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सरकारी जमीनों के अभिलेखों की होगी जांच, कमेटी गठित
आजमगढ़/ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:49 PM IST
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जांच
- फोटो : demopic
आजमगढ़। राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से सरकारी अभिलेखों में गड़बड़ी कर सरकारी और ग्राम सभा की जमीनों पर कब्जा करने के खेल पर अब प्रशासन की नजर टिक गई है। पिछले दिनों जांच के दौरान पाया गया कि लगभग एक हजार एकड़ जमीन पर फर्जी तरीके से अभिलेख तैयार कर कब्जा किया गया है।
स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 1359 के बाद सरकारी जमीनों के अभिलेख में हुए प्रविष्टि की जांच के टीम का गठन कर दिया है। इससे अवैध कब्जाधारियों और कर्मचारियों हड़कंप मचा हुआ है।
जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि जनपद में सरकारी और गांव सभा भूमि पर अभिलेखों में प्रविष्टियां कर हेरा-फेरी की गई है।
ग्राम सभा को क्षति पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम गंभीरवन, मंगरावा रायपुर, रानीपुर रजमों, गुरेहथा, गहजी, सरायमोहन आदि गांवों की जांच में सामने आया कि मिलीभगत से सरकारी भूमि पर फर्जी ढ़ंग से अमलदरामद करा लिया गया है।
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जांच के बाद लगभग 1000 एकड़ ग्राम सभा की भूमि से फर्जी प्रविष्टियों निरस्त कर उसे ग्राम सभा में निहित कर दिया गया है। हालात को देखते हुए 1359 के पूर्व राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि की स्थिति और 1359 के बाद उसमें हुई प्रविष्टि की जांच के लिए जिला स्तर पर मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
इसमें बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उप जिलाधिकारी सदर, जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल एवं राजस्व को सदस्य नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि जनपद के सभी ग्रामों के राजस्व अभिलेखों का सत्यापन करके एक माह के अंदर अपनी आख्या उपलब्ध कराना सुनिशिो्चत करें।
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स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने 1359 के बाद सरकारी जमीनों के अभिलेख में हुए प्रविष्टि की जांच के टीम का गठन कर दिया है। इससे अवैध कब्जाधारियों और कर्मचारियों हड़कंप मचा हुआ है।
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जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि जनपद में सरकारी और गांव सभा भूमि पर अभिलेखों में प्रविष्टियां कर हेरा-फेरी की गई है।
ग्राम सभा को क्षति पहुंचाई जा रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम गंभीरवन, मंगरावा रायपुर, रानीपुर रजमों, गुरेहथा, गहजी, सरायमोहन आदि गांवों की जांच में सामने आया कि मिलीभगत से सरकारी भूमि पर फर्जी ढ़ंग से अमलदरामद करा लिया गया है।
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जांच के बाद लगभग 1000 एकड़ ग्राम सभा की भूमि से फर्जी प्रविष्टियों निरस्त कर उसे ग्राम सभा में निहित कर दिया गया है। हालात को देखते हुए 1359 के पूर्व राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि की स्थिति और 1359 के बाद उसमें हुई प्रविष्टि की जांच के लिए जिला स्तर पर मुख्य राजस्व अधिकारी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है।
इसमें बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी, उप जिलाधिकारी सदर, जिला शासकीय अधिवक्ता सिविल एवं राजस्व को सदस्य नामित किया गया है। उन्हें निर्देशित किया गया है कि जनपद के सभी ग्रामों के राजस्व अभिलेखों का सत्यापन करके एक माह के अंदर अपनी आख्या उपलब्ध कराना सुनिशिो्चत करें।