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कांवर यात्रा को मंजूरी न मिलने से शिवभक्त हुए मायूस
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शहर के रैदोपुर में पूजन सामाग्री की दुकान।
- फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। कोरोना संक्रमण के चलते कांवर यात्रा को शासन-प्रशासन ने अनुमति नहीं दी है। जिसके चलते इस बार श्रावण मास में कांवरियों का हुजूम बाबा दरबार के लिए नहीं निकलेगा। कांवर यात्रा को अनुमति न मिलने से जिले के शिवभक्तों व कांवरियां संघों में मायूसी देखने को मिल रही है।
शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक सैकड़ों की संख्या में कांवरिया संघ है। इन संघों के बैनर तले हर वर्ष श्रावण मास में हजारों की संख्या में शिव भक्त बाबा बैजनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए निकलते है। वहीं कांवर यात्रा की शुरूआत शिवभक्तों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो में भी जुलूस निकाला जाता है। केसरिया चोला पहलें शिव भक्त अपनो के साथ बसो व अन्य वाहनों से बाबाधाम दर्शन पूजन के लिए निकलते है। पूरे सावन माह हर तरफ कावरियों का रेला नजर आता है। इस बार कोरोनासंक्रमण के चलते कोरोना यात्रा को शासन-प्रशासन ने अनुमति नहीं दिया है। जिसके चलते कावरियां संघों के साथ ही शिवभक्तों में मायूसी छायी है। वहीं कांवर यात्रियों के लिए केसरिया रंग के विशेष कपड़े, कांवर व पूजन सामग्री की दुकान करने वाले भी काफी परेशान है। कुछ दुकानदार तो जरूरी माल मंगा भी लिए थे, जिन्हें अब नुकसान की चिंता सता रही है।
प्रतिवर्ष श्रावण मास में दर्जनों की संख्या में कावरियों की टोली जिले से बाबा धाम के लिए रवाना होती थी। इस बार कांवर यात्रा को अनुमति नहीं मिली है। जिसके चलते हम सभी शिव भक्तों में काफी मायूसी है। वैसे हमारे संघ ने तैयारी पूरी कर रखी है यदि अनुमति मिलती है तो हम कांवर यात्रा निकालेंगे। - त्रिलोकी, पदाधिकारी, रैदोपुर कांवरिया संघ।
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शिव आराधना के मास में हम बाबा के दरबार तो नहीं जा पा रहे है, ऐसा कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के कारण है। ऐसे में इस साल हम घरों पर ही बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक करेेंगे और स्थानीय शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए विधि विधान के साथ पूजन करेंगे। - विजय अग्रवाल, पदाधिकारी, पुरानी सब्जीमंडी कावरियां संघ।
एक माह का श्रावण मास बाबा भोलेनाथ की आराधना का मास होता है। कावरियों का रेला बाबाधाम के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन के लिए निकलता है। इस बार भी हमारे कांवरिया संघ ने तैयारी कर रखी थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा कांवर यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से प्रोग्राम स्थगित करना पड़ा है। - संतोष सोनकर, पदाधिकारी, कावरियां संघ, नरौली।
कई सालों से कटरा मुहल्ले से कावरियों की टोली 12 से 15 दिनों की यात्रा पर श्रवाण मास में बस के माध्यम से निकलती थी। इस बार कोरोना संक्रमण ने यात्रा को स्थगित करा दिया है। फिर भी जिला प्रशासन की अनुमति से सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए शहर में कटरा से भंवरनाथ तक पहुंच कर जलाभिषेक का प्रयास होगा। - सुआल प्रसाद गोंड, पदाधिकारी, कावरियां संघ कटरा।
श्रावण मास में कांवरियों द्वारा केसरिया रंग के कपड़े कांवर यात्रा के लिए खरीदे जाते है। जिसके लिए काफी माल मंगा लिया है। अब प्रशासन ने कांवर यात्रा की अनुमति नहीं दी है, जिसके चलते इन कपड़ो के बिकने की संभावना भी कम है। काफी माल फंस जाएगा, जिससे नुकसान होगा। - संजय, कपड़ा व्यवसायी।
श्रावण मास में केसरिया बाना (कपड़ा) की डिमांड काफी ज्यादा होती है। कोरोन संक्रमण के चलते इस बार कांवर यात्रा को अनुमति नहीं मिली है। अभी बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन थोड़े बहुत माल मंगा लिया हूं, जिसकी बिक्री न होने पर नुकसान होने की सभांवना बन गई है। - बजरंगी, कपड़ा व्यवसायी।
पूजन सामग्री की बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। कांवर यात्रा स्थगित रहने के चलते शिव भक्तों द्वारा जो कांवर खरीदा जाता था उसकी बिक्री जरूर प्रभावित होगी लेकिन पूजन की अन्य सामग्री की बिक्री तो होगी ही क्योकि शिव भक्त घर पर तो भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक तो करेंगे ही। - राधेश्याम, पूजन सामग्री विक्रेता।
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शहर से लेकर ग्रामीणांचल तक सैकड़ों की संख्या में कांवरिया संघ है। इन संघों के बैनर तले हर वर्ष श्रावण मास में हजारों की संख्या में शिव भक्त बाबा बैजनाथ धाम पर जलाभिषेक के लिए निकलते है। वहीं कांवर यात्रा की शुरूआत शिवभक्तों द्वारा अपने-अपने क्षेत्रो में भी जुलूस निकाला जाता है। केसरिया चोला पहलें शिव भक्त अपनो के साथ बसो व अन्य वाहनों से बाबाधाम दर्शन पूजन के लिए निकलते है। पूरे सावन माह हर तरफ कावरियों का रेला नजर आता है। इस बार कोरोनासंक्रमण के चलते कोरोना यात्रा को शासन-प्रशासन ने अनुमति नहीं दिया है। जिसके चलते कावरियां संघों के साथ ही शिवभक्तों में मायूसी छायी है। वहीं कांवर यात्रियों के लिए केसरिया रंग के विशेष कपड़े, कांवर व पूजन सामग्री की दुकान करने वाले भी काफी परेशान है। कुछ दुकानदार तो जरूरी माल मंगा भी लिए थे, जिन्हें अब नुकसान की चिंता सता रही है।
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प्रतिवर्ष श्रावण मास में दर्जनों की संख्या में कावरियों की टोली जिले से बाबा धाम के लिए रवाना होती थी। इस बार कांवर यात्रा को अनुमति नहीं मिली है। जिसके चलते हम सभी शिव भक्तों में काफी मायूसी है। वैसे हमारे संघ ने तैयारी पूरी कर रखी है यदि अनुमति मिलती है तो हम कांवर यात्रा निकालेंगे। - त्रिलोकी, पदाधिकारी, रैदोपुर कांवरिया संघ।
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शिव आराधना के मास में हम बाबा के दरबार तो नहीं जा पा रहे है, ऐसा कोरोना संक्रमण के चलते यात्रा की अनुमति नहीं मिलने के कारण है। ऐसे में इस साल हम घरों पर ही बाबा भोलेनाथ को जलाभिषेक करेेंगे और स्थानीय शिव मंदिरों में बाबा भोलेनाथ का जयकारा लगाते हुए विधि विधान के साथ पूजन करेंगे। - विजय अग्रवाल, पदाधिकारी, पुरानी सब्जीमंडी कावरियां संघ।
एक माह का श्रावण मास बाबा भोलेनाथ की आराधना का मास होता है। कावरियों का रेला बाबाधाम के साथ ही अन्य धार्मिक स्थलों पर दर्शन पूजन के लिए निकलता है। इस बार भी हमारे कांवरिया संघ ने तैयारी कर रखी थी, लेकिन जिला प्रशासन के द्वारा कांवर यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से प्रोग्राम स्थगित करना पड़ा है। - संतोष सोनकर, पदाधिकारी, कावरियां संघ, नरौली।
कई सालों से कटरा मुहल्ले से कावरियों की टोली 12 से 15 दिनों की यात्रा पर श्रवाण मास में बस के माध्यम से निकलती थी। इस बार कोरोना संक्रमण ने यात्रा को स्थगित करा दिया है। फिर भी जिला प्रशासन की अनुमति से सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए शहर में कटरा से भंवरनाथ तक पहुंच कर जलाभिषेक का प्रयास होगा। - सुआल प्रसाद गोंड, पदाधिकारी, कावरियां संघ कटरा।
श्रावण मास में कांवरियों द्वारा केसरिया रंग के कपड़े कांवर यात्रा के लिए खरीदे जाते है। जिसके लिए काफी माल मंगा लिया है। अब प्रशासन ने कांवर यात्रा की अनुमति नहीं दी है, जिसके चलते इन कपड़ो के बिकने की संभावना भी कम है। काफी माल फंस जाएगा, जिससे नुकसान होगा। - संजय, कपड़ा व्यवसायी।
श्रावण मास में केसरिया बाना (कपड़ा) की डिमांड काफी ज्यादा होती है। कोरोन संक्रमण के चलते इस बार कांवर यात्रा को अनुमति नहीं मिली है। अभी बहुत ज्यादा तो नहीं लेकिन थोड़े बहुत माल मंगा लिया हूं, जिसकी बिक्री न होने पर नुकसान होने की सभांवना बन गई है। - बजरंगी, कपड़ा व्यवसायी।
पूजन सामग्री की बिक्री पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा। कांवर यात्रा स्थगित रहने के चलते शिव भक्तों द्वारा जो कांवर खरीदा जाता था उसकी बिक्री जरूर प्रभावित होगी लेकिन पूजन की अन्य सामग्री की बिक्री तो होगी ही क्योकि शिव भक्त घर पर तो भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक तो करेंगे ही। - राधेश्याम, पूजन सामग्री विक्रेता।