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Azamgarh News: अजमतगढ़ के अतरकच्छा में बिना काम 3.51 लाख का भुगतान
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अजमतगढ़ के अतरकच्छा में झाड़-झंखाड़ से पटा खोदाई दिखाया गया बाहा। संवाद
जिले की मनरेगा में सर्वाधिक भुगतान कराने वाली ग्राम पंचायत में शुमार अजमतगढ़ विकास खंड की अतरकच्छा पर वीबीजी-रामजी में भी ब्लॉक प्रशासन की रहमत बरस रही है।
नतीजा है कि एक जुलाई से शुरू हुई नई योजना में ब्लॉक प्रशासन ने अभी तक जिले की सर्वाधिक 55.31 लाख रुपये ग्राम पंचायत को दे दिए हैं। इसमें बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में बाहा और पोखरी खोदाई के नाम पर बिना काम के ही 3.51 लाख रुपये का भुगतान किया पाया गया।
अजमतगढ़ विकास खंड की अतरकच्छा ग्राम पंचायत के ताल सलोना में सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई और ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई कागजों में दर्शाई गई है।
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बाहा घास से पटा हुआ है तो ताल में जहां पोखरी खोदाई कागजों में कराई गई है, वहां मौके पर चारों तरफ धान की फसल लगी हुई है और बीच में बड़ी-बड़ी झाड़-झंखाड़ उगी हुई है। मौके पर दोनों जगहों पर कोई काम नहीं हुआ है, जबकि दोनों काम के बदले 3.51 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया है।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में ताल सलोना में ही पोखरी खोदाई और बाहा खोदाई के नाम पर भुगतान कराया गया है। 22 सितंबर तक अतरकच्छा ग्राम पंचायत में कुल 55.31 लाख रुपये का भुगतान होना दिखाया गया है, जो जिले की किसी भी ग्राम पंचायत में भुगतान का सबसे अधिक है।
पड़ताल के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि यहां ताल सलोना ग्राम पंचायत के लिए सोने की खदान के रूप में है। इसमें एक बाहा को कई टुकड़ों में बांटकर प्रतिवर्ष लाखों रुपये का भुगतान कराया जाता है तो वहीं ताल में पोखरों के खोदाई पर भी प्रतिवर्ष बड़ी धनराशि बिना काम कराए ही निकाली जाती है।
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अतरकच्छा में अभी तक कराए गए कार्य
ताल सलोना में सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई, डोगनी बार्डर से हीरा के खेत तक बाहा खोदाई, उषा देवी के खेत से सलोना ताल तक बाहा खोदाई, फौजदार के खेत से राम सिंह के खेत तक बाहा खोदाई, मनोज के खेत से नगीना के खेत के आगे तक चकबंध कार्य, सोफियान के खेत से आबिद के खेत तक मिट्टी सड़क निर्माण, हन्नान के खेत से अख्तर के खेत तक मिट्टी सड़क निर्माण, ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल सलोना में अकबर के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल सलोना में सुफियान के खेत के पास पोखरी खोदाई, नसीम के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल में पिंटू के खेत के पास पोखरी खोदाई।
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पोखरी पर 2.07 लाख तो बाहा पर 1.44 लाख का कराया भुगतान
अतरकच्छा ग्राम पंचायत के ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई का कार्य कागजों में 5 जुलाई को शुरू होना दिखाया गया है। इसमें 19 सितंबर को तीन-तीन अलग-अलग एफटीओ से 48-48 हजार और 21-21 हजार रुपये सहित कुल 2.07 लाख का भुगतान मजदूरों के खाते में किया गया है। इसी तरह सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई के नाम पर 48000, 48000, 4800, 21000, 21000 और 2100 रुपये सहित कुल 1.44 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है, जबकि मौके पर बाहा झाड़-झंखाड़ से पटा पड़ा है और पोखरी पर भी कोई काम नहीं हुआ है।
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मेरे खेत के बगल में ही बाहा है। इसकी एक दशक पहले खोदाई हुई थी, पर इधर कभी भी कोई काम नहीं हुआ, पर प्रतिवर्ष इस पर पैसा उतारा जाता है। -सुबाष पासवान, कतरकच्छा।
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ग्राम पंचायत के ताल सलोना में धान के खेत के बीच में पोखरी खोदाई बताया जा रहा है, पर यहां कोई काम हुआ ही नहीं है। केवल फर्जी काम पर ब्लाक भुगतान कर रहा है। -नजरे आलम, अतरकच्छा।
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ताल सलोना में प्रतिवर्ष आधा दर्जन से अधिक संख्या में पोखरी की खोदाई सिर्फ कागजों पर होती है। ताल सलोना फर्जी कामों के लिए एक सोने की खदान के रूप में रह गया है। -एहसान खान, अतरकच्छा।
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ताल सलोना में एक ही लंबा बाहा है। इसको कई टुकड़ों में बांटकर फर्जी तरीके से प्रतिवर्ष बाहा खोदाई कागजों पर कराई जाती है। इसमें ब्लाक प्रशासन व ग्राम पंचायत की मिलीभगत है। -अबूसाद, अतरकच्छा।
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बिना काम कराए भुगतान की जानकारी नहीं थी, अब हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर बिना काम भुगतान पाया गया तो इसमें शामिल दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र कुमार मिश्रा, बीडीओ अजमतगढ़।
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नतीजा है कि एक जुलाई से शुरू हुई नई योजना में ब्लॉक प्रशासन ने अभी तक जिले की सर्वाधिक 55.31 लाख रुपये ग्राम पंचायत को दे दिए हैं। इसमें बृहस्पतिवार को की गई पड़ताल में बाहा और पोखरी खोदाई के नाम पर बिना काम के ही 3.51 लाख रुपये का भुगतान किया पाया गया।
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अजमतगढ़ विकास खंड की अतरकच्छा ग्राम पंचायत के ताल सलोना में सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई और ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई कागजों में दर्शाई गई है।
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बाहा घास से पटा हुआ है तो ताल में जहां पोखरी खोदाई कागजों में कराई गई है, वहां मौके पर चारों तरफ धान की फसल लगी हुई है और बीच में बड़ी-बड़ी झाड़-झंखाड़ उगी हुई है। मौके पर दोनों जगहों पर कोई काम नहीं हुआ है, जबकि दोनों काम के बदले 3.51 लाख रुपये का भुगतान करा लिया गया है।
इसके साथ ही बड़ी संख्या में ताल सलोना में ही पोखरी खोदाई और बाहा खोदाई के नाम पर भुगतान कराया गया है। 22 सितंबर तक अतरकच्छा ग्राम पंचायत में कुल 55.31 लाख रुपये का भुगतान होना दिखाया गया है, जो जिले की किसी भी ग्राम पंचायत में भुगतान का सबसे अधिक है।
पड़ताल के दौरान ग्रामीणों ने एक स्वर में बताया कि यहां ताल सलोना ग्राम पंचायत के लिए सोने की खदान के रूप में है। इसमें एक बाहा को कई टुकड़ों में बांटकर प्रतिवर्ष लाखों रुपये का भुगतान कराया जाता है तो वहीं ताल में पोखरों के खोदाई पर भी प्रतिवर्ष बड़ी धनराशि बिना काम कराए ही निकाली जाती है।
अतरकच्छा में अभी तक कराए गए कार्य
ताल सलोना में सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई, डोगनी बार्डर से हीरा के खेत तक बाहा खोदाई, उषा देवी के खेत से सलोना ताल तक बाहा खोदाई, फौजदार के खेत से राम सिंह के खेत तक बाहा खोदाई, मनोज के खेत से नगीना के खेत के आगे तक चकबंध कार्य, सोफियान के खेत से आबिद के खेत तक मिट्टी सड़क निर्माण, हन्नान के खेत से अख्तर के खेत तक मिट्टी सड़क निर्माण, ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल सलोना में अकबर के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल सलोना में सुफियान के खेत के पास पोखरी खोदाई, नसीम के खेत के पास पोखरी खोदाई, ताल में पिंटू के खेत के पास पोखरी खोदाई।
पोखरी पर 2.07 लाख तो बाहा पर 1.44 लाख का कराया भुगतान
अतरकच्छा ग्राम पंचायत के ताल सलोना में आलमगीर के खेत के पास पोखरी खोदाई का कार्य कागजों में 5 जुलाई को शुरू होना दिखाया गया है। इसमें 19 सितंबर को तीन-तीन अलग-अलग एफटीओ से 48-48 हजार और 21-21 हजार रुपये सहित कुल 2.07 लाख का भुगतान मजदूरों के खाते में किया गया है। इसी तरह सुबाष के खेत से ताल तक बाहा खोदाई के नाम पर 48000, 48000, 4800, 21000, 21000 और 2100 रुपये सहित कुल 1.44 लाख रुपये का भुगतान दर्शाया गया है, जबकि मौके पर बाहा झाड़-झंखाड़ से पटा पड़ा है और पोखरी पर भी कोई काम नहीं हुआ है।
मेरे खेत के बगल में ही बाहा है। इसकी एक दशक पहले खोदाई हुई थी, पर इधर कभी भी कोई काम नहीं हुआ, पर प्रतिवर्ष इस पर पैसा उतारा जाता है। -सुबाष पासवान, कतरकच्छा।
ग्राम पंचायत के ताल सलोना में धान के खेत के बीच में पोखरी खोदाई बताया जा रहा है, पर यहां कोई काम हुआ ही नहीं है। केवल फर्जी काम पर ब्लाक भुगतान कर रहा है। -नजरे आलम, अतरकच्छा।
ताल सलोना में प्रतिवर्ष आधा दर्जन से अधिक संख्या में पोखरी की खोदाई सिर्फ कागजों पर होती है। ताल सलोना फर्जी कामों के लिए एक सोने की खदान के रूप में रह गया है। -एहसान खान, अतरकच्छा।
ताल सलोना में एक ही लंबा बाहा है। इसको कई टुकड़ों में बांटकर फर्जी तरीके से प्रतिवर्ष बाहा खोदाई कागजों पर कराई जाती है। इसमें ब्लाक प्रशासन व ग्राम पंचायत की मिलीभगत है। -अबूसाद, अतरकच्छा।
बिना काम कराए भुगतान की जानकारी नहीं थी, अब हुई है। इसकी जांच कराई जाएगी। अगर बिना काम भुगतान पाया गया तो इसमें शामिल दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। -जितेंद्र कुमार मिश्रा, बीडीओ अजमतगढ़।

अजमतगढ़ के अतरकच्छा में झाड़-झंखाड़ से पटा खोदाई दिखाया गया बाहा। संवाद