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शंभूपुर हत्याकांड : पांच मौतों के आठ दिन बाद भी गांव में सन्नाटा
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अहरौला के शंभूपुर गांव में इसी घर में हुई थी हत्या। संवाद
थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में पूजा के दौरान हुई तीन हत्याओं और उसके बाद आरोपी अरविंद सिंह के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने से पांच मौतें हो चुकी हैं।
घटना के आठ दिन बाद भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस की निगरानी जारी है। ग्रामीण इस हत्याकांड और आरोपी के बेटे शौर्य की मौत से गहरे सदमे में हैं।
घटना वाले घर में ताला लगा है और परिवार के सदस्य गांव छोड़कर सुल्तानपुर में रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। परिवार में आठ महिलाएं बची हैं, जिनमें अरविंद की बेटियां परी (11) और शांभवी (11 माह) भी शामिल हैं।
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आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने परी और शांभवी को गोद लेने की बात कही है। सोमवार को अहरौला से उनके लिए कपड़े और अन्य सामग्री सुल्तानपुर भेजी गई। गांव में घटना के मूल कारण को लेकर चर्चाएं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अरविंद के साथ जो हुआ वह सही था, लेकिन उसके बेटे शौर्य की मौत दर्दनाक है। विवेचक रफी अहमद घटना के साक्ष्य जुटाने और ग्रामीणों के प्रत्यक्षदर्शी बयान दर्ज करने में लगे हैं। मंगलवार को भी विवेचक ने थानाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा से मुलाकात की।
पंडित अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक के परिवारों से अभिभावक की छत्रछाया छिन गई है। बच्चों के भरण-पोषण के लिए भी समस्याएं पैदा हो गई हैं। आरोपी अरविंद के परिवार में बची आठ महिलाएं और बच्चे सुल्तानपुर में हैं।
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घटना के आठ दिन बाद भी गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और पुलिस की निगरानी जारी है। ग्रामीण इस हत्याकांड और आरोपी के बेटे शौर्य की मौत से गहरे सदमे में हैं।
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घटना वाले घर में ताला लगा है और परिवार के सदस्य गांव छोड़कर सुल्तानपुर में रिश्तेदारों के घर चले गए हैं। परिवार में आठ महिलाएं बची हैं, जिनमें अरविंद की बेटियां परी (11) और शांभवी (11 माह) भी शामिल हैं।
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आजमगढ़ के पुलिस अधीक्षक ने परी और शांभवी को गोद लेने की बात कही है। सोमवार को अहरौला से उनके लिए कपड़े और अन्य सामग्री सुल्तानपुर भेजी गई। गांव में घटना के मूल कारण को लेकर चर्चाएं हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अरविंद के साथ जो हुआ वह सही था, लेकिन उसके बेटे शौर्य की मौत दर्दनाक है। विवेचक रफी अहमद घटना के साक्ष्य जुटाने और ग्रामीणों के प्रत्यक्षदर्शी बयान दर्ज करने में लगे हैं। मंगलवार को भी विवेचक ने थानाध्यक्ष रामकिशोर शर्मा से मुलाकात की।
पंडित अखिलेश मिश्रा और महेंद्र पाठक के परिवारों से अभिभावक की छत्रछाया छिन गई है। बच्चों के भरण-पोषण के लिए भी समस्याएं पैदा हो गई हैं। आरोपी अरविंद के परिवार में बची आठ महिलाएं और बच्चे सुल्तानपुर में हैं।