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Azamgarh News: उर्जा मंत्री और मुख्य अभियंता के आदेश का जेई पर असर नहीं
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आजमगढ़। जिले में बिजली विभाग के उच्चाधिकारियों का उनके मातहतों पर कोई असर नहीं है। यही नहीं उर्जा मंत्री के आदेश केे बाद भी मेंहनगर के दामा गांव में जेई ने पोल को दूसरी जगह अभी तक शिफ्ट नहीं कराया। ऊपर से शिकायतकर्ता को पोल, केबल हटाने के लिए 35 हजार का इस्टीमेट थमा दिया।
मेंहनगर क्षेत्र के दामा गांव निवासी किसान विनोद सिंह के खेत के ऊपर से निजी कंपनी के टॉवर के लिए एलटी लाइन खींची गई है। लेकिन इस लाइन पर किसी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं है। खेत में मकान बनाने को लेकर बीते फरवरी माह में विनोद ने एसडीओ मेंहनगर के यहां एक पोल हटाने लिए पत्रक दिया। जेई ने एक पोल हटाने के लिए 35 हजार का इस्टीमेट बना दिया। जब किसान इतनी बड़ी रकम नहीं जमा कर पाया तो उसे विभागीय मंत्री या किसी बड़े अधिकारी से पत्र लिखवाकर लाने को कहा गया। इसके बाद उसने उर्जा राज्य मंत्री से मिलकर मामले की शिकायत की। उर्जा मंत्री के सचिव ने बीते जून माह में पोल हटाने के लिए मुख्य अभियंता वितरण को पत्र लिखा। इसका पालन कराने के लिए जेई और एसडीओ मेंहनगर को निर्देशित किया गया लेकिन आज तक पोल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
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पहले नई लाइन शिफ्ट की जाती है। इसके बाद पुरानी लाइन को हटाया जाता है। शिफ्टिंग का खर्च आवेदक को देना पड़ता है। इस्टीमेट बनाकर समिति को भेजा गया है। इसके बाद वहां से जो भी इस्टीमेट निर्धारित होगा उसको जमा करने के बाद ही लाइन शिफ्ट होगी।
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- महेंद्र कुमार, एक्सईएन, लालगंज।
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मेंहनगर क्षेत्र के दामा गांव निवासी किसान विनोद सिंह के खेत के ऊपर से निजी कंपनी के टॉवर के लिए एलटी लाइन खींची गई है। लेकिन इस लाइन पर किसी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं है। खेत में मकान बनाने को लेकर बीते फरवरी माह में विनोद ने एसडीओ मेंहनगर के यहां एक पोल हटाने लिए पत्रक दिया। जेई ने एक पोल हटाने के लिए 35 हजार का इस्टीमेट बना दिया। जब किसान इतनी बड़ी रकम नहीं जमा कर पाया तो उसे विभागीय मंत्री या किसी बड़े अधिकारी से पत्र लिखवाकर लाने को कहा गया। इसके बाद उसने उर्जा राज्य मंत्री से मिलकर मामले की शिकायत की। उर्जा मंत्री के सचिव ने बीते जून माह में पोल हटाने के लिए मुख्य अभियंता वितरण को पत्र लिखा। इसका पालन कराने के लिए जेई और एसडीओ मेंहनगर को निर्देशित किया गया लेकिन आज तक पोल को दूसरे स्थान पर शिफ्ट नहीं किया जा सका है।
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पहले नई लाइन शिफ्ट की जाती है। इसके बाद पुरानी लाइन को हटाया जाता है। शिफ्टिंग का खर्च आवेदक को देना पड़ता है। इस्टीमेट बनाकर समिति को भेजा गया है। इसके बाद वहां से जो भी इस्टीमेट निर्धारित होगा उसको जमा करने के बाद ही लाइन शिफ्ट होगी।
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- महेंद्र कुमार, एक्सईएन, लालगंज।