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जमीन तो गई, मुआवजा भी नहीं मिला
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Thu, 16 Jun 2016 11:12 PM IST
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। जिले में फोरलेन के निर्माण में प्रभावित होने वाले किसानों के मुआवजा भुगतान में बड़े पैमाने पर अनियमितता व गड़बड़ी की शिकायतें मिलीं हैं। इसको देखते हुए जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने ऐसी शिकायतों की जांच कर समस्याओं का निस्तारण करने के लिए तीन अधिकारियों की टीम गठित की है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-233 के निर्माण में बूढनपुर, सगड़ी, सदर, निजामाबाद, मेंहनगर और लालगंज तहसील के लगभग 144 गांवों के किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के मुआवजा भुगतान के संबंध में विशेष भूमि अध्याप्ति इकाई के कर्मचारियों के विरुद्ध विभिन्न स्रोतों से कथित वित्तीय अनियमितता और मुआवजा निर्धारण में बिचौलियों की शिकायतें आई हैं। ऐसे में विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को अन्यत्र स्थानांतरित करते हुए उनके स्थान पर अन्य कर्मचारियों की तैनाती का अनुरोध भूमि अध्याप्ति निदेशालय राजस्व परिषद लखनऊ से किया गया है। साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के भीतर सीसी कैमरा लगवाने, मुआवजा भुगतान के लिए आयोजित होने वाली कैंप की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को शिकायत मिली है कि मिरिया रेड़हा गांव की 2.9800 हेक्टेयर भूमि अर्जन की अधिसूचना का प्रकाशन 17 दिसंबर 2013 को हुआ और मुआवजा दर का निर्धारण हुआ। इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की ओर से ग्रामीणों को उनकी अधिगृहीत भूमि का मुआवजा भुगतान न होने देने एवं कम दर पर भुगतान होने का डर दिखाकर जबरदस्ती उनकी भूमि अपने या सगे-सबंधियों के नाम से पंजीकरण कराया जा रहा है और मुआवजा का भुगतान खुद के खातों में कराया जा रहा है। ग्राम मिरिया रेड़हा में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की अधिसूचना 2013 में प्रकाशित होने के बाद भूमि का विक्रय किया गया है, जबकि अधिसूचना के बाद ऐसा नहीं होना चाहिए।
एडीएम की जांच आख्या से पता चला कि सविता पत्नी विजय शंकर, हेमलता देवी पत्नी सुधीर, आराधना देवी पत्नी पंकज, सुरेंद्र पुत्र राजमणि, आराधना पत्नी पंकज, आशा पत्नी ज्ञानेंद्र, चंदन पुत्र भूपेंद्र, सुधीर पुत्र हरेंद्र को पूरा मुआवजा एक मुश्त दे दिया गया है। वकील अहमद पुत्र खलील अहमद, आलोक कुमार पुत्र राजेंद्र, संतोष कुमारी पत्नी हरिश्याम, सीमा पत्नी राजेश कुमार, पंकज पुत्र जय प्रकाश, रितेश पुत्र गणेश को दो किस्तों में मुआवजा दिया गया है। जबकि मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्तिओं ने जिन किसानों से भूमि क्रय की है, उन किसानों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है। आख्या में शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि क्रेता सुरेंद्र पुत्र राजमणि और आराधना पत्नी पंकज भूमि अध्याप्ति कार्यालय में कार्यरत योगेंद्र सिंह के सगे भाई और पुत्रवधू हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रभावित भूमि, मुआवजा आदि की जानकारी हो जाने पर विशेष अमीन योगेंद्र सिंह ने भूमि अध्याप्ति कार्यालय में अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए किसानों पर दबाव बनाकर उनकी भूमि को न्यूनतम मूल्य पर सगे-संबंधियों को क्रय कराकर मुआवजा रूप में करोड़ों की धनराशि का भुगतान खुद करा लिया।
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जिलाधिकारी ने बताया कि किसानों के मुआवजा भुगतान के संबंध में विशेष भूमि अध्याप्ति इकाई के कर्मचारियों के विरुद्ध विभिन्न स्रोतों से कथित वित्तीय अनियमितता और मुआवजा निर्धारण में बिचौलियों की शिकायतें आई हैं। ऐसे में विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को अन्यत्र स्थानांतरित करते हुए उनके स्थान पर अन्य कर्मचारियों की तैनाती का अनुरोध भूमि अध्याप्ति निदेशालय राजस्व परिषद लखनऊ से किया गया है। साथ ही विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के भीतर सीसी कैमरा लगवाने, मुआवजा भुगतान के लिए आयोजित होने वाली कैंप की वीडियोग्राफी कराने का निर्देश दिया है। जिलाधिकारी ने बताया कि अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व को शिकायत मिली है कि मिरिया रेड़हा गांव की 2.9800 हेक्टेयर भूमि अर्जन की अधिसूचना का प्रकाशन 17 दिसंबर 2013 को हुआ और मुआवजा दर का निर्धारण हुआ। इसके बाद विशेष भूमि अध्याप्ति कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की ओर से ग्रामीणों को उनकी अधिगृहीत भूमि का मुआवजा भुगतान न होने देने एवं कम दर पर भुगतान होने का डर दिखाकर जबरदस्ती उनकी भूमि अपने या सगे-सबंधियों के नाम से पंजीकरण कराया जा रहा है और मुआवजा का भुगतान खुद के खातों में कराया जा रहा है। ग्राम मिरिया रेड़हा में राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण की अधिसूचना 2013 में प्रकाशित होने के बाद भूमि का विक्रय किया गया है, जबकि अधिसूचना के बाद ऐसा नहीं होना चाहिए।
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एडीएम की जांच आख्या से पता चला कि सविता पत्नी विजय शंकर, हेमलता देवी पत्नी सुधीर, आराधना देवी पत्नी पंकज, सुरेंद्र पुत्र राजमणि, आराधना पत्नी पंकज, आशा पत्नी ज्ञानेंद्र, चंदन पुत्र भूपेंद्र, सुधीर पुत्र हरेंद्र को पूरा मुआवजा एक मुश्त दे दिया गया है। वकील अहमद पुत्र खलील अहमद, आलोक कुमार पुत्र राजेंद्र, संतोष कुमारी पत्नी हरिश्याम, सीमा पत्नी राजेश कुमार, पंकज पुत्र जय प्रकाश, रितेश पुत्र गणेश को दो किस्तों में मुआवजा दिया गया है। जबकि मुआवजा प्राप्त करने वाले व्यक्तिओं ने जिन किसानों से भूमि क्रय की है, उन किसानों को अब तक भुगतान नहीं किया गया है। आख्या में शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा गया है कि क्रेता सुरेंद्र पुत्र राजमणि और आराधना पत्नी पंकज भूमि अध्याप्ति कार्यालय में कार्यरत योगेंद्र सिंह के सगे भाई और पुत्रवधू हैं। इससे स्पष्ट है कि प्रभावित भूमि, मुआवजा आदि की जानकारी हो जाने पर विशेष अमीन योगेंद्र सिंह ने भूमि अध्याप्ति कार्यालय में अपने दायित्वों का दुरुपयोग करते हुए किसानों पर दबाव बनाकर उनकी भूमि को न्यूनतम मूल्य पर सगे-संबंधियों को क्रय कराकर मुआवजा रूप में करोड़ों की धनराशि का भुगतान खुद करा लिया।
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