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तथ्य छिपाकर बने थे सहायक अध्यापक, गई नौकरी
ब्यूरो,अमर उजाला,आजमगढ़
Updated Tue, 06 Feb 2018 12:29 AM IST
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दिवानी न्यायालय के अधिवक्ता नसिरूद्दीन खां ने सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक आजमगढ़ मंडल को शिकायती पत्र सौंपकर सहायक अध्यापक अरूण पाठक की नियुक्ति को शासनादेश के विपरीत बताया था।
जांच के दौरान शिकायत सत्य पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. वीके शर्मा ने नियुक्ति को शून्य करते हुए वेतन के रूप में मिले भुगतान की वूसली का निर्देश वित्त एवं लेखाधिकारी को दिया।
अधिवक्ता ने शिकायत पत्र में बताया था कि अरूण कुमार पाठक की माता स्व. बच्ची देवी और पिता छोटे लाल पाठक बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यरत रहे। इसलिए मां की मृत्यु के बाद इनकी मृतक आश्रित में नियुक्ति शासनादेश के विपरीत है।
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इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी पल्हनी से कराई। जांच के दौरान अधिवक्ता नसिरूद्दीन खां की शिकायत सही पाई गई। इस पर 22 दिसंबर को अरूण को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 30 दिसंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई।
लेकिन वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। कार्यालय में मौजूद अभिलेखों की जांच में पाया गया कि अरूण पाठक ने शपथ पत्र में तथ्य छिपाकर नियुक्ति प्राप्त कर ली है। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अरूण पाठक की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य करते हुए वेतन रूप में हुए भुगतान की समस्त धनराशि वसूली के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी पल्हनी को इनके विरूद्घ वैधानिक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।
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जांच के दौरान शिकायत सत्य पाए जाने पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डा. वीके शर्मा ने नियुक्ति को शून्य करते हुए वेतन के रूप में मिले भुगतान की वूसली का निर्देश वित्त एवं लेखाधिकारी को दिया।
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अधिवक्ता ने शिकायत पत्र में बताया था कि अरूण कुमार पाठक की माता स्व. बच्ची देवी और पिता छोटे लाल पाठक बेसिक शिक्षा विभाग में अध्यापक के पद पर कार्यरत रहे। इसलिए मां की मृत्यु के बाद इनकी मृतक आश्रित में नियुक्ति शासनादेश के विपरीत है।
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इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने इसकी जांच खंड शिक्षा अधिकारी पल्हनी से कराई। जांच के दौरान अधिवक्ता नसिरूद्दीन खां की शिकायत सही पाई गई। इस पर 22 दिसंबर को अरूण को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और 30 दिसंबर को सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई।
लेकिन वह सुनवाई में उपस्थित नहीं हुए। कार्यालय में मौजूद अभिलेखों की जांच में पाया गया कि अरूण पाठक ने शपथ पत्र में तथ्य छिपाकर नियुक्ति प्राप्त कर ली है। इस पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अरूण पाठक की नियुक्ति को नियुक्ति तिथि से शून्य करते हुए वेतन रूप में हुए भुगतान की समस्त धनराशि वसूली के लिए बेसिक शिक्षा विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी को निर्देशित किया। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारी पल्हनी को इनके विरूद्घ वैधानिक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया।