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स्कूलों में गठित होगी स्टुडेंट पुलिस कैडेट टीम
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आजमगढ़। छात्रों में डर के प्रति जागरूकता, कानून पालन करने की आदत व सामाजिक प्रतिबद्धता पैदा करने के उद्देश्य को लेकर जिले के विद्यालयों में स्टूडेंट पुलिस कैडेट टीम गठित की जायेगी। मंगलवार को डीएम ने राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर योजना के बाबत जानकारी दी और जल्द से जल्ट टीम गठित करने का निर्देश दिया।
स्टूडंट पुलिस कैडेट की योजना केंद्र सरकार ने 2018 में ही बनायी थी। इसके तहत कक्षा आठ व नौ के छात्रों को उनकी स्वेच्छा से इसमें शामिल किया जाना था। एसपी सिटी इला मारन ने बताया कि सभी विद्यालयों में इसका गठन किया जाना है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों में डर के प्रति जागरूकता पैदा करना, कानून पालन करने की आदत विकसित करना व सामाजिक प्रतिबद्धता पैदा करना है। डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत 23 राजकीय विद्यालयों को चयनित किया गया है। आगे अन्य सभी विद्यालयों में भी योजना लागू होगी। डीएम ने कहा कि छात्रों को एक अच्छे नागरिक के साथ ही सामाजिक लीडर बनाने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की है। छात्रों की टीम बनाकर आप उन्हें ट्रैफिक व्यवस्था, फैमिली कोर्ट, महिला थाना, जेल, डीएम कोर्ट, जिला जज कोर्ट आदि का भ्रमण कराएं। सामाजिक मूल्य, आपदा प्रबंधन, टीम भावना प्रबंधन की जानकारी दें। प्रथम चरण में अपने स्कूलों के उन्हीं छात्रों का चयन करें जो किसी न किसी क्षेत्र जैसे खेल, पढ़ाई, गीत-संगीत, डांस, भाषण, साहित्य आदि में अच्छे हों। इस अवसर पर सीओ सदर मो. अकमल, बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ ही सभी राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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स्टूडंट पुलिस कैडेट की योजना केंद्र सरकार ने 2018 में ही बनायी थी। इसके तहत कक्षा आठ व नौ के छात्रों को उनकी स्वेच्छा से इसमें शामिल किया जाना था। एसपी सिटी इला मारन ने बताया कि सभी विद्यालयों में इसका गठन किया जाना है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों में डर के प्रति जागरूकता पैदा करना, कानून पालन करने की आदत विकसित करना व सामाजिक प्रतिबद्धता पैदा करना है। डीआईओएस डॉ. वीके शर्मा ने बताया कि इस योजना के तहत 23 राजकीय विद्यालयों को चयनित किया गया है। आगे अन्य सभी विद्यालयों में भी योजना लागू होगी। डीएम ने कहा कि छात्रों को एक अच्छे नागरिक के साथ ही सामाजिक लीडर बनाने की जिम्मेदारी प्रधानाचार्यों की है। छात्रों की टीम बनाकर आप उन्हें ट्रैफिक व्यवस्था, फैमिली कोर्ट, महिला थाना, जेल, डीएम कोर्ट, जिला जज कोर्ट आदि का भ्रमण कराएं। सामाजिक मूल्य, आपदा प्रबंधन, टीम भावना प्रबंधन की जानकारी दें। प्रथम चरण में अपने स्कूलों के उन्हीं छात्रों का चयन करें जो किसी न किसी क्षेत्र जैसे खेल, पढ़ाई, गीत-संगीत, डांस, भाषण, साहित्य आदि में अच्छे हों। इस अवसर पर सीओ सदर मो. अकमल, बीएसए देवेंद्र कुमार पांडेय के साथ ही सभी राजकीय विद्यालयों के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
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