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अपनी पसंद से विद्यार्थी खथरीदेंगे यूनिफार्म

Wed, 22 Sep 2021 11:23 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:23 PM IST
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Students will buy uniform of their choice
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा परिषद की तरफ से संचालित प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक अब खुद यूनिफार्म, स्वेटर, जूते-मोजे और बैग खरीद पाएंगे। शासन अब अभिभावक के खाते में पैसे ट्रांसफर करेगा। इसकी पूरी योजना शासन स्तर पर बन गई है। प्रत्येक अभिभावकों के खाते में 1056 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे।
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विभाग ने 2745 परिषदीय स्कूलों में चालू शैक्षिक सत्र में करीब चार लाख बच्चों और उनके अभिभावकों के बैंक अकाउंट की जानकारी मांगी है। कोरोना महामारी के चलते शैक्षिक सत्र 2021-22 में स्कूल तो खुले थे, लेकिन बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा था। एक सितंबर से बच्चों का स्कूल आना शुरू हुआ है। इसलिए अभी तक ड्रेस आदि का खरीद या वितरण नहीं हो सका है। गुणवत्ता को लेकर और समय से ड्रेस वितरण न होने से काफी सवाल उठते थे। नई व्यवस्था के तहत एक बच्चे को 1056 रुपये मिलेंगे। इसमें 600 रुपये यूनिफॉर्म, 200 रुपये स्वेटर, 135 रुपये जूते, 21 रुपये मोजे और 100 रुपये स्कूल बैग के लिए शामिल हैं। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से यह पैसा बच्चों या उनके परिजनों के खातों में भेजा जाएगा। स्कूल में जो बच्चे पंजीकृत हैं, उनका डेटा बेसिक शिक्षा विभाग की प्रेरणा एप पर अपलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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वितरण में देरी को खत्म करने के लिए विभाग ने लिया फैसला
आजमगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग की मानें तो अभी तक इन सभी चीजों की केंद्रीयकृत खरीद होती थी। इसके बाद मंडल, जनपद और फिर ब्लॉक वार इनका वितरण होता था। मतलब स्कूल तक सामग्री पहुंचने की एक लंबी प्रक्रिया थी। इससे बच्चों तक यूनिफॉर्म, जूते-मोजे पहुंचने में देरी होती थी। इस देरी को खत्म करने के लिए विभाग ने सीधे बच्चों के खातों में पैसा भेजने का फैसला लिया है, ताकि वह जल्द यूनिफॉर्म, स्वेटर, जूते-मोजे खरीद सकें।
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क्वालिटी पर उठते थे सवाल
आजमगढ़। जिले में कई बार यूनिफार्म व ड्रेस-जूतों की क्वालिटी पर भी सवाल उठते थे। अब बच्चे व उनके परिजन अपनी मर्जी से खरीद सकेंगे। इससे विभाग पर किसी प्रकार का आक्षेप नहीं लगेगा। परिजन अपने मनमाफिक यूनिफार्म व ड्रेस व जूता-मोजा खरीद सकेंगे।
अब विभाग की ओर से बच्चों को यूनिफार्म व जूता-मोजा नहीं दिया जाएगा। विभाग की तरफ से सीधे बच्चों या फिर उनके अभिभावकों के खाते में पैसा भेजा जाएगा।
अतुल कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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