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वर्दी का रौब : इन्हें न चालान का भय न ही जान जाने का डर
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आजमगढ़। बिना हेलमेट दो पहिया वाहन चालकों का चालान काटने वाले पुलिसकर्मी स्टाफ का रौब दिखा खुद ही सड़कों पर बिना हेलमेट दोपहिया वाहनों पर रफ्तार भर रहे हैं। उन्हें न चालान का भय है और ना ही जान जाने का डर। नियमों को धता बताने वाले ऐसे पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हो रही। जिम्मेदार मूकदर्शक बने हुए हैं।
अमर उजाला की टीम ने शहर के तिराहे व चौराहे की पड़ताल की तो चौंकाने वाली स्थिति आई। बिना हेलमेट चलने वाले कई पुलिस वाले मिले। शहर के विभिन्न चौक चौराहों से होकर गुजरे इन पुलिसकर्मियों को कहीं यातायात पुलिस व सिविल पुलिस ने रोका नहीं, क्योंकि ये तो स्टाफ हैं। इनका चालान कैसे किया जा सकता है।
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सीन-1
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद आम जनता पर तो खूब कार्रवाई हो रही है। लेकिन इसका पालन कराने वाले खुद नियम तोड़ रहे हैं। यह तस्वीर दीवानी कचहरी के पास की है। यहां से बाइक से गुजर रहे डबल सवारी पुलिसकर्मी ने हेलमेट नहीं पहनी है।
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सीन-2
तस्वीर सिविल लाइन की है। कहते हैं पुलिस सरकार की अहम कड़ी है, जो कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन जब जिम्मेदार पदाधिकारी ही कानून तोड़ें तो फिर जनता से उम्मीद कैसे की जाए। महिला पुलिसकर्मी ने हेलमेट नहीं पहन रखी है। इनको चालान का जरा भी डर नहीं है। जैसे कानून इनके लिए बना ही नहीं है।
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एसपी द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को यातायात नियमों का सम्यक पालन करने के लिए यातायात माह के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एक नवंबर को ही आदेशित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति चाहे पुलिस का हो या पब्लिक का, सार्वजनिक स्थल पर यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाहियों की जाएगी।
-विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात आजमगढ़।
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अमर उजाला की टीम ने शहर के तिराहे व चौराहे की पड़ताल की तो चौंकाने वाली स्थिति आई। बिना हेलमेट चलने वाले कई पुलिस वाले मिले। शहर के विभिन्न चौक चौराहों से होकर गुजरे इन पुलिसकर्मियों को कहीं यातायात पुलिस व सिविल पुलिस ने रोका नहीं, क्योंकि ये तो स्टाफ हैं। इनका चालान कैसे किया जा सकता है।
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सीन-1
नया मोटर व्हीकल एक्ट आने के बाद आम जनता पर तो खूब कार्रवाई हो रही है। लेकिन इसका पालन कराने वाले खुद नियम तोड़ रहे हैं। यह तस्वीर दीवानी कचहरी के पास की है। यहां से बाइक से गुजर रहे डबल सवारी पुलिसकर्मी ने हेलमेट नहीं पहनी है।
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सीन-2
तस्वीर सिविल लाइन की है। कहते हैं पुलिस सरकार की अहम कड़ी है, जो कानून व्यवस्था को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है, लेकिन जब जिम्मेदार पदाधिकारी ही कानून तोड़ें तो फिर जनता से उम्मीद कैसे की जाए। महिला पुलिसकर्मी ने हेलमेट नहीं पहन रखी है। इनको चालान का जरा भी डर नहीं है। जैसे कानून इनके लिए बना ही नहीं है।
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एसपी द्वारा सभी पुलिस कर्मियों को यातायात नियमों का सम्यक पालन करने के लिए यातायात माह के उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान एक नवंबर को ही आदेशित किया गया है। यदि कोई व्यक्ति चाहे पुलिस का हो या पब्लिक का, सार्वजनिक स्थल पर यातायात नियमों का उल्लंघन करते पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्यवाहियों की जाएगी।
-विवेक त्रिपाठी, एसपी यातायात आजमगढ़।