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शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने का आदेश अधूरा, जिम्मेदार मौन
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आजमगढ़। शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान की गति धीमी पड़ गई है। शहर के कुछ इलाकों की पटरियों पर लगे ठेले व अस्थायी अतिक्रमण को हटा दिया गया, मगर अब भी अधिकांश मार्गों पर अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद भी अतिक्रमणकारी बेअसर नजर आ रहे हैं। वहीं नगर पालिका चुप्पी साध रखी है। लिहाजा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने का ख्वाब अभी तक अधूरा है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह में ही 24 घंटे के अंदर प्रदेश के सभी अधिकारियों को अपने-अपने जिले में संयुक्त अभियान चलाकर अवैध स्टैंडों बंद कराने, अतिक्रमण और गति अवरोधक हटवाने के आदेश दिए थे। सीएम चाहते थे कि हर शहर में व्यवस्थित पार्किंग हो ताकि कोई वसूली नहीं कर पाए। उन्होंने अवैध स्टैंड नहीं हटाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर अवैध तरीके से अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 19 मई को हुए इस आदेश का पालन कराने के लिए शुरूआत में अफसरों को चिंता रही। कुछ स्थानों पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया भी गया। लेकिन, बाद में इस अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हाल यह है कि जहां से अतिक्रमण हटाया गया था। वहां फिर पुरानी स्थिति बन गई है। अमर उजाला की टीम ने सीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई की पड़ताल की। आइए आपको वर्तमान स्थिति बताते हैं।
सड़कों पर हो रही दुकानदारी
आजमगढ़। समय करीब 11 बजे थे। मातबरगंज में दुकाने खुल चुकी थी। इसी मार्ग से शिब्ली इंटर, शिब्ली पीजी कालेज, जिला मंडलीय अस्पताल व जिला महिला चिकित्सालय लोगों का आवागमन होता है। फिर भी इस मार्ग पर व्यापारियों का अतिक्रमण है। दुकानदार सड़क की पटरियों पर सामान रख कर अपनी दुकानदारी कर रहे हैं। इस ओर न तो पुलिस विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई की न ही नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई हुई। नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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कोई वाहन खड़ा कर दे तो भी जहमत
आजमगढ़। मुख्य चौक से तकिया होते हुए पहाड़पुर तक जाने वाला मार्ग काफी व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग पर हजारों लोगों का रोजाना आवागमन होता है। सड़क के किनारे दुकानदारों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। कुछ ने तो नाली पर पटिया रखकर उसपर भी कब्जा कर लिया है। सड़क के दोनों तरफ दुकानदार अपना कब्जा जमाए हुए हैं। यदि कोई बाइक लेकर जाता है तो उसे बाइक खड़ी करने के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। इतना ही नहीं बाइक स्वामी यदि किसी दुकान के सामने लगाता है तो उसके लिए भी उसे जहमत उठानी पड़ती है। दुकानदार उसे बाइक नहीं खड़ा करने देते हैं। जिससे उसे काफी समस्या होती है। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को भी अवगत कराया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिधारी-हाईडिल मार्ग पर भी अतिक्रमणकारियों का बोलबाला
आजमगढ़। सिधारी से हाईडिल चौराहे तक जाने वाले मार्ग पर फुटपाथ तो बना है लेकिन वह आम जनता को नसीब नहीं होता। उसपर दुकानदारों की कब्जा होता है। यदि कोई उस मार्ग पर वाहन चलाने का प्रयास करता है तो दुकानदार झगड़ने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। जबकि शासन का निर्देश था कि शहर को अतिक्रमणमुक्त किया जाए। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे राहगीरों को काफी समस्या हो रही है।
रोडवेज के फुटपाथ पर भी अस्थायी कब्जा
आजमगढ़। बवाली मोड़ से रोडवेज होते हुए घंटा घर तक जाने वाले मार्ग पर शासन के निर्देश पर बकायदा फुटपाथ बनाकर स्टील की ग्रिल लगाई गई थी। ताकि कोई भी वाहन उस फुटपाथ पर न चल सके। सिर्फ पैदल लोगों का आवागमन हो सके। सबकुछ तो शासन के निर्देश पर ठीक से हो गया लेकिन दुकानदारों की इतनी मनमानी की वह पूरे फुटपाथ पर ही कब्जा कर लिए हैं। फुटपाथ का उपयोग दुकानदारी में की जा रही है। इतना ही नहीं कुछ जगहों पर तो उसे वाहन स्टैंड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसकी बानगी घंटा घर से लेकर रोडवेज होते हुए बवाली मोड़ पर देखने को मिलेगी।
एसडीएम सदर जेआर चौधरी ने बताया कि अभी तक हम सभी लोकसभा आजमगढ़ के उपचुनाव में लगे हुए थे। आचार संहिता लगने के कारण इसपर कुछ काम नहीं हो पाया। अब कार्ययोजना बनाकर इसपर काम किया जाएगा। ईओ से मिलकर जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह में ही 24 घंटे के अंदर प्रदेश के सभी अधिकारियों को अपने-अपने जिले में संयुक्त अभियान चलाकर अवैध स्टैंडों बंद कराने, अतिक्रमण और गति अवरोधक हटवाने के आदेश दिए थे। सीएम चाहते थे कि हर शहर में व्यवस्थित पार्किंग हो ताकि कोई वसूली नहीं कर पाए। उन्होंने अवैध स्टैंड नहीं हटाने वालों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) में भी कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर अवैध तरीके से अतिक्रमण करने वालों पर भी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। 19 मई को हुए इस आदेश का पालन कराने के लिए शुरूआत में अफसरों को चिंता रही। कुछ स्थानों पर बुलडोजर से अतिक्रमण हटाया भी गया। लेकिन, बाद में इस अभियान को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। हाल यह है कि जहां से अतिक्रमण हटाया गया था। वहां फिर पुरानी स्थिति बन गई है। अमर उजाला की टीम ने सीएम के आदेश पर हुई कार्रवाई की पड़ताल की। आइए आपको वर्तमान स्थिति बताते हैं।
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सड़कों पर हो रही दुकानदारी
आजमगढ़। समय करीब 11 बजे थे। मातबरगंज में दुकाने खुल चुकी थी। इसी मार्ग से शिब्ली इंटर, शिब्ली पीजी कालेज, जिला मंडलीय अस्पताल व जिला महिला चिकित्सालय लोगों का आवागमन होता है। फिर भी इस मार्ग पर व्यापारियों का अतिक्रमण है। दुकानदार सड़क की पटरियों पर सामान रख कर अपनी दुकानदारी कर रहे हैं। इस ओर न तो पुलिस विभाग ने आज तक कोई कार्रवाई की न ही नगर पालिका प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई हुई। नतीजा आम जनता को भुगतना पड़ता है।
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कोई वाहन खड़ा कर दे तो भी जहमत
आजमगढ़। मुख्य चौक से तकिया होते हुए पहाड़पुर तक जाने वाला मार्ग काफी व्यस्त मार्ग है। इस मार्ग पर हजारों लोगों का रोजाना आवागमन होता है। सड़क के किनारे दुकानदारों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। कुछ ने तो नाली पर पटिया रखकर उसपर भी कब्जा कर लिया है। सड़क के दोनों तरफ दुकानदार अपना कब्जा जमाए हुए हैं। यदि कोई बाइक लेकर जाता है तो उसे बाइक खड़ी करने के लिए काफी परेशान होना पड़ता है। इतना ही नहीं बाइक स्वामी यदि किसी दुकान के सामने लगाता है तो उसके लिए भी उसे जहमत उठानी पड़ती है। दुकानदार उसे बाइक नहीं खड़ा करने देते हैं। जिससे उसे काफी समस्या होती है। इसे लेकर कई बार अधिकारियों को भी अवगत कराया गया लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सिधारी-हाईडिल मार्ग पर भी अतिक्रमणकारियों का बोलबाला
आजमगढ़। सिधारी से हाईडिल चौराहे तक जाने वाले मार्ग पर फुटपाथ तो बना है लेकिन वह आम जनता को नसीब नहीं होता। उसपर दुकानदारों की कब्जा होता है। यदि कोई उस मार्ग पर वाहन चलाने का प्रयास करता है तो दुकानदार झगड़ने के लिए भी तैयार हो जाते हैं। जबकि शासन का निर्देश था कि शहर को अतिक्रमणमुक्त किया जाए। इसके बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इससे राहगीरों को काफी समस्या हो रही है।
रोडवेज के फुटपाथ पर भी अस्थायी कब्जा
आजमगढ़। बवाली मोड़ से रोडवेज होते हुए घंटा घर तक जाने वाले मार्ग पर शासन के निर्देश पर बकायदा फुटपाथ बनाकर स्टील की ग्रिल लगाई गई थी। ताकि कोई भी वाहन उस फुटपाथ पर न चल सके। सिर्फ पैदल लोगों का आवागमन हो सके। सबकुछ तो शासन के निर्देश पर ठीक से हो गया लेकिन दुकानदारों की इतनी मनमानी की वह पूरे फुटपाथ पर ही कब्जा कर लिए हैं। फुटपाथ का उपयोग दुकानदारी में की जा रही है। इतना ही नहीं कुछ जगहों पर तो उसे वाहन स्टैंड के रूप में प्रयोग किया जा रहा है। इसकी बानगी घंटा घर से लेकर रोडवेज होते हुए बवाली मोड़ पर देखने को मिलेगी।
एसडीएम सदर जेआर चौधरी ने बताया कि अभी तक हम सभी लोकसभा आजमगढ़ के उपचुनाव में लगे हुए थे। आचार संहिता लगने के कारण इसपर कुछ काम नहीं हो पाया। अब कार्ययोजना बनाकर इसपर काम किया जाएगा। ईओ से मिलकर जिले में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा। ताकि लोगों को राहत मिल सके।