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UP: राज्य महिला आयोग की सदस्य ने आजमगढ़ महिला अस्पताल का किया औचक निरीक्षण, लापरवाही पर सुधार के दिए निर्देश
Wed, 27 Nov 2024 04:51 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Wed, 27 Nov 2024 04:51 PM IST
सार
राज्य महिला आयोग की सदस्या ने महिला अस्पताल का निरीक्षण कर व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। बताते चलें कि जब अस्पताल में व्यवस्थाओं की जानकारी ली जा रही थी तब बड़ी खामियां मिली और तल्ख तेवर अपनाते हुए इन्होंने कहा कि झांसी की दुर्घटना से सबक लीजिए और सुधार दिखना चाहिए।
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अस्पताल के मरीजों से व्यवस्था की जानकारी लेती राज्य महिला आयोग की सदस्य
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
राज्य महिला आयोग की सदस्य ने बुधवार की सुबह 10 बजे जिला महिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्हें अस्पताल में कई कमियां मिली जिसमें सुधार का अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि झांसी में हुई घटना के बाद इस तरह लापरवाही देखने को मिल रही है। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉक्टर प्रियंका मौर्या ने जिला महिला चिकित्सालय की व्यवस्था को देखकर वह चौंक गईं।
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उन्होंने इस मामले में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विनय सिंह यादव से भी पूछताछ की और वहां भर्ती महिला मरीज व उनके परिजनों से भी जानकारी ली। कई गड़बड़ी मिलने पर उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को व्यवस्था में सुधार लाने का निर्देश दिया और कहा कि अगली बार जब वह आएंगी तो यहां पर व्यवस्था चुस्त दुरुस्त मिलनी चाहिए। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि झांसी में बीते दिनों जिस प्रकार से अस्पताल में नवजात बच्चों की मौत हुई थी।
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उसको लेकर सबसे पहले सिलेंडर की जांच की गई। सिलेंडर में मैन्युफैक्चरिंग डेट तो लिखी मिली लेकिन एक्सपायरी डेट नहीं लिखा था। जोकि लिखा होना चाहिए था। इसके अलावा भर्ती महिला मरीज से उन्होंने बात की गई तो उन्होंने बताया कि टीका लगवाने का यहां पर 10 रुपये से लेकर 50 रुपये तक वसूली की जाती है। जबकि यह निशुल्क सरकार के द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। इसके अलावा उनके सामने ही परिसर में गलियारों में कुत्ते घूमते नजर आए।
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दो डॉक्टर भी उपस्थित नहीं थी और इसकी किसी को जानकारी भी नहीं थी। इस बारे में जांच का निर्देशप दिया है। यहां की व्यवस्था पर उन्होंने सवाल खड़ा किया और कहा कि सरकार स्वास्थ्य सुविधा को बढ़ाने के लिए तमाम कार्य कर रही है लेकिन हकीकत में जो है, वह देखा जा सकता है। इसलिए व्यवस्था में जल्द सुधार लाने का निर्देश दिया है।