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रोडवेज की लाखों की आमदनी, सुविधाएं हवा-हवाई

Mon, 01 Aug 2022 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 01 Aug 2022 11:54 PM IST
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Roadways revenue of lakhs, facilities air-air
आजमगढ़। शहर की सड़कों पर खटारा बसें दौड़ रही हैं। बिना फिटनेस के चल रही इन बसों से यात्रियों की जान पर हमेशा खतरा मंडरा रहा है। लंबी दूरी का सफर तय करने वाली बसों का शीशा टूटा रहता है। बैठने की सीट भी ठीक नहीं है। वहीं परिवहन निगम की मानें तो सुरक्षा की दृष्टि से अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स आदि होने चाहिए, लेकिन अधिकांश बसों में यह व्यवस्था भी नहीं है। जनपद से वर्तमान में सात डिपो की कुल 403 बसों का संचालन होता है। जिनसे एक दिन में 36 लाख रुपये की आमदनी होती है। वहीं अगर रोडवेज की एक महीने की आय देखें तो यह हर महीने 11 से 12 करोड़ रुपये होती है। वहीं अगर यात्री सुविधाओं की बात करें तो वह नदारत हैं। गर्मी, जाड़ा और बरसात के महीने में यात्री इन बसों से सफर करते हैं। लेकिन किसी बस के शीशे टूटे हैँ तो किसी की सीट फटी या टूटी हुई है। किसी तरह से यात्री इन बसों से सफर करते हैं। बरसात के मौसम में बसों की छत से टपकता पानी यात्रियों का बसों में बैठना दूभर कर देता है। इतना ही नहीं परिवहन निगम की बसों में यात्री सुरक्षा का भी मखौल उड़ाया जा रहा है। ज्यादातर बसों में अग्नि से सुरक्षा के लिए सीस फायर तक नहीं लगा है।
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डिपोवार बसों की स्थिति
डिपो निगम अनुबंधित
आजमगढ़ 77 01
अंबेडकर नगर 73 07
बलिया 53 26
बेल्थरा रोड 38 01
दोहरीघाट 50 00
मऊ 49 01
शाहगंज 31 00
रोज 13 और महीने में 31 बिंदुओं की होती है जांच
आजमगढ़। परिवहन निगम की मानें तो प्रतिदिन बसों की 13 बिंदुओं की जांच वर्कशॉप में होती है। इसमें गियर बॉक्स, शीशा, टायर की हवा आदि शामिल हैं। वहीं महीने में इंजन सहित 31 बिंदुओं की जांच होती है, लेकिन यह केवल खानापूर्ति ही दिखती है, क्योंकि शीशे, टूल बॉक्स आदि टूटी अवस्था में ही पड़े रहते हैं। बरसात में अधिकतर बसों में या तो वाइपर नहीं हैं अथवा ठीक से काम नहीं कर रहे हैं।
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यात्रा कर रहे राधेश्याम ने बताया कि परिवहन विभाग द्वारा बसों का भाड़ा तो बढ़ाया जा रहा है लेकिन हमारी सुविधाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जिससे सफर में परेशानी होती है। वहीं चंद्रदेव का कहना है कि बहुत सी बसों के शीशे टूटे हुए हैं। जिन्हें नहीं लगाया जा रहा है। जिसके कारण बस में लोगों को धूप और बरसात के मौसम में परेशानी का सामना करना पड़ता है। उधर, संतोष का कहना है कि रोजाना जिले से हजारों लोग आवागमन करते हैं। परिवहन विभाग द्वारा भाड़ा तो पूरा वसूला जाता है लेकिन यात्रियों को बसों में बैठने के लिए फटी सीट ही मिलती है। रवींद्र का कहना है कि परिवहन निगम की ज्यादातर बसें खटारा हो चुकी है। जो अक्सर रास्ते में खड़ी हो जाती हैं। जिसके कारण यात्रियों को परेशानी होती है। इस मामले में आरएम रोडवेज केशरी नंदन चौधरी का कहना है कि वर्तमान में आजमगढ़ से सात डिपो के जरिए 403 बसों का संचालन होता है। जिनसे एक दिन में 36 लाख रुपये की आमदनी होती है। हमारी ओर से बसों की दशा में सुधार करने का प्रयास किया जाता है। टूटे शीशों को भी बदला जाता है लेकिन रास्तों की खराब हालत के कारण अक्सर शीशे टूट जाते हैं।
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