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अभिलेखों में बाप का नाम बदल कर रहा था नौकरी, निलंबित
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आजमगढ़। अभिलेखों में छेड़छाड़ कर सहकारिता विभाग में नौकरी पाये व्यक्ति को उपायुक्त सहकारिता ने निलंबित कर दिया है। सहकारिता पर्यवेक्षक के पद पर तैनात उक्त कर्मी बाप का नाम बदल कर मृतक आश्रित के रुप में नौकरी कर रहा था। शहर के चकला-पहाड़पुर मुहल्ला निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर हुई जांच में आरोप की पुष्टि होने पर उक्त कर्मी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के सगड़ा पाकड़ गांव निवासी रामचंदर लाल पुत्र गौरीशंकर सहकारी पर्यवेक्षक/शिक्षा पर्यवेक्षक के पद पर गोंडा, जौनुपर, बलिया व फैजाबाद आदि जिले में तैनात रहे। 7 जनवरी 1992 को उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के पश्चात जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील अंतर्गत कोरवलिया निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने अभिलेखों में हेराफेरी कर स्व. रामचंदर लाल के मृतक आश्रित के रुप में सहकारिता पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी प्राप्त कर ली। इस बाबत शहर के पहाड़पुर मुहल्ला निवासी कृष्ण मुरारी लाल ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कुछ सूचना मांगी। सूचना प्रेषण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक आश्रित के रुप में नियुक्त सर्वेश कुमार श्रीवास्तव, मृतक कर्मी रामचंदर लाल के पुत्र नहीं है। उनके द्वारा विभाग में गलत अभिलेख प्रस्तुत कर नियुक्ति पायी गई है। इस पर पीसीयू मुख्यालय ने सर्वेश से परिवार रजिस्टर की नकल की प्रमाणित प्रति तथा वारिसान प्रमाण पत्र मूल रुप से व्यक्तिगत रुप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद भी वे उक्त अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। मृत कर्मी बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के रहने वाले थे, ऐसे में वारिसान प्रमाण पत्र भी इसी तहसील से जारी हुआ होना चाहिए था लेकिन सर्वेश वह उपलब्ध नहीं करा सके। आरोप की पुष्टि होने पर उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता राजेंद्र कुमार ने सहकारी पर्यवेक्षक संबंध जिला सहकारी बैंक लिमिटेड आजमगढ़ सर्वेश कुमार श्रीवास्तव को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन की अवधि में उन्हें सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय से संबद्घ कर दिया।
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बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के सगड़ा पाकड़ गांव निवासी रामचंदर लाल पुत्र गौरीशंकर सहकारी पर्यवेक्षक/शिक्षा पर्यवेक्षक के पद पर गोंडा, जौनुपर, बलिया व फैजाबाद आदि जिले में तैनात रहे। 7 जनवरी 1992 को उनकी मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु के पश्चात जौनपुर जिले के शाहगंज तहसील अंतर्गत कोरवलिया निवासी सर्वेश कुमार श्रीवास्तव ने अभिलेखों में हेराफेरी कर स्व. रामचंदर लाल के मृतक आश्रित के रुप में सहकारिता पर्यवेक्षक के पद पर नौकरी प्राप्त कर ली। इस बाबत शहर के पहाड़पुर मुहल्ला निवासी कृष्ण मुरारी लाल ने सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत कुछ सूचना मांगी। सूचना प्रेषण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक आश्रित के रुप में नियुक्त सर्वेश कुमार श्रीवास्तव, मृतक कर्मी रामचंदर लाल के पुत्र नहीं है। उनके द्वारा विभाग में गलत अभिलेख प्रस्तुत कर नियुक्ति पायी गई है। इस पर पीसीयू मुख्यालय ने सर्वेश से परिवार रजिस्टर की नकल की प्रमाणित प्रति तथा वारिसान प्रमाण पत्र मूल रुप से व्यक्तिगत रुप से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। इस निर्देश के बाद भी वे उक्त अभिलेख उपलब्ध नहीं करा सके। मृत कर्मी बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के रहने वाले थे, ऐसे में वारिसान प्रमाण पत्र भी इसी तहसील से जारी हुआ होना चाहिए था लेकिन सर्वेश वह उपलब्ध नहीं करा सके। आरोप की पुष्टि होने पर उपायुक्त एवं उप निबंधक सहकारिता राजेंद्र कुमार ने सहकारी पर्यवेक्षक संबंध जिला सहकारी बैंक लिमिटेड आजमगढ़ सर्वेश कुमार श्रीवास्तव को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। निलंबन की अवधि में उन्हें सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता कार्यालय से संबद्घ कर दिया।
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