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पशुओं के लिए भूसा पर्याप्त, हरे चारे की नहीं हो पा रही व्यवस्था

Sat, 02 Jul 2022 11:42 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jul 2022 11:42 PM IST
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Sufficient straw for animals, green fodder is not being arranged
आजमगढ़। जिले में बने गौ आश्रय स्थलों में बरसात से पशुओं को बचाने के लिए टिनशेड तो बना दिया गया है। इनके खाने के लिए पर्याप्त मात्रा में भूसा भी उपलब्ध है लेकिन हरे चारा का प्रबंध नहीं हो पाय है।जिसके कारण पशुओं को भूसा ही खाना पड़ रहा है। किसानों की फसलों को छुट्टा पशुओं से बचाने के लिए सरकार द्वारा जिले में कई स्थानों पर स्थाई व अस्थाई गो आश्रय को निर्माण कराया गया है। इनकी देखभाल के लिए मौके पर सफाई कर्मचारियों के अलावा अन्य लोगों को भी लगाया गया है। हर गौ आश्रय स्थलों पर पशुओं को धूप और बरसात से बचाने के लिए टिनशेड का निर्माण कराया गया है। वहां भूसा भी पर्याप्त मात्रा में है। कुछ स्थानों पर भूसा के साथ पशुुुओं को खाने के लिए चोकर उपलब्ध है लेकिन पशुओं के लिए हरे चारे की व्यवस्था अभी तक नहीं हो पाया है। जिसके कारण पशुुओं को केवल भूसा खाकर ही रहना पड़ रहा है।
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निजामाबाद संवाददाता के अनुसार नगर पंचायत कार्यालय कैंपस में अस्थाई गो आश्रय स्थल बनाया गया है। कुल 17 गाय इस गौशाला में रखी गई है। यहां पर चौकर और भूसे की व्यवस्था है लेकिन हरे चारे की व्यवस्था नहीं है। ईओ प्रहलाद पांडेय ने बताया कि पशुओं के लिए टिनशेड बना है। पर्याप्त मात्रा में घुसा और चोकर है। हरा चारा अभी नहीं है।
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अहरौला संवाददाता के अनुसर विकासखंड के बस्ती भुजबल गांव में बनाए गए अस्थाई गो आश्रय स्थल में इस समय कुल 47 पशु है। टिनशेड के चारों तरफ से टाट पट्टी लगी थी लेकिन हवा और आंधी के चलते कई जगह से टाट पट्टी फट चुकी है। वहां मौजूद सफाई कर्मचारियों ने बताया कि एक बछिया की तबीयत खराब चल रही है। जिसका पशु चिकित्सक द्वारा इलाज हो रहा है। गौशाला में प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है जिससे अंधेरा होने के बाद समस्या होती है। पर्याप्त मात्रा में भूसा, चोकर उपलब्ध है। तीन माह में एक बार सफाई कर्मी विनीत मौर्य खुद के पैसे से पशुओं के लिए चोकर और नमक उपलब्ध कराया जाता है। बिंद्राबाजार संवाददाता के अनुसार कामराव गांव में बने पशु आश्रय स्थल में 29 पशु मौजूद हैं। विभागीय अधिकारी महेंद्र यादव ने बताया कि पशु आश्रय में भूसा उपलब्ध है।
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