुदा जमीन का अभिलेख दाखिल खारिज के लिए तहसील नहीं भेजा गया।

एक जनवरी को ही राजस्व परिषद की ओर से आदेश आया था। इसके बाद से सिर्फ कृषि की जमीनों का ही दाखिल खारिज हो रहा है। शेष जमीनों के दाखिल खारिज पर रोक लगी है। हम लोगों को हार्ड कॉपी भेजने पर रोक लगा दी गई है। राजस्व परिषद की साइट में कुछ संशोधन हो रहा है। इसे लेकर एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने भी सदन में सवाल उठाया था।-जितेंद्र तिवारी, रजिस्ट्रार सदर।
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