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कब्जे से खत्म हुआ नगर क्षेत्र के कई पोखरों का अस्तित्व

Sun, 12 Jun 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jun 2022 11:42 PM IST
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The existence of many ponds of the city area ended due to occupation
आजमगढ़। एक तरफ सरकार की ओर से जल संरक्षण के लिए नए पोखरों की खुदाई कराई जा रही है। दूसरी तरफ पुराने पोखरों का जीर्णोद्घार कराया जा रहा है। वहीं नगर पालिका क्षेत्र में स्थित कई पोखरों का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। कई पोखरे ऐसे हैं जो अपने अस्तित्व को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। अगर जल्द इन पोखरों से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो इनका भी अस्तित्व समाप्त होते देर नहीं लगेगी। जनपद में जल का दोहन बड़े पैमाने पर हो रहा है। लेकिन जल संरक्षण की कोई विशेष कवायद होती नहीं दिखती है। नगर क्षेत्र में स्थित कुंओं का अस्तित्व समाप्त हो चुका है। जो पोखरे थे उनको पाटकर लोगों ने आलीशान बिल्डिंगें खड़ी कर ली। जो पोखरे बचे हैं वह भी अतिक्रमण से कराह रहे हैं। लोगों का आरोप है कि सब कुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे बैठे हैं। जबकि शासन की ओर से तालाबों और पोखरों को अतिक्रमण मुक्त कर उनका जीर्णोद्घार कराने का निर्देश दिया गया है। सरकार की ओर से अमृत सरोवर योजना का संचालन किया जा रहा है। जिसके तहत पोखरों का सुंदरीकरण किया जाना है। जनपद के सठियांव और पल्हनी ब्लाक डार्क जोन में आ गए थे। जिन्हें वर्षों की मेहनत के बाद इस स्थिति से बाहर निकाला गया। वहीं नगर क्षेत्र में जल संरक्षण पर ध्यान किसी का नहीं है। हर्रा की चुंगी क्षेत्र स्थित बलदेव पोखरे का अस्तित्व समाप्त हो गया है। कोइरिया पोखरा अतिक्रमण से कराह रहा है। दलसिंगार का पोखरा पहले ही मानचित्र से गायब हो चुका है। अटलस के पोखरे पर भी अतिक्रमणकारियों की गिद्घ दृष्टि लगी हुई है।
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पोखरे को पाटकर बनी बिल्डिंगें
नगर के हर्रा की चुंगी क्षेत्र में बलदेव का पोखरा काफी प्रसिद्घ था। इस पोखरे के बीच में एक पोल भी लगा हुआ था। पहले लोगों ने इसके किनारे गुमटी रखकर अपनी दुकानें सजाई फिर धीरे-धीरे इस पाटना शुरू किया। आज इस पोखरे का अस्तित्व समाप्त हो चुका है।
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खत्म होने की कगार पर अठवरिया का पोखरा
नगर के मुख्य चौक क्षेत्र में अठवरिया खानदान का बहुत पोखरा था। पहले यह पोखरा काफी बड़ा था लेकिन आज इस पोखरे की सूरत ही बदल गई है। अगल बगल के लोगों ने इस पोखरे को पाटते-पाटते एक गड्ढ़े में तब्दील कर दिया है। इसकी जमीनों पर लोगों ने अतिक्रमण करना भी शुरू कर दिया है।
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चारों तरफ से अतिक्रमण की जद में कोइरिया पोखरा
नगर के सिविल लाइंस क्षेत्र में मशहूर कोइरिया का पोखरा था। इसकी विशालता लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती थी। समय के साथ इसकी जमीनों पर लागों ने कब्जा करना शुरू कर दिया। आज चारों तरफ से यह पोखरा अतिक्रमण कारियों की चपेट में आ चुका है। जिसके कारण इसके अस्तित्व पर खत्म होने का संकट मंड़रा रहा है।

इस मामले में नगरपालिका ईओ मनोज कुमार ने बताया कि नगर क्षेत्र में पोखरियों के चिह्नांकन के लिए हमने एसडीएम को पत्र भेजा है। जिसमें उनसे मांगा है कि नगर क्षेत्र में कितनी पोखरियां है और उनका रकबा कितना है। अब वहां से कुछ जवाब आए तो हम आगे की कार्रवाई करें। क्योंकि यह राजस्व का मामला है हम इसमें कुछ नहीं कर सकते।
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