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फायर सिलेंडर के भरोसे हो रही अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था

Sun, 07 Aug 2022 12:15 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2022 12:15 AM IST
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Security system of hospitals relying on fire cylinder
आजमगढ़। हाल ही में जबलपुर के एक अस्पताल में हुई अगलगी की घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी। आए दिन अस्पतालों और शॉपिंग मालों में आगलगी की घटनाएं होती हैं लेकिन इसके बाद भी जिले के जिम्मेदार लापरवाह बन हुए हैं। कुछ नये अस्पतालों को छोड़ दें तो सारे अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था राम भरोसे है। सिर्फ फायर सिलेंडर के भरोसे अस्पतालों की सुरक्षा हो रही है। वह भी बहुत कम संख्या में लगे हुए हैं। जनपद में कुल 554 अस्पतालों निजी अस्पताल, डायग्नोस्टिक सेंटर और पैथालाजी सेंटरों का संचालन हो रहा है। इनमें 15 डायग्नोस्टिक सेंटर, 104 पैथॉलाजी और 435 प्राइवेट अस्पताल संचालित होते हैं। अगर हम इन अस्पतालों में अगलगी से सुरक्षा की व्यस्थाओं को देखें तो कुछ अस्पतालों को छोड़कर कोई भी अस्पताल सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरता है। वहीं सरकारी बात करें तो जिले में कुल 102 सरकारी अस्पताल हैं। जिसमें चार बड़े अस्पताल हैं। जनपद में कुल 26 सीएचसी और 72 पीएचसी हैं। इन अस्पतालों में अगर अगलगी से सुरक्षा व्यवस्थाओं को देखें तो सिर्फ सौ शैय्या युक्त अस्पताल जो हाल में बने हैं उनको छोड़कर किसी में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नही हैं। फायर सिलेंडर के सहारे इन अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जा रही है। सबकुछ जानते हुए भी जिम्मेदार मौन साधे हुए हैं। सबसे बड़ी बात तो यह है कि मंडलीय जिला अस्पताल में वार्डों में कहीं भी फायर सिलेंडर नहीं लगे हैं। अगर कहीं लगे हैं तो वह अस्पताल कर्मियों के बैठने वबले कमरे में लगे हैं। वहीं महिला अस्पताल में चार चिकित्सकों की ओपीडी एक स्थान पर होती है। चारों के लिए मात्र फायर सिलेंडर लगाकर सुरक्षा की जा रही है।
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कई बार फायर सिस्टम के लिए हो चुका है सर्वे
आजमगढ़। मंडलीय अस्पताल हो या जिला महिला अस्पताल दोनों में आग के दौरान सुरक्षा के उपाय करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से नोटिस जारी किया जा चुका है। कई बार इस सिस्टम को लगाने के लिए सर्वे भी किया जा चुका है। लेकिन अब तक दोनों ही अस्पतालों में फायर सिस्टम नहीं लग सका है।
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मुख्य अग्निशमन अधिकारी सत्येंद्र पांडेय ने कहा कि जिले के कुछ अस्पतालों ने फायर सिस्टम लगवा रखा है। लेकिन बहुत से अस्पताल ऐसे हैं जिन्होंने फायर सिस्टम नहीं लगवाया है। हमारी ओरसे ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर फायर सिस्टम लगाने का निर्देश दिया जाता है। अब कितने अस्पतालों में यह लगा है मुझे इसकी जानकारी नहीं है। हमारी ओर से किसी को एनओसी जारी नहीं की गई है। वहीं सीएमओ डॉ. आईएन तिवारी ने कहा कि जिले में जितने भी प्राइवेट अस्पतालों को लाइसेंस जारी किया गया है, सभी के द्वारा अग्निशमन विभाग की एनओसी दी गई है। बिना एनओसी के हमारी ओर से कोई लासेंस जारी नहीं किया है। रही बात सरकारी अस्पतालों में अग्नि शमन यंत्र लगाने की तो नए बन रहे अस्पतालों में यह लग रहा है। पुराने अस्पतालों में भी इसकी व्यवस्था की जा रही है।
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