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अफसरों ने मतदानकर्मियों को दायित्व का कराया बोध
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आजमगढ़-मऊ स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश राज्य विधान परिषद निर्वाचन-2022 को सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन की तैयारी युद्घस्तर पर चल रही है। इसे लेकर शुक्रवार को नेहरू हाल में पोलिंग पार्टियों को प्रशिक्षत किया गया। मतदान कर्मियों को चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों पर होने वाली हर गतिविधि के बारे में उनके कार्यों एवं दायित्व के बारे में जानकारी दी गई, ताकि मतदान के दौरान कर्मी सभी स्थिति से निपट सकें।
नौ अप्रैल को जिले के 24 बूथों पर मतदान होगा। इसे लेकर मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने उपस्थित जोनल, सेक्टर एवं पीठासीन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन कार्य को संपन्न करने के लिए निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र ने पीठासीन अधिकारियों के कर्तव्य एवं दायित्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मतदान दल के सदस्यों से परिचित हो जाएं, प्रशिक्षणों में भाग लेकर निर्देशों की प्राप्ति कर भली-भॉति अध्ययन कर लें। एक साथ मिलकर मतदेय स्थल के लिए प्रस्थान करें। प्रस्थान करने से पूर्व नियत काउंटर से सभी आवश्यक सामग्री प्राप्त कर लें। जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय ने मतदाता द्वारा वोट देने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में सहायक नोडल अधिकारी इंजीनियर कुलभूषण सिंह ने संपूर्ण मतदान प्रक्रिया का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। मतदान के एक दिन पूर्व प्रस्थान स्थल से मतदान सामग्री प्राप्त करना, जिसमें यह जांच कर लें कि मतपेटी ठीक है, मतदाता सूची (चिन्हित प्रतियां) की सभी प्रविष्टियां सही हैं व उसी बूथ की हैं, मतपत्रों की भी जांच अवश्य कर लें। मतदान अधिकारियों के कार्य विभाजन के बारे में भी बताया गया।
प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची का करेंगे चिन्हित
प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची के चिन्हित व्यक्ति का प्रभारी होगा एवं निर्वाचकों के पहचान का जिम्मेदार होगा। द्वितीय मतदान अधिकारी मतपत्रों का प्रभारी होगा। तृतीय मतदान अधिकारी मतपेटी एवं मतपत्रों को चिन्हित करने वाली वस्तु का प्रभारी होगा। यह भी बताया गया कि मतदान प्रारम्भ से ठीक पहले पीठासीन अधिकारी मतदान अभिकर्ताओं एवं वहां उपस्थित सदस्यों (व्यक्तियों) को यह दिखाएगा कि मतदान के दौरान प्रयोग होने वाली मतपेटिका खाली है।
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पोलिंग पार्टियों को दी जानकारी
पोलिंग पार्टियों को टेंडर वोट, चैलेंज वोट, मतपत्र लेखा एवं पीठासीन डायरी आदि के बारे में भी बताया गया। लिफाफों की सीलिंग पैकिंग, सांविधिक एवं असांविधिक लिफाफों के पैकेट बनाने के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण उपरांत जिला विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों से प्रश्न भी पूछा गया। इस अवसर पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बृजेश श्रीवास्तव, प्रधान सहायक लल्लन राम, आशिफ आदि उपस्थित रहे।
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नौ अप्रैल को जिले के 24 बूथों पर मतदान होगा। इसे लेकर मतदान कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला ने उपस्थित जोनल, सेक्टर एवं पीठासीन अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार निर्वाचन कार्य को संपन्न करने के लिए निर्देश दिए। अपर जिलाधिकारी प्रशासन अनिल कुमार मिश्र ने पीठासीन अधिकारियों के कर्तव्य एवं दायित्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि मतदान दल के सदस्यों से परिचित हो जाएं, प्रशिक्षणों में भाग लेकर निर्देशों की प्राप्ति कर भली-भॉति अध्ययन कर लें। एक साथ मिलकर मतदेय स्थल के लिए प्रस्थान करें। प्रस्थान करने से पूर्व नियत काउंटर से सभी आवश्यक सामग्री प्राप्त कर लें। जिला विकास अधिकारी रवि शंकर राय ने मतदाता द्वारा वोट देने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में सहायक नोडल अधिकारी इंजीनियर कुलभूषण सिंह ने संपूर्ण मतदान प्रक्रिया का विस्तार से प्रशिक्षण दिया। मतदान के एक दिन पूर्व प्रस्थान स्थल से मतदान सामग्री प्राप्त करना, जिसमें यह जांच कर लें कि मतपेटी ठीक है, मतदाता सूची (चिन्हित प्रतियां) की सभी प्रविष्टियां सही हैं व उसी बूथ की हैं, मतपत्रों की भी जांच अवश्य कर लें। मतदान अधिकारियों के कार्य विभाजन के बारे में भी बताया गया।
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प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची का करेंगे चिन्हित
प्रथम मतदान अधिकारी मतदाता सूची के चिन्हित व्यक्ति का प्रभारी होगा एवं निर्वाचकों के पहचान का जिम्मेदार होगा। द्वितीय मतदान अधिकारी मतपत्रों का प्रभारी होगा। तृतीय मतदान अधिकारी मतपेटी एवं मतपत्रों को चिन्हित करने वाली वस्तु का प्रभारी होगा। यह भी बताया गया कि मतदान प्रारम्भ से ठीक पहले पीठासीन अधिकारी मतदान अभिकर्ताओं एवं वहां उपस्थित सदस्यों (व्यक्तियों) को यह दिखाएगा कि मतदान के दौरान प्रयोग होने वाली मतपेटिका खाली है।
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पोलिंग पार्टियों को दी जानकारी
पोलिंग पार्टियों को टेंडर वोट, चैलेंज वोट, मतपत्र लेखा एवं पीठासीन डायरी आदि के बारे में भी बताया गया। लिफाफों की सीलिंग पैकिंग, सांविधिक एवं असांविधिक लिफाफों के पैकेट बनाने के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण उपरांत जिला विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित प्रशिक्षणार्थियों से प्रश्न भी पूछा गया। इस अवसर पर सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी बृजेश श्रीवास्तव, प्रधान सहायक लल्लन राम, आशिफ आदि उपस्थित रहे।