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जयंती पर तिलक और आजाद को किया नमन

Thu, 23 Jul 2020 11:18 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 23 Jul 2020 11:18 PM IST
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Salute to Tilak and Azad on Jayanti
शहर के एलवल मुहल्ले में लोक मान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद जी की जयंती पर आयोजित गोष्ठी ? - फोटो : AZAMGARH
आजमगढ़। ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के महामंत्री ब्रजेश नंदन पांडेय के एलवल स्थित आवास पर बृहस्पतिवार को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक और चंद्रशेखर आजाद की जयंती मनाई गई। जयंती पर नमन कर लोगों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की।
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ब्रजेश नंदन पांडेय ने कहा कि तिलक बहुयामी प्रतिभा धनी थे। उन्होंने एक आदर्श शिक्षक, सफल पत्रकार, दूरदर्शी राजनेता तथा महान समाज सुधारक के रूप में इस देश की सेवा की। तिलक ने इस देश की जनता के मन में विश्वास पैदा किया कि कर्म का राष्ट्रीय फल स्वराज्य है। उन्हें स्वदेशी आंदोलन का सच्चा जन्मदाता कहा जा सकता है। गीतारहस्य नामक विश्व विख्यात पुस्तक तिलक ने जेल में लिखी थी। इसके माध्यम से उन्होंने देश की राजनीति को स्वराज्य की ओर प्रेरित किया। कांग्रेस के गरम दल के नेताओं में उनका प्रमुख स्थान था। अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का जन्म 23 जुलाई 1906 में मध्य प्रदेश के झाबुआ जनपद के भावरा ग्राम में हुआ था। सांडर्स की हत्या में प्रमुख भूमिका के निर्वहन के कारण चंद्रशेखर आजाद का नाम भारतीय स्वतंत्रता के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस मौके पर मनोज कुमार त्रिपाठी, विश्वदेव उपाध्याय, सतीश मिश्र, संजय पांडेय, गिरिजा सुवन पांडेय आदि उपस्थित थे।
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चंद्रशेखर आजाद प्रत्येक जवान और भारतीय के आदर्श
आजमगढ़। नाम आजाद, पिता का नाम स्वतंत्रता, पता जेलखाना बताने वाले आजादी के महानायक अमर बलिदानी चंद्रशेखर आजाद की जयंती भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हर्रा की चुंगी पर स्थापित चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर मनाई। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला सचिव निशित रंजन तिवारी ने कहा कि शेर ए हिंदुस्तान चंद्रशेखर आजाद जीवन भर आजादी के लिए संघर्ष किए। इन्हें जब यह लगा की अंग्रेज अनुरोध व प्रार्थना से नहीं जाने वाले तो अहिंसात्मक आंदोलन का रास्ता छोड़कर अपने टीम के साथियों के साथ हिंसा का रास्ता अपना लिया। इनकी गिरफ्तारी के लिए अंग्रेजी हुकूमत ने इनाम की घोषणा कर रखी थी। पता लगा इनका एक साथी आर्थिक रूप से काफी परेशान है तो उन्होंने कहा कि अगर मेरी गिरफ्तारी का इनाम मेरे साथी को मिल जाए तो मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं। चंद्रशेखर आजाद प्रत्येक जवान व जागरूक भारतीय के आदर्श हैं। पूरा देश इनका ऋणी है। सुनील वर्मा, सोनू मिश्रा, रामजन्म, अनूप श्रीवास्तव, शरद वर्मा, मधुरेश यादव उपस्थित रहे।
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