{"_id":"5dc99ee58ebc3e5b3b72a660","slug":"seek-proposal-for-free-land-for-the-university-azamgarh-news-vns493850689","type":"story","status":"publish","title_hn":"विवि के लिए और निशुल्क भूमि का प्रस्ताव मांगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विवि के लिए और निशुल्क भूमि का प्रस्ताव मांगा
विज्ञापन
आजमगढ़। जनपद के मोहब्बतपुर में राज्य विश्वविद्यालय के लिए 36.58 एकड़ निशुल्क भूमि उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध कराई जा चुकी है, लेकिन उच्चा शिक्षा विभाग की ओर से और निशुल्क भूमि की मांग की जा रही है। विभाग का कहना है कि चयनित भूमि के आसपास भी और निशुल्क भूमि मिलती है को शैक्षिक और आवासीय कैंपस अलग-अलग स्थापित किया जा सकता है।
लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार की ओर से जनपद में राज्य विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए आवश्यक 50 एकड़ निशुल्क भूमि की मांग की गई थी। जिला प्रशासन की ओर से काफी मशक्कत के बाद सदर तहसील के मोहब्बतपुर में 36.58 एकड़ निशुल्क भूमि उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। इसमें 2.491 हेक्टेयर भूमि पहले वन विभाग की बताई जा रही थी। लेकिन तहसील पवन कुमार सिंह ने जांच के बाद बताया था उक्त भूमि भी ग्राम समाज की ही है। इसे वन विभाग को पौधे लगाने के लिए दिया गया था, लेकिन भूमि अभी भी ग्राम समाज के नाम दर्ज है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर रमेश कुमार की ओर से डीएम को पत्र भेजकर चयनित स्थान के आसपास और निशउल्क भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि प्रस्तावित थल के सन्निकट निशुल्क भूमि मिलती है तो आवासीय और शैक्षिक कैंपस अलग-अलग स्थापित किया जा सकता है। हालांकि एसडीएम प्रशांत नायक का कहना है कि आसपास के तीन गांवों में जांच की जा चुकी है। कहीं और निशुल्क जमीन दिखाई नहीं दे रही है।
विज्ञापन
लोकसभा चुनाव से पहले प्रदेश सरकार की ओर से जनपद में राज्य विद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई थी। इसके लिए आवश्यक 50 एकड़ निशुल्क भूमि की मांग की गई थी। जिला प्रशासन की ओर से काफी मशक्कत के बाद सदर तहसील के मोहब्बतपुर में 36.58 एकड़ निशुल्क भूमि उच्च शिक्षा विभाग को उपलब्ध करा दी गई है। इसमें 2.491 हेक्टेयर भूमि पहले वन विभाग की बताई जा रही थी। लेकिन तहसील पवन कुमार सिंह ने जांच के बाद बताया था उक्त भूमि भी ग्राम समाज की ही है। इसे वन विभाग को पौधे लगाने के लिए दिया गया था, लेकिन भूमि अभी भी ग्राम समाज के नाम दर्ज है। वहीं, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव आर रमेश कुमार की ओर से डीएम को पत्र भेजकर चयनित स्थान के आसपास और निशउल्क भूमि उपलब्ध कराने की मांग की गई है। उनका कहना है कि प्रस्तावित थल के सन्निकट निशुल्क भूमि मिलती है तो आवासीय और शैक्षिक कैंपस अलग-अलग स्थापित किया जा सकता है। हालांकि एसडीएम प्रशांत नायक का कहना है कि आसपास के तीन गांवों में जांच की जा चुकी है। कहीं और निशुल्क जमीन दिखाई नहीं दे रही है।
विज्ञापन