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भर्ती मरीज की मौत, परिजनों ने किया हंगामा
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आजमगढ़। शहर के नरौली स्थित एक निजी चिकित्सालय में पर शनिवार को मरीज की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया। उनका कहना था कि मरीज की मौत दो दिन पहले ही हो गई थी। उसेे पैसा कमाने के चक्कर में वेंटिलेटर पर रखा गया था। देर शाम पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया और परिजन शव लेकर घर चले गए।
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना अंतर्गत तिलहनी निवासीनी रंजना पत्नी योगेश्वर की स्थानीय अस्पताल पर डिलेवरी हुई थी। डिलेवरी के बाद अत्याधिक ब्लीडिंग से महिला की हालत खराब हो गई। जिस पर परिजन उसे लेकर कई अस्पतालों पर पहुंचे और हर जगह से उन्हें वैरंग लौटा दिया गया। 30 को परिजन उसे लेकर नरौली स्थित एक प्राइेवट अस्पताल पर पहुंचे जहां डॉक्टर ने मरीज को भर्ती कर लिया और इलाज शुरू कर दिया। हालत गंभीर होने पर उसे वेटिंलेटर पर भी रख दिया गया। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पूर्व ही मरीज की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिंदा होने की बात कहते हुए उसे वेटिंलेटर पर रखा गया और काफी मात्रा में दवा मंगाई गई। शुक्रवार की रात मरीज का हाल पूछने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया और सवा लाख रुपये जमा कर शव ले जाने की बात कही। शनिवार की सुबह परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा शुरू कर दिया और सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। वहीं अस्पताल की महिला डॉक्टर ने बताया कि मरीज का गुर्दा फेल हो गया था। जब कोई डॉक्टर उसे नहीं भर्ती कर रहा था तो हमने भर्ती किया और जान बचाने की पूरी कोशिश भी की गई। पैसा न देना पड़े इसके लिए परिजनों ने हंगामा किया।
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गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाना अंतर्गत तिलहनी निवासीनी रंजना पत्नी योगेश्वर की स्थानीय अस्पताल पर डिलेवरी हुई थी। डिलेवरी के बाद अत्याधिक ब्लीडिंग से महिला की हालत खराब हो गई। जिस पर परिजन उसे लेकर कई अस्पतालों पर पहुंचे और हर जगह से उन्हें वैरंग लौटा दिया गया। 30 को परिजन उसे लेकर नरौली स्थित एक प्राइेवट अस्पताल पर पहुंचे जहां डॉक्टर ने मरीज को भर्ती कर लिया और इलाज शुरू कर दिया। हालत गंभीर होने पर उसे वेटिंलेटर पर भी रख दिया गया। परिजनों का आरोप है कि दो दिन पूर्व ही मरीज की मौत हो गई थी। इसके बाद भी जिंदा होने की बात कहते हुए उसे वेटिंलेटर पर रखा गया और काफी मात्रा में दवा मंगाई गई। शुक्रवार की रात मरीज का हाल पूछने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया और सवा लाख रुपये जमा कर शव ले जाने की बात कही। शनिवार की सुबह परिजनों ने अस्पताल पर हंगामा शुरू कर दिया और सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता करा दिया। इसके बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। वहीं अस्पताल की महिला डॉक्टर ने बताया कि मरीज का गुर्दा फेल हो गया था। जब कोई डॉक्टर उसे नहीं भर्ती कर रहा था तो हमने भर्ती किया और जान बचाने की पूरी कोशिश भी की गई। पैसा न देना पड़े इसके लिए परिजनों ने हंगामा किया।
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