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लोकगीतों से किसानों को दी गई जानकारी
ब्यूरो/अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Wed, 11 Nov 2015 08:48 PM IST
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लपुर ब्लाक में मंगलवार को कृषि विभाग के तत्वावधान में कृषि मेला और प्रर्दशनी का आयोजन किया गया। जिसमें किसानों को लोकगीत के माध्यम से जागरूक किया गया।
वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का जवाब दिया। साथ वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गए सवालों का सही उत्तर देने पर किसानों को पुरस्कृत किया।
अपने संबोधन में जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दूबे ने कहा कि भारतीय अर्थ व्यवस्था की रीढ़ किसान है। भारत की अर्थ व्यवस्था तब तक सुदृढ़ नहीं हो सकती, जब तक भारत का किसान जागरूक और खुशहाल नहीं हो जाता है।
मृदा वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने कहा कि मृदा की जांच आवश्यक है। जैव उर्वरक जीवित सूक्ष्म जीवाणुओं के यौगिक होते हैं। जिनके प्रयोग से मिट्टी में वायुमंडलीय पोषक तत्वों का स्थिरीकरण तथा पोषक तत्वों को विलेय बनाकर पौधो को उपलब्ध कराते है।
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साथ ही उत्पादकता बढ़ाकर मृदा स्वास्थ्य सुधार कर प्रदूषण कम करते हैं। पशुपालन वैज्ञानिक डा. एल सी वर्मा ने कहा कि गाय में साहीवाल और सिंधी एंव भैस में मुर्रा नस्ल व बकरी में यमुनापारी नस्ल के पशु पालन करने में अधिक लाभ है।
इस दौरान लोकगीत गायक कलाकार मुन्ना लाल यादव और उनके साथियों ने बिरहा के माध्यम से किसानों को जागरूक किया गया। इस मौके पर दिनेश पांडेय, प्रधान संघ अध्यक्ष भारत यादव, राजेश, सुधाीर, पंकज आदि लोग मौजूद थे।
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वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों के सवालों का जवाब दिया। साथ वैज्ञानिकों द्वारा पूछे गए सवालों का सही उत्तर देने पर किसानों को पुरस्कृत किया।
अपने संबोधन में जिला कृषि अधिकारी बसंत कुमार दूबे ने कहा कि भारतीय अर्थ व्यवस्था की रीढ़ किसान है। भारत की अर्थ व्यवस्था तब तक सुदृढ़ नहीं हो सकती, जब तक भारत का किसान जागरूक और खुशहाल नहीं हो जाता है।
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मृदा वैज्ञानिक डा. रणधीर नायक ने कहा कि मृदा की जांच आवश्यक है। जैव उर्वरक जीवित सूक्ष्म जीवाणुओं के यौगिक होते हैं। जिनके प्रयोग से मिट्टी में वायुमंडलीय पोषक तत्वों का स्थिरीकरण तथा पोषक तत्वों को विलेय बनाकर पौधो को उपलब्ध कराते है।
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साथ ही उत्पादकता बढ़ाकर मृदा स्वास्थ्य सुधार कर प्रदूषण कम करते हैं। पशुपालन वैज्ञानिक डा. एल सी वर्मा ने कहा कि गाय में साहीवाल और सिंधी एंव भैस में मुर्रा नस्ल व बकरी में यमुनापारी नस्ल के पशु पालन करने में अधिक लाभ है।
इस दौरान लोकगीत गायक कलाकार मुन्ना लाल यादव और उनके साथियों ने बिरहा के माध्यम से किसानों को जागरूक किया गया। इस मौके पर दिनेश पांडेय, प्रधान संघ अध्यक्ष भारत यादव, राजेश, सुधाीर, पंकज आदि लोग मौजूद थे।