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Azamgarh News: रेलवे स्टेशन जाने वाले मार्गों का हाल बेहाल
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खुरासन रोड रेलवे स्टेशन का मुख्य गेट पर गिट्टियां डाल कर छोड़ दिया गया ।संवाद
शहरी आजमगढ़ के साथ सरायमीर, खुरासन रोड व सठियांव रेलवे स्टेशन हैं। इसके अलावा सिधारी और रानी की सराय दो हाल्ट भी हैं। इन स्टेशनों व हाल्टों तक पहुंचने में लोगों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है।
सबसे बुरी हालत हाल्टों की है। यहां तक पहुंचने के लिए रास्ते तो हैं, पर रात में ट्रेन पकड़ने के लिए इन रास्तों पर अंधेरा पसरा रहता है। वहीं, सठियांव रेलवे स्टेशन को जाने वाले मार्ग पर ठेले वालों का कब्जा रहता है।
इससे स्टेशन तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूटते हैं। वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के मोड़ पर अक्सर ई-रिक्शा और ऑटो से जाम की स्थिति बनी रहती है।
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मुख्य गेट पर गिट्टी डालकर छोड़ा
फूलपुर। खुरासन रोड रेलवे स्टेशन को अमृत योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है। स्टेशन का मुख्य गेट पर काफी दिनों से गिट्टी डाल कर छोड़ दिया गया है। इसके चलते यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इसके पूर्व मुख्य गेट पर बरसात का पानी इकट्ठा रहता था। यहां रेलवे ने गड्ढे में गिट्टियां डालकर भर तो दिया है, लेकिन इसे पिच नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को आवागमन के दौरान पैरों में गिट्टियां चुभती हैं। ट्रेनों के आने के दौरान यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। संवाद
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स्टेशन मार्ग पर दुकानों का कब्जा
मुबारकपुर। रेशमी नगरी मुबारकपुर से मात्र छह किलोमीटर दक्षिण की ओर रेलवे स्टेशन सठियांव पर यात्रियों को सुविधा के दृष्टिगत दो प्लेटफॉर्म हैं। सठियांव चौराहा-रेलवे स्टेशन तक मार्ग पिच और ठीकठाक है, जबकि मुख्य चौराहे से रेलवे स्टेशन मार्ग पर ठेला-खोमचा-सब्जी की दुकानों से मार्ग पटा पड़ा है। इससे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। जाम के चलते आए दिन यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। संवाद
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हॉल्ट जाने वाले लिंक रोड पर रहता है सन्नाटा
रानी की सराय। बाजार से उत्तर तरफ 200 मीटर की दूरी पर हाल्ट है। यहां सुबह-शाम पैसेंजर ट्रेन का ठहराव होता है। इसके बाद यहां सन्नाटा पसर जाता है। बाजार से हॉल्ट को जाने के लिए लिंक रोड हालांकि ठीक बना है, पर रोड पर अक्सर अंधेरा पसरा रहता है। हॉल्ट पर भी यात्री सुविधाओं का अभाव है। यहां शौचालय जर्जर हालत में पड़ा है। हॉल्ट पर यात्रियों के लिए पांच इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगे हैं, पर वर्तमान में मात्र एक ही चल रहा है। संवाद
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सड़क पर अंधेरा होने से परेशानी
सरायमीर। स्थानीय रेलवे स्टेशन वाली सड़क तो ठीक बनी हुई है, पर यहां रात्रि में अंधेरा पसरा रहता है। लाइटों की उचित व्यवस्था न होने के चलते लोगों को परेशानी होती है। रात्रि में ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। वहीं, परिसर में नगर पंचायत के नाला का गंदा पानी इकट्ठा होकर सड़ रहा है, जिससे बदबू निकल रही है। नगर पंचायत द्वारा आगे नाला का निर्माण न कराए जाने से गंदा पानी परिसर में ही जमा हो रहा है। संवाद
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रेलवे स्टेशन सठियांव के लिए आने-जाने में चौराहे से यात्रियों की मुसीबत शुरू होती है। जाम से यात्रियों को जूझना पड़ता है। स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं का अभाव है। -सत्येन्द्र, मुबारकपुर।
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स्टेशन मार्ग पर जाम के चलते आने-जाने में काफी समय लग जा रहा है। आधी रोड पर निजी दुकानदारों का कब्जा है। स्टेशन पर भी यात्री सुविधाएं नदारद हैं। -मनजीत राजभर, मुबारकपुर।
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अमृत योजना के तहत काम चल रहा है, लेकिन काफी दिनों से स्टेशन पर जाने के लिए मुख्य गेट पर गिट्टी होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जब ट्रेनें आती हैं तो मुख्य द्वार सकरा होने के चलते जाम लग जाता है। -रामआसरे वर्मा, फूलपुर।
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रेलवे स्टेशन पर आधा दर्जन से अधिक मेल ट्रेनों का आवागमन रहता है। काफी संख्या में यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए मुख्य गेट से गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर गिट्टी रहने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। मुख्य गेट मार्ग को पिच करने की आवश्यकता है। -गोविंद यादव, फूलपुर।
-- वर्जन
यात्रियों को यात्री सुविधाएं मुहैया कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। रेलवे की सड़क खराब हो या अतिक्रमण हो तो समस्या का समाधान कराया जाएगा। -महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी।
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सबसे बुरी हालत हाल्टों की है। यहां तक पहुंचने के लिए रास्ते तो हैं, पर रात में ट्रेन पकड़ने के लिए इन रास्तों पर अंधेरा पसरा रहता है। वहीं, सठियांव रेलवे स्टेशन को जाने वाले मार्ग पर ठेले वालों का कब्जा रहता है।
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इससे स्टेशन तक पहुंचने में लोगों के पसीने छूटते हैं। वाराणसी-आजमगढ़ मुख्य मार्ग से आजमगढ़ रेलवे स्टेशन के मोड़ पर अक्सर ई-रिक्शा और ऑटो से जाम की स्थिति बनी रहती है।
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मुख्य गेट पर गिट्टी डालकर छोड़ा
फूलपुर। खुरासन रोड रेलवे स्टेशन को अमृत योजना के तहत अपग्रेड किया जा रहा है। स्टेशन का मुख्य गेट पर काफी दिनों से गिट्टी डाल कर छोड़ दिया गया है। इसके चलते यात्रियों को आने-जाने में दिक्कत होती है। इसके पूर्व मुख्य गेट पर बरसात का पानी इकट्ठा रहता था। यहां रेलवे ने गड्ढे में गिट्टियां डालकर भर तो दिया है, लेकिन इसे पिच नहीं किया गया है। इसके चलते यात्रियों को आवागमन के दौरान पैरों में गिट्टियां चुभती हैं। ट्रेनों के आने के दौरान यहां जाम की स्थिति बनी रहती है। संवाद
स्टेशन मार्ग पर दुकानों का कब्जा
मुबारकपुर। रेशमी नगरी मुबारकपुर से मात्र छह किलोमीटर दक्षिण की ओर रेलवे स्टेशन सठियांव पर यात्रियों को सुविधा के दृष्टिगत दो प्लेटफॉर्म हैं। सठियांव चौराहा-रेलवे स्टेशन तक मार्ग पिच और ठीकठाक है, जबकि मुख्य चौराहे से रेलवे स्टेशन मार्ग पर ठेला-खोमचा-सब्जी की दुकानों से मार्ग पटा पड़ा है। इससे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ता है। जाम के चलते आए दिन यात्रियों की ट्रेन भी छूट जाती है। संवाद
हॉल्ट जाने वाले लिंक रोड पर रहता है सन्नाटा
रानी की सराय। बाजार से उत्तर तरफ 200 मीटर की दूरी पर हाल्ट है। यहां सुबह-शाम पैसेंजर ट्रेन का ठहराव होता है। इसके बाद यहां सन्नाटा पसर जाता है। बाजार से हॉल्ट को जाने के लिए लिंक रोड हालांकि ठीक बना है, पर रोड पर अक्सर अंधेरा पसरा रहता है। हॉल्ट पर भी यात्री सुविधाओं का अभाव है। यहां शौचालय जर्जर हालत में पड़ा है। हॉल्ट पर यात्रियों के लिए पांच इंडिया मार्का हैंडपंप तो लगे हैं, पर वर्तमान में मात्र एक ही चल रहा है। संवाद
सड़क पर अंधेरा होने से परेशानी
सरायमीर। स्थानीय रेलवे स्टेशन वाली सड़क तो ठीक बनी हुई है, पर यहां रात्रि में अंधेरा पसरा रहता है। लाइटों की उचित व्यवस्था न होने के चलते लोगों को परेशानी होती है। रात्रि में ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को मुसीबत झेलनी पड़ती है। वहीं, परिसर में नगर पंचायत के नाला का गंदा पानी इकट्ठा होकर सड़ रहा है, जिससे बदबू निकल रही है। नगर पंचायत द्वारा आगे नाला का निर्माण न कराए जाने से गंदा पानी परिसर में ही जमा हो रहा है। संवाद
रेलवे स्टेशन सठियांव के लिए आने-जाने में चौराहे से यात्रियों की मुसीबत शुरू होती है। जाम से यात्रियों को जूझना पड़ता है। स्टेशन पर भी यात्री सुविधाओं का अभाव है। -सत्येन्द्र, मुबारकपुर।
स्टेशन मार्ग पर जाम के चलते आने-जाने में काफी समय लग जा रहा है। आधी रोड पर निजी दुकानदारों का कब्जा है। स्टेशन पर भी यात्री सुविधाएं नदारद हैं। -मनजीत राजभर, मुबारकपुर।
अमृत योजना के तहत काम चल रहा है, लेकिन काफी दिनों से स्टेशन पर जाने के लिए मुख्य गेट पर गिट्टी होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है। जब ट्रेनें आती हैं तो मुख्य द्वार सकरा होने के चलते जाम लग जाता है। -रामआसरे वर्मा, फूलपुर।
रेलवे स्टेशन पर आधा दर्जन से अधिक मेल ट्रेनों का आवागमन रहता है। काफी संख्या में यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए मुख्य गेट से गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर गिट्टी रहने से लोगों को आने-जाने में दिक्कत होती है। मुख्य गेट मार्ग को पिच करने की आवश्यकता है। -गोविंद यादव, फूलपुर।
यात्रियों को यात्री सुविधाएं मुहैया कराना रेलवे की जिम्मेदारी है। रेलवे की सड़क खराब हो या अतिक्रमण हो तो समस्या का समाधान कराया जाएगा। -महेश गुप्ता, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी।