अजमतगढ़ विकास खंड के डिघवानिया काजी गांव में ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा विकास कार्य दिखाकर लाखों रुपये का भुगतान करा लिया गया। अपर आयुक्त के निर्देश पर कार्रवाई भी की गई है। साथ ही उनके खिलाफ एफआआर दर्ज कराई गई है। मामले में ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ मोती सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए मामले की जांच करने के लिए निर्देश दिए हैं। इसके बाद ही कार्रवाई करने को कहा है।
ग्राम्य विकास मंत्री राजेंद्र प्रताप सिंह द्वारा जारी किए गए पत्र के मुताबिक, अपर आयुक्त ने अनियमितता मिलने पर खंड विकास अधिकारी अजमतगढ़, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजमतगढ़, ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सचिव एवं तकनीकी सहायक एवं ग्राम रोजगार सेवक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी अजमतगढ़, तकनीकी सहायक डिघबनिया काजी, ग्राम रोजगार सेवक डिघगबनिया काजी एवं डिघबनिया मझौआ की सेवा समाप्त करने के निदेश दिए थे। ग्राम्य विकास मंत्री ने पत्र के माध्यम से अवगत कराया कि उक्त प्रकरण में जनपद के कई जनप्रतिनिधियों द्वारा उनसे संपर्क किया गया है। उनका कहना है कि निरीक्षण की कार्रवाई सही ढंग से नहीं की गई है। अभिलेखों का परीक्षण भी निरीक्षण के दौरान सही ढंग से नहीं किया गया है। खंड विकास अधिकारी अजमतगढ़ रशाद अहमद की पत्नी तबस्सुम नाजमी द्वारा भी प्रार्थना पत्र देते हुए पुन: जांच कराने का अनुरोध किया है। उपश्रमायुक्त श्रम रोजगार आजमगढ़ मिथिलेश तिवारी ने बताया कि ग्राम्य विकास मंत्री का एक पत्र जिलाधिकारी को जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि मामले की विधिवत जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई करें।