लाटघाट। ठंड का मौसम आते ही अजमतगढ़ विकास खंड स्थित ताल सलोना मेहमान पक्षियों के कलरव से गुलजार हो जाता है। इनके आगमन के साथ ही शिकारी भी सक्रिय हो जाता है। जो इनका शिकार कर शौकीनों को मनमाने दामों पर बेचते हैं।
जीयनपुर थाना क्षेत्र के अजमतगढ़ स्थित ताल सलोना में आए हुए साइबेरियन पक्षियों का शिकार जोरों पर है। ताल सलोना अजमतगढ़ में पक्षियों का आगमन हो रहा है। हजारों किमी दूर से चलकर यह पक्षी ताल सलोना पहुंचते हैं। जहां इन्हें पेट भरने के लिए भोजन और सुरक्षा की तलाश रहती है। इनकी प्रजनन क्रिया भी इसी ताल में होती है। मांस खाने के शौकीन लोग इनका मांस बहुत ही चाव से खाते हैं। शिकारी बंदूक, जाल, फंदे, जहरीली दवा से इनका शिकार करते हैं। पका चावल, आंटा की गोली, पुरैन के पत्ते पर रखते हैं और इनका शिकार करते हैं। वर्तमान में पक्षियों का आगमन शुरू होते ही शिकारी सक्रिय हो गए हैं। इनके द्वाराप पक्षियों का शिकार किया जा रहा है। शिकार के बाद मांस खाने के शौकीनों को इस मनमाने दामों में बेंचा जा रहा है। इसको रोकने की जिम्मेदारी वन विभाग की है लेकिन वन विभाग की टीम का कहीं पता नहीं है। जिसका फायदा शिकारियों द्वारा उठाया जा रहा है। उनके द्वारा इन पक्षियों को 1200 से लेकर 1800 रुपये जोड़ा की दर से बिक्री की जा रही है। जीयनपुर के फारेस्टर रामप्यारे सिंह पटेल ने बताया कि अभी साइबेरियन पक्षी नहीं आए हैं। हम लोग नजर लगाए हुए हैं कि इनका शिकार ना हो।