फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   The battle of Karbala took place between right, truth and falsehood.

कर्बला की जंग हक, सत्य व असत्य के बीच हुई

Thu, 19 Aug 2021 11:32 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 19 Aug 2021 11:32 PM IST
विज्ञापन
The battle of Karbala took place between right, truth and falsehood.
सरायमीर में मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना वसी मोहम्मद खां। - फोटो : AZAMGARH
सरायमीर। इमाम हुसैन के 18 साल के बेटे हजरत अली अकबर की शहादत की याद में बृहस्पतिवार को नवीं मुहर्रम को निकलने वाला कदीम जुलूस स्थगित होने की वजह से सरायमीर इमामबाड़ा में मजलिस का आयोजन किया गया। जहां पर मौलाना ने कर्बला का वाकया बयान किया। नौहाख्वानों ने नौहा व मातम करके खिराजे-ए-अकीदत पेश किया।
विज्ञापन

मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना वसी मोहम्मद खां ने कहा कि कर्बला की जंग हक, सत्य व असत्य के बीच थी। नवासे रसूल हजरत इमाम हुसैन ने हर प्रकार का बलिदान दिया। प्राणों को न्यौछावर करना पड़ा। लेकिन सत्य व न्याय की रक्षा करके मानवता को बचा लिया। करबला के 72 शहीदों की कुर्बानी संपूर्ण मानव जगत के लिए है, इनकी कुर्बानी इस्लामी इतिहास का महत्वपूर्ण मोड़ है। जहां सत्य और असत्य का अंतर खुलकर सामने आ जाता है। मजलिस में कायम रजा, गुलशन रजा, अली अब्बास, तौहीद हुसैन, अगाज ने नौहाख्वानी किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed