फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Azamgarh News ›   Sugar mill ran for 107 days, still could not achieve

Azamgarh News: 107 दिन चली चीनी मिल, फिर भी नहीं हासिल कर सकी लक्ष्य

Tue, 16 Apr 2024 11:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2024 11:51 PM IST
विज्ञापन
Sugar mill ran for 107 days, still could not achieve
अमिलो। दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव का पेराई सत्र खत्म हो चुका है। इस बार कुल 107 दिनों तक चीनी मिल चली। लक्ष्य के सापेक्ष लगभग 15 लाख क्विंटल कम गन्ने की पेराई हुई। पेराई के बाद 2.48 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ।
विज्ञापन

चीनी मिल के पेराई सत्र 2023-24 का शुभारंभ बीते वर्ष चार दिसंबर को हुआ था और पिछले 19 मार्च को बंद कर दिया गया। इस बीच कुल 107 दिनों तक पेराई का काम चला। मिल के अधिकारी भले ही सफलता पूर्वक संचालन की बात करें लेकिन इस बार 45 लाख क्विंटल के सापेक्ष 30 लाख 23 हजार 714 क्विंटल ही गन्ने की पेराई हो सकी। इसके बाद चीनी मिल को बंद कर दिया गया और गन्ना पेराई का लक्ष्य पूरा नहीं हो सका।
विज्ञापन

उत्पादन के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो चीनी, ब्राउन शूगर, बगास, शीरा, बिजली और प्रेसमड (मैल) का उत्पादन चीनी मिल के घाटे और मुनाफे का सच बयां कर रहे हैं। गन्ना पेराई के बाद 248730 क्विंटल चीनी, 3056 क्विंटल ब्राउन शूगर का उत्पादन हुआ। इसके अलावा 177595 क्विंटल शीरा, 948143 क्विंटल बगास और 105806 क्विंटल प्रेसमड (मैल) निकला। पेराई सत्र के दौरान कुल 34253 मेगावाट बिजली का उत्पादन हुआ। इसमें से 21 हजार 490 मेगावाट बिजली का निर्यात किया गया है। मिल का रिकवरी दर 8.26 प्रतिशत बताईं गईं। अगर लक्ष्य के सापेक्ष पेराई होती तो उत्पादन भी अधिक होता।
विज्ञापन
विज्ञापन


किसानों का करोड़ों रुपये बकाया
चीनी मिल सठियांव में 17370 किसानों में से 16000 किसानों ने 30 लाख 23 हजार 714 क्विंटल गन्ने की आपूर्ति की। मिल के अधिकारियों के अनुसार गन्ने का 56 प्रतिशत भुगतान यानि एक अरब नौ करोड़ का भुगतान कर दिया गया। 44 प्रतिशत भुगतान अभी बाकी है। किसानों के भुगतान काम चल रहा है। संवाद

पिछले वर्ष 28 लाख टन गन्ने की पेराई हुई थी जबकि इस बार 30 लाख टन से अधिक हुई है। इसकेे हिसाब से चीनी, ब्राउन चीनी, बिजली आदि का उत्पादन भी अधिक हुआ है। 21490 मेगावाट बिजली का निर्यात हुआ है। किसानों के बकाया भुगतान जल्द ही किया जाएगा। - अनिल चतुर्वेदी, जीएम, चीनी मिल सठियांव।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed