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चौदह दिन के भीतर भाई बहन की मौत से हड़कंप
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तहबरपुर। बैरमपुर गांव निवासी एक व्यक्ति के परिवार में बीते चौदह दिन के भीतर अबूझ बीमारी के चलते भाई और बहन की मौत हो गई। दोनों के गले पर पहले छाले पड़े। इन्हें स्थानीय डाक्टर के यहां भर्ती कराया गया लेकिन डाक्टर इस बीमारी को नहीं पकड़ पाए और इनकी मौत हो गई।
मृत मन्नू (12) पुत्री सतेंद्र धरिकार और बेटा प्रशांत (6) है। यह सभी तहबरपुर थाने के बैरमपुर गांव के निवासी थे। सतेंद्र का पूरा परिवार अपना पुश्तैनी कारोबार करता है। सत्येंद्र चार बच्चों का पिता था। उसके दो बेटा और दो बेटी थी। बेटी मन्नू गांव के स्कूल में कक्षा छह की छात्रा था जबकि प्रशांत कक्षा एक में पढ़ रहा था। सतेंद्र के मुताबिक बेटी मन्नू के गले में अचानक छाला पड़ गया। उसे तहबरपुर बाजार के डाक्टर के यहां भर्ती कराया। बीमारी न पकड़ में आने पर डाक्टर ने रेफर कर दिया तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से भी वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। 15 अक्तूबर को मन्नू की मौत हो गई। 20 अक्तूबर को सतेंद्र को जुड़वा बेटा पैदा हुआ। इसी बीच 23 अक्तूबर को प्रशांत के भी गले में छाले पड़ गए। उसका इलाज चल ही रहा था कि 29 अक्तूबर को प्रशांत की भी मौत हो गई। महज 14 दिन के भीतर भाई बहन की मौत हो जाने से जहां परिवार में कोहराम मचा है। वहीं गांव के लोग इस अनजान बीमारी के फैलने को लेकर भयभीत हैं।
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मृत मन्नू (12) पुत्री सतेंद्र धरिकार और बेटा प्रशांत (6) है। यह सभी तहबरपुर थाने के बैरमपुर गांव के निवासी थे। सतेंद्र का पूरा परिवार अपना पुश्तैनी कारोबार करता है। सत्येंद्र चार बच्चों का पिता था। उसके दो बेटा और दो बेटी थी। बेटी मन्नू गांव के स्कूल में कक्षा छह की छात्रा था जबकि प्रशांत कक्षा एक में पढ़ रहा था। सतेंद्र के मुताबिक बेटी मन्नू के गले में अचानक छाला पड़ गया। उसे तहबरपुर बाजार के डाक्टर के यहां भर्ती कराया। बीमारी न पकड़ में आने पर डाक्टर ने रेफर कर दिया तो उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां से भी वाराणसी के लिए रेफर कर दिया गया। 15 अक्तूबर को मन्नू की मौत हो गई। 20 अक्तूबर को सतेंद्र को जुड़वा बेटा पैदा हुआ। इसी बीच 23 अक्तूबर को प्रशांत के भी गले में छाले पड़ गए। उसका इलाज चल ही रहा था कि 29 अक्तूबर को प्रशांत की भी मौत हो गई। महज 14 दिन के भीतर भाई बहन की मौत हो जाने से जहां परिवार में कोहराम मचा है। वहीं गांव के लोग इस अनजान बीमारी के फैलने को लेकर भयभीत हैं।
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