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Azamgarh News: कागजों में जिंदा रहकर पेंशन लेते रहे मृतक, 5.34 करोड़ रुपये से ज्यादा की रिकवरी

Sat, 30 May 2026 12:08 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 30 May 2026 12:08 AM IST
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The deceased kept receiving pension by staying alive on paper, more than 5.34 crore rupees recovered
आजमगढ़।
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सरकारी नौकरी से सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके आश्रितों की मौत के बाद भी पेंशन खातों में पहुंचती रही। परिजनों ने कोषागार को मृत्यु की सूचना नहीं दी, इससे मृतक कागजों में जिंदा बने रहे और लगातार पेंशन जारी होती रही। जांच में ऐसे मामलों का खुलासा हुआ है। विभाग ने बीते चार सालों में पांच करोड़ से अधिक की धनराशि वसूली की है। कोषागार विभाग के अनुसार अप्रैल 2023 से अप्रैल 2026 के बीच कई पेंशनर्स और उनके आश्रितों की मौत हो गई थी, लेकिन परिजनों ने इसकी जानकारी विभाग को नहीं दी। इस कारण उनके खातों में पेंशन जाती रही। मामले की जांच कराई गई तो कई पेंशनर्स की मौत की पुष्टि हुई। इसके बाद उनकी पेंशन पर रोक लगाते हुए परिजनों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए। जांच के बाद उनसे ली गई रकम की वसूली की गई। बीते चार सालों में मृतक पेंशनरों के परिजनों से पांच करोड़ 34 लाख 58 हजार 778 रुपये की वसूली की गई है।

वर्षवार वसूली का विवरण

वर्ष वसूली हुई रुपये में
2023-24 20151012

2024-25 17770118
2025-26 14924754

2026-27 612894
केस एक
पेंशनर मुलाकी देवी की मौत 10 फरवरी 2022 को हो गई। इसके बाद परिजनों ने कोषागार कार्यालय में इसकी सूचना नहीं दी। इस कारण बीते आठ महीने तक पेंशन की धनराशि उनके खाते में जाती रही। परिजनों ने एक लाख 26 हजार 896 रुपये पेंशन का उपभोग किया। जानकारी होने पर विभाग ने नोटिस जारी करके वसूली की।
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केस दो
पेंशनर रामरूप यादव को कोषागार से पेंशन जारी होती थी। 20 सितंबर 2025 को उनकी मृत्यु हो गई। मृत्यु होने के बाद परिजनों ने कोषागार में इसकी सूचना नहीं दी। तीन महीने तक यानि 31 दिसंबर 2025 तक पेंशन की रकम एक लाख 59 हजार 120 रुपये उनके खाते में जाती रही। विभाग ने नोटिस जारी किया इसके बाद रकम की वसूली की गई।
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केस तीन
राजेंद्र प्रसाद मिश्र भी कोषागार से पेंशन लेते थे। 30 जनवरी 2026 को उनका निधन हो गया। उनके निधन के बाद सूचना नहीं मिलने पर विभाग की ओर से पेंशन की धनराशि उनके खाते में भेजी जाती रही। 30 अप्रैल 2026 को इसकी जानकारी होने पर विभाग की ओर से इनको वसूली का नोटिस जारी करके वसूली शुरू कर दी।
केस चार
लक्ष्मी देवी को भी कोषागार से पेंशन जारी होती थी। 27 जून 2024 को उनका निधन हो गया। निधन के बाद परिजनों ने कोषागार में इसकी सूचना नहीं दी। इसके कारण उनकी पेंशन जाती रही। जानकारी होने पर कोषागार में 31 अक्तूबर 2024 तक ली गई पेंशन की धनराशि वसूली की नोटिस जारी करके वसूली की गई।
ये है पेंशन के नियम
- 20 साल की सेवा पूरी करने वाले कार्मिकों को मूल वेतन की 50 प्रतिशत धनराशि पेंशन के रूप में मिलती है।
- पेंशनर्स के निधन के बाद उसकी आश्रित पत्नी को 10 साल तक पति के मूल वेतन की 50 प्रतिशत धनराशि और 10 वर्ष के बाद 30 प्रतिशत धनराशि पेंशन के रूप में प्रदान की जाती है।
- अगर पत्नी की भी मृत्यु हो जाती है तो उसके ऐसे दिव्यांग बच्चे जो माता-पिता के रहते दिव्यांग हुआ हो तो उसे मूल वेतन की 30 प्रतिशत धनराशि पेंशन के रूप में मिलती है।

- अविवाहित पुत्री, विधवा या तलाक शुदा पुत्री को भी मूल वेतन के 30 प्रतिशत धनराशि की पेंशन पाने की हकदार होती है।

पेंशनर्स की मौत के बाद भी परिजन सूचना नहीं दे रहे हैं। जांच में सामने आए मामलों में अब तक 5.34 करोड़ रुपये की रिकवरी की जा चुकी है। जिन लोगों ने रकम वापस नहीं की है, उन्हें दोबारा नोटिस भेजा जाएगा। इसके बाद भी रकम जमा नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कराने समेत अन्य कार्रवाई की जाएगी। यह एक सतत प्रक्रिया है जो चलती रहती है। - अनुराग श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी।
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