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Azamgarh News: डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए आतंकी गतिविधियों से युवाओं को जोड़ रहा था आरोपी मो. शेख
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मोहम्मद शेख,आरोपी
आजमगढ़।
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच में गिरफ्तार मोहम्मद शेख पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित स्लीपर सेल तैयार करने और युवाओं को संदिग्ध नेटवर्क से जोड़ने का आरोप लगाया गया है। एटीएस का दावा है कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। उनके प्रभाव में आकर अन्य युवाओं को भी जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
एटीएस के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि मोहम्मद शेख कथित रूप से शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े पाकिस्तानी और दुबई के मोबाइल नंबरों के माध्यम से व्हाट्सएप तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। एजेंसी का आरोप है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर अपने परिचितों एवं अन्य लोगों को भी नेटवर्क से जोड़ने और विधि-विरुद्ध गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि मोहम्मद शेख को शहजाद भट्टी के अलावा उसके नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे अजमल गुर्जर और रजा पाकिस्तानी नामक व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा रहा था। एटीएस अब आरोपी के डिजिटल संपर्कों, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
जासूसी और नेटवर्किंग के तौर-तरीकों में बदलाव
आजमगढ़।
एटीएस के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उससे जुड़े तत्व अब पारंपरिक जासूसी तरीकों की बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप और ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से युवाओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पहले जहां जासूसी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित एजेंटों का उपयोग किया जाता था, वहीं, अब आम नागरिकों को डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रभावित कर उनका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। हाल के दिनों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित कथित देशविरोधी गतिविधियों के मामलों में कई राज्यों से गिरफ्तारियां होने के बाद जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर विशेष नजर रख रही हैं।
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उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (एटीएस) की जांच में गिरफ्तार मोहम्मद शेख पर डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कथित स्लीपर सेल तैयार करने और युवाओं को संदिग्ध नेटवर्क से जोड़ने का आरोप लगाया गया है। एटीएस का दावा है कि निजामाबाद थाना क्षेत्र के खुदादादपुर (संजरपुर) निवासी मोहम्मद शेख सोशल मीडिया और व्हाट्सएप के जरिए विदेश में बैठे हैंडलरों के संपर्क में था। उनके प्रभाव में आकर अन्य युवाओं को भी जोड़ने का प्रयास कर रहा था।
एटीएस के अनुसार जांच के दौरान सामने आया कि मोहम्मद शेख कथित रूप से शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े पाकिस्तानी और दुबई के मोबाइल नंबरों के माध्यम से व्हाट्सएप तथा विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़ा था। एजेंसी का आरोप है कि वह कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित होकर अपने परिचितों एवं अन्य लोगों को भी नेटवर्क से जोड़ने और विधि-विरुद्ध गतिविधियों के लिए प्रेरित कर रहा था। जांच एजेंसी का दावा है कि मोहम्मद शेख को शहजाद भट्टी के अलावा उसके नेटवर्क से जुड़े बताए जा रहे अजमल गुर्जर और रजा पाकिस्तानी नामक व्यक्तियों द्वारा संचालित किया जा रहा था। एटीएस अब आरोपी के डिजिटल संपर्कों, चैट रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है।
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जासूसी और नेटवर्किंग के तौर-तरीकों में बदलाव
आजमगढ़।
एटीएस के अनुसार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और उससे जुड़े तत्व अब पारंपरिक जासूसी तरीकों की बजाय डिजिटल प्लेटफॉर्म का अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप और ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से युवाओं तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पहले जहां जासूसी गतिविधियों के लिए प्रशिक्षित एजेंटों का उपयोग किया जाता था, वहीं, अब आम नागरिकों को डिजिटल माध्यमों के जरिए प्रभावित कर उनका इस्तेमाल करने की कोशिश की जा रही है। हाल के दिनों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए संचालित कथित देशविरोधी गतिविधियों के मामलों में कई राज्यों से गिरफ्तारियां होने के बाद जांच एजेंसियां ऐसे नेटवर्क पर विशेष नजर रख रही हैं।
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