आजमगढ़। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में बढ़ाई गई फीस, ड्रेस कोड और रात 11 बजे के बाद लाइब्रेरी को बंद किए जाने के विरोध में 25 दिनों से चल रहे छात्र-छात्राओं के धरने का समर्थन में मंगलवार को डीएवी पीजी कालेज के छात्र भी आ गए। उन्होंने प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा और छात्र-छात्राओं को शिक्षा के अधिकार से वंचित न किए जाने की मांग की।
छात्रों ने कहा कि जेएनयू के वीसी और सरकार शिक्षा का मूल्य लगाकर शिक्षा का निजीकरण, व्यवसायीकरण कर रही है। जेएनयू में सस्ती शिक्षा ग्रहण करने वाले करोड़ों छात्र-छात्राओं के सपनों को रौंदने का काम किया जा रहा है। जेएनयू में जो नियमवाली लागू की गई है इससे तो पचास प्रतिशत छात्रों की शिक्षा अधूरी रह जाएगी। छात्र नेताओं ने पिछले 11 नवंबर को छात्रों के ऊपर कराए गए लाठीचार्ज की निंदा किया। चेतावनी देते हुए कहा कि जेएनयू के छात्रों की मांग को अगर सरकार पूरी नहीं करती है तो इस आंदोलन में पूरे प्रदेश के महाविद्यालय और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल होकर आंदोलन को और तेज करने का काम करेंगे। इस अवसर पर छात्र संघ के पूर्व महामंत्री शशि कु मार, शैलेंद्र कुमार, मंजीत यादव, अंगद सहित अनेक छात्र रहे।