UP: प्रधानी की रंजिश में की थी बाप और बेटे की हत्या, सात दोषियों को आजीवन कारावास; घेर कर मारी थी गोली
Azamgarh News: ग्राम प्रधान चुनाव की रंजिश में 13 अगस्त 2020 को हीरालाल उर्फ मिठाई और उनके बेटे तेज कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में अदालत ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष के आठ गवाहों के बयान दर्ज किए। दोष सिद्ध होने पर प्रत्येक आरोपी पर 1,01,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।
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UP Crime News: आजमगढ़ जिला एवं सत्र न्यायाधीश जय प्रकाश पांडेय की अदालत ने बुधवार को पांच साल नौ महीने पहले देवगांव थाना क्षेत्र में हीरालाल उर्फ मिठाई और उनके बेटे तेज कुमार की हत्या के मामले में पूर्व प्रधान कमली देवी, प्रदीप उर्फ दिलीप, सुरेंद्र, लाल बहादुर, उमेश यादव, अजय यादव और रणजीत को दोषी करार दिया। अदालत ने दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही हर दोषी पर 1,01,500 रुपये का जुर्माना लगाया। अभियोजन के मुताबिक, हत्या ग्राम प्रधान के चुनाव की रंजिश में की गई थी।
देवगांव थाना क्षेत्र के अकबेलपुर नाउपुर गांव निवासी संतरा देवी 13 अगस्त 2020 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस को तहरीर देकर संतरा ने बताया था कि पति हीरालाल उर्फ मिठाई और दो बेटों के साथ दवा लेने लालगंज बाजार गई थीं। लौटते समय घोड़सहना गांव में फेंकू यादव के घर के सामने रास्ता रोक लिया गया।
कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया
प्रधानी के चुनाव की रंजिश में हीरालाल और बेटे तेज कुमार को घर के अंदर ले जाया गया जबकि संतरा देवी और उसके दूसरे बेटे विनोद को घर के बाहर रखा गया। इसी बीच चौकी गांव के लाल बहादुर, अजय, मुसऊपुर रुद्रपुर गांव के उमेश यादव, रणजीत और उसकी मां कमली आ गई। बातचीत चल ही रही थी तभी पीछे से आए प्रदीप उर्फ दिलीप और सुरेंद्र ने हीरालाल को गोली मार दी। इससे बेटा तेज कुमार घबरा गया और घर से निकल कर भागने लगा लेकिन कमली देवी, उमेश व अजय ने उसे घेर लिया।
इसके बाद लाल बहादुर और रणजीत ने तेज कुमार को भी गोली मार दी। गोली लगने से हीरालाल उर्फ मिठाई और तेज कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी की और अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। अदालत में सुनवाई के दौरान फेंकू यादव का निधन हो गया। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता ने आठ गवाह पेश किए।