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देश को दिया इतराने का मौका
ब्यूरो, अमर उजाला, आजमगढ़
Updated Mon, 28 Nov 2016 12:19 AM IST
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देश को दिया इतराने का मौका
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चीन के बीजिंग में 24 से 27 नवंबर तक हुई एशियन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप में जिलाधिकारी सुहास एलवाई को मिली सफलता स्टेडियम में उनके लगातार अभ्यास, लगन, सकारात्मक दृष्टिकोण और कुछ अलग कर गुजरने के जज्बे का परिणाम है। उन्होंने गोल्ड जीतकर पूरे देश और जिले का मान बढ़ाया है। विकास से शहर की सूरत बदलने, गांवों को खुले में शौचमुक्त करने और निर्वाचन कार्य को बेहतरी से अंजाम देकर कुशल प्रशासनिक अधिकारी होने का परिचय देने के साथ उन्होंने कुशल खिलाड़ी होने का भी प्रमाण दिया है। उन्हें मिली इस सफलता से जिले के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह है।
जिलाधिकारी प्रशासनिक कार्यों को अंजाम देने के साथ सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुबह और शाम को नियमित रूप से बैडमिंटन खेलने जाते थे। यहां तक कि उन्होंने दीपावली के दिन भी अपना अभ्यास नहीं छोड़ा था। स्टेडियम में उनके साथ खेलने वाला हर खिलाड़ी उनकी चुस्ती और फुर्ती का कायल है। एशियन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए उन्होंने डेढ़ माह पूर्व आवेदन किया था लेकिन उन्हें वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रतियोगिता में इंट्री मिली।
देश से गए 26 सदस्यीय दल में जिलाधिकारी ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जो पेशेवर खिलाड़ी नहीं थे। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी चंद्रमौलि पांडेय का कहना है कि उनमें गजब की फुर्ती और लगन है। इसी के बल पर उन्हें सफलता मिली। प्रशासनिक कार्यों को करते हुए उन्होंने इतनी बड़ी उपलब्धि पाई है। उनसे अन्य खिलाड़ियों को प्रेरणा लेनी चाहिए।
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जिलाधिकारी प्रशासनिक कार्यों को अंजाम देने के साथ सुखदेव पहलवान स्पोर्ट्स स्टेडियम में सुबह और शाम को नियमित रूप से बैडमिंटन खेलने जाते थे। यहां तक कि उन्होंने दीपावली के दिन भी अपना अभ्यास नहीं छोड़ा था। स्टेडियम में उनके साथ खेलने वाला हर खिलाड़ी उनकी चुस्ती और फुर्ती का कायल है। एशियन पैरा बैडमिंटन चैंपियनशिप के लिए उन्होंने डेढ़ माह पूर्व आवेदन किया था लेकिन उन्हें वाइल्ड कार्ड के जरिए प्रतियोगिता में इंट्री मिली।
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देश से गए 26 सदस्यीय दल में जिलाधिकारी ही एकमात्र ऐसे खिलाड़ी थे जो पेशेवर खिलाड़ी नहीं थे। क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी चंद्रमौलि पांडेय का कहना है कि उनमें गजब की फुर्ती और लगन है। इसी के बल पर उन्हें सफलता मिली। प्रशासनिक कार्यों को करते हुए उन्होंने इतनी बड़ी उपलब्धि पाई है। उनसे अन्य खिलाड़ियों को प्रेरणा लेनी चाहिए।
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